Lesson 3 – अस्माकं परिवेशः

यह पाठ हमारे आस-पास के प्राकृतिक परिवेश—उपवन, उद्यान, पेड़-पौधे, फूल, भँवरे, पक्षी और तालाब—का सुंदर चित्रण प्रस्तुत करता है। इसमें बताया गया है कि लोग बगीचे से फल लाते हैं, सुबह सूर्य के प्रकाश से उद्यान की शोभा बढ़ती है, लताओं पर फूल खिले होते हैं, कमलों पर भँवरे गूंजते हैं और तालाब में मछलियाँ तैरती हैं। सायंकाल में बच्चे उद्यान में खेलते हैं और अंत में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वायु-प्रदूषण कम करने के लिए शहर में उद्यानों का होना अत्यंत आवश्यक है।

इस पाठ से हमें सीख मिलती है कि प्रकृति हमारे जीवन का आधार है, इसलिए पेड़ों, पौधों, पक्षियों और पर्यावरण की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। उद्यान और हरियाली न केवल सौंदर्य बढ़ाते हैं बल्कि हमें स्वस्थ जीवन भी देते हैं। पर्यावरण संतुलन, स्वच्छ वायु और स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए हमें प्रकृति का सम्मान और संरक्षण करना चाहिए।

पाठ — अस्माकं परिवेशः — Sanskrit Notes (Teacher Version)

१. उपवनम् (Garden Area)

इदं उपवनं ग्रामात् बहिः अस्ति।

idaṁ upavanaṁ grāmāt bahiḥ asti. यह बगीचा गाँव से बाहर पाया जाता है।

जनाः गृहेभ्यः अत्र आगच्छन्ति।

janāḥ gṛhebhyaḥ atra āgacchanti. लोग घरों से यहाँ आते हैं।

उपवनरक्षकः कूपात् जलम् आनयति।

upavanarakṣakaḥ kūpāt jalam ānayati. बगीचे का रक्षक कुएँ से पानी लाता है।

सः जलेन वृक्षान् च सिंचति।

saḥ jalena vṛkṣān ca siñcati. वह पानी से पेड़ों को भी सींचता है।

यदा फलानि पक्वानि भवन्ति, तदा तानि वृक्षेभ्यः पतन्ति।

yadā phalāni pakvāni bhavanti, tadā tāni vṛkṣebhyaḥ patanti. जब फल पक जाते हैं, तब वे पेड़ों से गिरते हैं।

सः उपवनात् फलानि आपणं नयति।

saḥ upavanāt phalāni āpaṇaṁ nayati. वह बगीचे से फल उठाकर बाज़ार ले जाता है।

जनाः तानि आपणात् गृहं नयन्ति।

janāḥ tāni āpaṇāt gṛhaṁ nayanti. लोग वे फल बाज़ार से घर ले जाते हैं।

२. उद्यानम् (Beautiful Garden)

इदं एकं सुन्दरं उद्यानम् अस्ति।

idaṁ ekaṁ sundaraṁ udyānam asti. यह एक सुन्दर उद्यान है।

यदा प्रातः सूर्यम् प्रकाशः भवति, तदा प्रकाशेन उद्यानस्य शोभा भवति।

yadā prātaḥ sūryam prakāśaḥ bhavati, tadā prakāśena udyānasya śobhā bhavati. सुबह जब सूर्य का प्रकाश होता है, तब प्रकाश से उद्यान की शोभा बढ़ती है।

भ्रमराः कुसुमानाम् उपरि गुञ्जन्ति।

bhramarāḥ kusumānām upari guñjanti. भँवरे फूलों के ऊपर गूँजते हैं।

कोकिलाः वृक्षाणाम् उपरि कूजन्ति।

kokilāḥ vṛkṣāṇām upari kūjanti. कोयलें पेड़ों पर चहचहाती हैं।

सञ्जीवनस्य माता उद्यानं रक्षति, पादपान् सिंचति च।

sañjīvanasya mātā udyānaṁ rakṣati, pādapān siñcati ca. संजीवन की माता उद्यान की रक्षा करती है और पौधों को सींचती है।

३. उद्यान में हमारी गतिविधियाँ (Morning in the Garden)

प्रातःकाले वयं उद्यानं गच्छामः।

prātaḥkāle vayaṁ udyānaṁ gacchāmaḥ. सुबह हम उद्यान जाते हैं।

उद्यानं जनाः विचरन्ति।

udyānaṁ janāḥ vicaranti. उद्यान में लोग घूमते हैं।

उद्यानं वटः अस्ति।

udyānaṁ vaṭaḥ asti. उद्यान में बरगद है।

आयः निःश्वः अक्षयः।

āyaḥ niḥśvaḥ akṣayaḥ. यहाँ नीम और पीपल हैं। (आयः शब्द संदर्भ में देखा जाए)

