सारांश
पाठ में एक छात्रा चेतना अपने विद्यालय का वर्णन करती है — विद्यालय नगर में स्थित है, जहाँ सुन्दर पुस्तकालय, विशाल क्रीडाङ्गण, उद्यान और संगणककक्ष हैं। विद्यालय में पाँच कर्त्तव्यनिष्ठ शिक्षक हैं, प्रतिदिन नि:शुल्क मध्याह्नभोजन मिलते हैं और छात्रों को पुस्तकें व वस्त्र नि:शुल्क दिये जाते हैं; इस प्रकार संस्थान शिक्षण के साथ सामाजिक सेवा भी करता है।
सीख (Moral)
यह पाठ सिखाता है कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि समाज सेवा, सहायतारूपक संस्था भी है; शिक्षा, परोपकार और अनुशासन से व्यक्ति और राष्ट्र दोनों का गौरव बढ़ता है। इसलिए हमें अपने विद्यालय की व्यवस्थाओं का सम्मान करना और शिक्षा के साथ दूसरों की सहायता करने का संकल्प रखना चाहिए।
उषा-चेतना: तव विद्यालयः कुत्र अस्ति?
uṣā-cetanā: tava vidyālayaḥ kutra asti? उषा — चेतना: तुम्हारा विद्यालय कहाँ है?चेतना: मम विद्यालयः अत्र एव नगरॆ अस्ति। तत्र एकः सुन्दरः पुस्तकालयः, एकं विशालं क्रीडाङ्गणं च स्तः।
cetana: mama vidyālayaḥ atra eva nagare asti. tatra ekaḥ sundaraḥ pustakālayaḥ, ekaṁ viśālaṁ krīḍāṅgaṇaṁ ca staḥ. चेतना: मेरा विद्यालय यहीं शहर में है। वहाँ एक सुंदर पुस्तकालय और एक विशाल खेल का मैदान है।उषा: अस्तु। तव विद्यालयस्य पुस्तकालये केदृशानि पुस्तकानि सन्ति?
uṣā: astu. tava vidyālayasya pustakālaye kedṛśāni pustakāni santi? उषा: अच्छा। तुम्हारे विद्यालय के पुस्तकालय में किस प्रकार की पुस्तकें हैं?चेतना: मम विद्यालयस्य पुस्तकालये विविधानि विषयाणि पुस्तकानि सन्ति।
cetana: mama vidyālayasya pustakālaye vividhāni viṣayāṇi pustakāni santi. चेतना: मेरे विद्यालय के पुस्तकालय में विभिन्न विषयों की पुस्तकें हैं।उषा: समीचीनम्। तव विद्यालये कतिः शिक्षकाः सन्ति?
uṣā: samīcīnām. tava vidyālaye katiḥ śikṣakāḥ santi? उषा: ठीक है। तुम्हारे विद्यालय में कितने शिक्षक हैं?चेतना: मम विद्यालये पञ्च शिक्षकाः सन्ति। ते सर्वे महतीवृत्त्या: कर्त्तव्यपरायणाः, शिक्षयस्तत्त्वस्थाः सन्ति।
cetana: mama vidyālaye pañca śikṣakāḥ santi. te sarve mahatī-vṛttyāḥ karttavyaparāyaṇāḥ, śikṣayastattvasthāḥ santi. चेतना: मेरे विद्यालय में पाँच शिक्षक हैं। वे सभी कर्त्तव्यपरायण और शिक्षा-सिद्ध हैं।उषा: किं तत्र विद्यालये उद्यानानि अपि अस्ति?
uṣā: kiṁ tatra vidyālayae udyānāni api asti? उषा: क्या वहाँ उद्यान भी हैं?चेतना: एवम्। मम विद्यालये एकम् सुन्दरम् उद्यानम् अस्ति। यत्र मनोहराणि पुष्पाणि विकसितानि।
cetana: evam. mama vidyālaye ekam sundaram udyānam asti. yatra manoharāṇi puṣpāṇi vikasitāni. चेतना: हाँ। मेरे विद्यालय में एक सुंदर उद्यान है जहाँ मनोहर पुष्प विकसित हुए हैं।उषा: त्वं तत्र अन्यत् किं जानासि?