अन्ये च अपि वृक्षाः सन्ति।

anye ca api vṛkṣāḥ santi. और भी कई पेड़ हैं।

खगाः वृक्षेषु निवसन्ति।

khagāḥ vṛkṣeṣu nivasanti. पक्षी पेड़ों में निवास करते हैं।

वृक्षेषु पक्वानि फलानि सन्ति।

vṛkṣeṣu pakvāni phalāni santi. पेड़ों पर पके हुए फल होते हैं।

लतासु कुसुमानि विकसितानि।

latāsu kusumāni vikāsitāni. लताओं पर फूल विकसित हुए हैं।

उद्यानं एकः तडागः अपि अस्ति।

udyānaṁ ekaḥ taḍāgaḥ api asti. उद्यान में एक तालाब भी है।

जले कमलानि विकसितानि।

jale kamalāni vikāsitāni. पानी में कमल विकसित हुए हैं।

कमलेषु भ्रमराः गुन्जन्ति।

kamaleṣu bhramarāḥ guñjanti. कमलों पर भँवरे गूँजते हैं।

तडागे मत्स्याः अपि सन्ति।

taḍāge matsyāḥ api santi. तालाब में भी मछलियाँ हैं।

सायंकाले बालकाः बालिकाः च उद्यानं क्रीडन्ति।

sāyaṅkāle bālakāḥ bālikāḥ ca udyānaṁ krīḍanti. शाम को लड़के और लड़कियाँ उद्यान में खेलते हैं।

सम्प्रति वायु-प्रदूषणस्य दूरिकरणाय नगरे उद्यानम् आवश्यकम्।

samprati vāyu-pradūṣaṇasya dūrikaraṇāya nagare udyānam āvaśyakam. वर्तमान में वायु-प्रदूषण को दूर करने के लिए शहर में उद्यान आवश्यक हैं।

शब्दार्थः (30 चुनिन्दा शब्द — pronunciation + हिन्दी अर्थ)

# संस्कृत पद Pronunciation (blue) हिन्दी अर्थ (green)
1उपवनम्upavanamबगीचा
2ग्रामात्grāmātगाँव से
3बहिःbahiḥबाहर
4जनाःjanāḥलोग
5गृहेभ्यःgṛhebhyaḥघरों से
6आगच्छन्तिāgacchantiआते हैं
7उपवनरक्षकःupavanarakṣakaḥउद्यान का रक्षक
8कूपात्kūpātकुएँ से
9जलम्jalamपानी
10सिंचतिsiñcatiसींचता/सींचती है
11फलानिphalāniफल
12पक्वानिpakvāniपके हुए
13वृक्षेभ्यःvṛkṣebhyaḥपेड़ों से
14आपणम्āpaṇamबाज़ार
15गृहंgṛhaṁघर
16उद्यानम्udyānamउद्यान/गार्डन
17प्रातःकालेprātaḥkāleसुबह के समय
18सूर्यम्sūryamसूर्य
19प्रकाशःprakāśaḥप्रकाश
20भ्रमराःbhramarāḥभँवरे/मधुमक्खियाँ
21कुसुमानाम्kusumānāmफूलों का
22कोकिलाःkokilāḥकोयलें
23पादपान्pādapānपौधों को
24तडागःtaḍāgaḥतालाब
25कमलानिkamalāniकमल
26मatsyāḥmatsyāḥमछलियाँ
27क्रीडन्तिkrīḍantiखेलते हैं
28सःsaḥवह
29सम्प्रतिsampratiवर्तमान में
30वायु-प्रदूषणvāyu-pradūṣaṇaवायु प्रदूषण

अभ्यास — (Solved with teacher explanation, pronunciation & हिन्दी अर्थ)

Teacher note (orange): इस प्रश्न का उत्तर देते समय वाक्य का कारक और सही पद-रूप देखें। पहले प्रश्न पढ़ें, फिर अर्थ समझें और फिर सही शब्द दर्ज करें।
(क) बालकाः केन क्रीडन्ति?
Question pronunciation: bālakāḥ kena krīḍanti?लड़के किससे खेलते हैं?
Teacher explanation (orange): ‘केन’ तृतीया-कारक माँगा गया है। पाठ में दिया: ‘बालकाः कन्दूकेन क्रीडन्ति’।
Solution (Sanskrit): बालकाः कन्दूकेन क्रीडन्ति।
bālakāḥ kandūkena krīḍanti.
लड़के गेंद से खेलते हैं।
(ख) छात्राः किमर्थं विद्यालयं गच्छन्ति?
Question pronunciation: chātrāḥ kimarthaṁ vidyālayaṁ gacchanti?छात्र क्यों विद्यालय जाते हैं?
Teacher explanation (orange): ‘किमर्थं’ = किस उद्देश्य से? उत्तर: ‘अध्ययनार्थम्’।
Solution (Sanskrit): छात्राः अध्ययनार्थम् विद्यालयं गच्छन्ति।
chātrāḥ adhyayanārtham vidyālayaṁ gacchanti.
छात्र अध्ययन के लिए विद्यालय जाते हैं।
(ग) फलानि केषु पतन्ति?
Question pronunciation: phalāni keṣu patanti?फल कहाँ गिरते हैं?
Teacher explanation (orange): पाठ में बताया गया: ‘फलानि वृक्षेभ्यः पतन्ति’।
Solution (Sanskrit): फलानि वृक्षेषु पतन्ति।
phalāni vṛkṣeṣu patanti.
फल पेड़ों पर/से गिरते हैं।
(घ) प्रातः कस्य प्रकाशः भवति?
Question pronunciation: prātaḥ kasya prakāśaḥ bhavati?सुबह किसका प्रकाश होता है?
Teacher explanation (orange): ‘प्रकाशः’ का कर्ता ‘सूर्य’ है।
Solution (Sanskrit): प्रातः सूर्यस्य प्रकाशः भवति।
prātaḥ sūryasya prakāśaḥ bhavati.
सुबह सूर्य का प्रकाश होता है।
(ङ) भ्रमराः कुत्र गुन्जन्ति?
Question pronunciation: bhramarāḥ kutra guñjanti?भँवरे कहाँ गुंजन करते हैं?
Teacher explanation (orange): पाठ के अनुसार ‘भ्रमराः कुसुमानाम् उपरि गुञ्जन्ति’।
Solution (Sanskrit): भ्रमराः कुसुमानाम् उपरि गुञ्जन्ति।
bhramarāḥ kusumānām upari guñjanti.
भँवरे फूलों के ऊपर गूँजते हैं।

अगले अभ्यास (रिक्त-पूर्ति / विभक्ति)

Teacher note (orange): रिक्त भरने से पहले वाक्य का अर्थ समझें और आवश्यक विभक्ति चुनें।
(क) वयं बालकान् ……………………. पश्यामः।
Pronunciation: vayaṁ bālakān ……………… paśyāmaḥ?
Explanation (orange): पाठ के अनुसार प्रयोग — ‘नेत्राभ्याम्’ (instrumental) सही है।
Solution (Sanskrit): वयं बालकान् नेत्राभ्याम् पश्यामः।
vayaṁ bālakān netrābhyām paśyāmaḥ.
हम बच्चों को दोनों आँखों से देखते हैं।
(ख) विद्यालयः ………………… भवति।
Pronunciation: vidyālayaḥ ………. bhavati?
Explanation (orange): ‘शिक्षायै’ दानादि अर्थ में प्रयोग।
Solution (Sanskrit): विद्यालयः शिक्षायै भवति।
vidyālayaḥ śikṣāyai bhavati.
विद्यालय शिक्षा के लिए होता है।
(ग) उपवनरक्षकः ………………… जलम् आनयति।
Pronunciation: upavanarakṣakaḥ ………. jalam ānayati?
Explanation (orange): पाठ में ‘कूपात्’ स्पष्ट उत्तर है।
Solution (Sanskrit): उपवनरक्षकः कूपात् जलम् आनयति।
upavanarakṣakaḥ kūpāt jalam ānayati.
उद्यान-रक्षक कुएँ से पानी लाता है।
(घ) भ्रमराः ………………… उपरि गुञ्जन्ति।
Pronunciation: bhramarāḥ ………. upari guñjanti?
Explanation (orange): ‘कुसुमानाम् उपरि’ पाठानुसार उपयुक्त है।
Solution (Sanskrit): भ्रमराः कुसुमानाम् उपरि गुञ्जन्ति।
bhramarāḥ kusumānām upari guñjanti.
भँवरे फूलों के ऊपर गूँजते हैं।
(ङ) खगाः ………………… निवसन्ति।
Pronunciation: khagāḥ ………. nivasanti?
Explanation (orange): ‘वृक्षेषु’ (locative plural) ही सही है।
Solution (Sanskrit): खगाः वृक्षेषु निवसन्ति।
khagāḥ vṛkṣeṣu nivasanti.
पक्षी पेड़ों में निवास करते हैं।

स्मरणीय श्लोक (संक्षेप और अर्थ)

आज्ञां मानय ज्येष्ठ–जनानाम्।

ājñāṁ mānaya jyeṣṭha-janānām. आज्ञा का सम्मान करें – बड़े / वरिष्ठ लोगों का।

आज्ञां मानय श्रेष्ठ–जनानाम्।

ājñāṁ mānaya śreṣṭha-janānām. आज्ञा का सम्मान करें – श्रेष्ठ लोगों का।

न कुरु विलम्बम्।

na kuru vilambam. देर मत करो।

न कुरु विलम्बं शौचेषु स्नाने।

na kuru vilambaṁ śauceṣu snāne. शौच और स्नान में विलंब मत करो।

न कुरु विलम्बं भोजन–पाने।

na kuru vilambaṁ bhojana-pāne. भोजन-पान में विलंब मत करो।

न कुरु विलम्बं उपसि विहरणे।

na kuru vilambaṁ upasi viharaṇe. उपसि (बहिर्गमन) में विलंब मत करो।

न कुरु विलम्बं विद्याग्रहे।

na kuru vilambaṁ vidyāgrahe. विद्या ग्रहण करने में विलंब मत करो।

अप्रियस्य च पथस्य वक्ता श्रेता च दुर्लभः।

apriyasya ca pathasya vaktā śretā ca durlabhaḥ. अपनी नापसंद की बातें कहने वाला और सच्चा वक्ता दुर्लभ है।

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