uṣā: tvaṁ tatra anyat kiṁ jānāsi? उषा: क्या तुम वहाँ और कुछ जानते हो?चेतना: मम विद्यालये सङ्गणककक्षः अपि अस्ति।
cetana: mama vidyālaye saṅgaṇakakakṣaḥ api asti. चेतना: मेरे विद्यालय में कंप्यूटर कक्ष भी है।उषा: समीचीनम्। तत् वस्त्राणि च तत्रान्य दृश्यन्ते — कुतः स्वीकृतवत्?
uṣā: samīcīnām. tat vastrāṇi ca tatrānya dṛśyante — kutaḥ svīkṛtavat? उषा: अच्छा। वहाँ कपड़े भी दिखते हैं — उन्हें कहाँ से लिया गया?चेतना: किं तवं न जानासि यत् मम विद्यालये सर्वेभ्यः छात्रेभ्यः नि:शुल्कं पुस्तकान्, ज्योतिः, पादत्राणि, वस्त्राणि च दीयन्ते।
cetana: kiṁ tvaṁ na jānāsi yat mama vidyālaye sarvebhyaḥ chātrebhyaḥ niḥśulkaṁ pustakān, jyotiḥ, pādatrāṇi, vastrāṇi ca dīyante? चेतना: क्या तुम नहीं जानते कि मेरे विद्यालय में सभी छात्रों को निःशुल्क पुस्तकें, जूते-पादत्राणि और कपड़े दिए जाते हैं?उषा: तर्हि बहु सम्यक्। एवञ्च श्रुत्वा यत् तव विद्यालये मध्याह्नभोजनम् अपि लभ्यते?
uṣā: tarhi bahu samyak. evamcha śrutvā yat tava vidyālaye madhyāhnabhojanam api labhyate? उषा: यह अच्छा है। और मैंने सुना है कि तुम्हारे विद्यालय में मध्याह्न भोजन भी मिलता है?चेतना: सत्यं मास्तु त्वया। मम विद्यालये प्रतिदिनं नि:शुल्कं भोजनं लभ्यते। एतदर्थं एका पाकशाला अस्ति। तत्र धन्यश्री सुशील किशोरी तिष्ठन्ति — भोजननिर्माणं कुर्वन्ति।
cetana: satyaṁ māstu tvayā. mama vidyālaye pratidinaṁ niḥśulkaṁ bhojanaṁ labhyate. etadarthaṁ ekā pākaśālā asti. tatra dhanyaśrī suśīla kiśorī tiṣṭhanti — bhojana-nirmāṇaṁ kurvanti. चेतना: हाँ। मेरे विद्यालय में प्रतिदिन निःशुल्क भोजन मिलता है। इसलिए एक रसोईघर है जहाँ धन्यश्री सुशील किशोरियाँ भोजन बनाती हैं।उषा: बहुत् उत्तमम्। तथैव तव विद्यालयः उत्तमः।
uṣā: bahut uttamam. tathaiva tava vidyālayaḥ uttamaḥ. उषा: बहुत अच्छा। वास्तव में तुम्हारा विद्यालय उत्तम है।चेतना: आम्। निश्चयेन मम विद्यालयः उत्तमः। मम विद्यालयस्य परीक्षाफले प्रतिवर्षं श्रेष्ठं भवति। तत्र पठित्वा अहम् आत्मानं गर्वेण अनुभवामि।
cetana: ām. niścayena mama vidyālayaḥ uttamaḥ. mama vidyālayasya parīkṣāphale prativarṣaṁ śreṣṭhaṁ bhavati. tatra paṭhitvā aham ātmānaṁ garveṇa anubhavāmi. चेतना: हाँ। निश्चय ही मेरा विद्यालय उत्कृष्ट है। परीक्षा परिणाम हर साल अच्छे आते हैं। वहाँ पढ़कर मैं अपने आप पर गर्व महसूस करती हूँ।उषा: सत्यं। पूर्वविद्या विद्यालये एव देशस्य गौरवं वर्धयति।
uṣā: satyaṁ. pūrvavidyā vidyālaye eva deśasya gauravaṁ vardhayati. उषा: सत्य है। प्रारम्भिक शिक्षा विद्यालय ही देश का मान बढ़ाती है।| # | संस्कृत | Pronunciation | हिन्दी अर्थ |
|---|---|---|---|
| 1 | विद्यालयः | vidyālayaḥ | विद्यालय |
| 2 | पुस्तकालयः | pustakālayah | पुस्तकालय |
| 3 | क्रीडाङ्गणम् | krīḍāṅgaṇam | खेल का मैदान |
| 4 | उद्यानम् | udyānam | उद्यान/गार्डन |
| 5 | पुष्पाणि | puṣpāṇi | फूल |
| 6 | विकसितानि | vikasitāni | विकसित हुए |
| 7 | सङ्गणककक्षः | saṅgaṇakakakṣaḥ | कम्प्यूटर कक्षा |
| 8 | पादत्राणि | pādatrāṇi | जूते/पादत्राण |
| 9 | नि:शुल्कम् | niḥśulkam | निःशुल्क |
| 10 | मध्याह्नभोजनम् | madhyāhnabhojanam | मध्याह्न भोजन |
| 11 | पाकशाला | pākśālā | रसोईघर |
| 12 | भोजनम् | bhojanam | भोजन |
| 13 | छात्रेभ्यः | chātrebhyaḥ | छात्रों को |
| 14 | शिक्षकाः | śikṣakāḥ | शिक्षक |
| 15 | पञ्च | pañca | पाँच |
| 16 | कर्त्तव्यपरायणाः | karttavyaparāyaṇāḥ | कर्त्तव्यपरायण |
| 17 | शिक्षयस्तत्त्वस्थाः | śikṣayastattvasthāḥ | शिक्षा के सिद्धांत में स्थित |
| 18 | सुन्दरम् | sundaram | सुन्दर |
| 19 | मनोहराणि | manoharāṇi | मनोहारी |
| 20 | धन्यश्री | dhanyaśrī | नाम (धन्यश्री) |
| 21 | सुशील | suśīla | सुभाव, विनम्र |
| 22 | किशोरी | kiśorī | किशोरी/लड़की |
| 23 | प्रतिवर्षं | prativarṣaṁ | प्रत्येक वर्ष |
| 24 | परीक्षाफलं | parīkṣāphalaṁ | परीक्षा परिणाम |
| 25 | श्रेष्ठं | śreṣṭham | श्रेष्ठ/अच्छा |
| 26 | आत्मानम् | ātmānam | स्वयं/अपने आप |
| 27 | गर्वेण | garveṇa | गर्वपूर्वक |
| 28 | पूर्वविद्या | pūrvavidyā | प्राथमिक शिक्षा |
| 29 | गौरवं | gauravaṁ | गौरव |
| 30 | वर्धयति | vardhayati | बढ़ाता है |
vidyālaye pañca śikṣakāḥ santi.
विद्यालय में पाँच शिक्षक हैं।
uṣā vasrāṇi vidyālayāt svīkṛtavatī.
उषा के वस्त्र विद्यालय से प्राप्त हुए।
vidyālaye pratidinaṁ niḥśulkaṁ bhojanam labhyate.
विद्यालय में प्रतिदिन निःशुल्क भोजन मिलता है।
vidyālayasya parīkṣāphalaṁ prativarṣaṁ śreṣṭhaṁ bhavati.
विद्यालय के परीक्षा परिणाम प्रतिवर्ष अच्छे होते हैं।
saḥ udyānaṁ gacchati.
वह उद्यान जाता है।
ahaṁ krīḍāṅgaṇaṁ gacchāmi.
मैं खेल के मैदान जाता/जाती हूँ।
तमसो मा ज्योतिर्गमय।
tamaso mā jyotirgamaya. अन्धकार से प्रकाश की ओर ले चलो।