इस पाठ “पुनरवलोकनम्” में सरल-सरल संस्कृत वाक्यों के माध्यम से मुनि, गुरु, माता, पिता, धेनु, नदी आदि के कार्य बताए गए हैं। इन वाक्यों में एकवचन-द्विवचन-बहुवचन और क्रियाओं का सही प्रयोग दिखाया गया है, जैसे – मुनिः आश्रमे निवसति, धेनवः क्षेत्रे चरन्ति, दधि पात्रे अस्ति इत्यादि। पाठ बच्चों को रोज़मर्रा की स्थितियों को संस्कृत में बोलना-लिखना सिखाता है और व्याकरण की बुनियाद मज़बूत करता है।
प्रथमः पाठः – पुनरवलोकनम्
Line by Lesson
मुनिः आश्रमे निवसति।
(muniḥ āśrame nivasati)
मुनि आश्रम में रहता है।
मुनी आश्रमे निवसतः।
(munī āśrame nivasataḥ)
दो मुनि आश्रम में रहते हैं।
मुनयः आश्रमे निवसन्ति।
(munayaḥ āśrame nivasanti)
अनेक मुनि आश्रम में रहते हैं।
गुरुः शिष्यान् पाठयति।
(guruḥ śiṣyān pāṭhayati)
गुरु शिष्यों को पढ़ाते हैं।
गुरू कुट्यां निवसतः।
(gurū kuṭyāṃ nivasataḥ)
दो गुरु कुटिया में रहते हैं।
गुरवः योगाभ्यासं कुर्वन्ति।
(guravaḥ yogābhyāsaṃ kurvanti)
अनेक गुरु योगाभ्यास करते हैं।
पितरः फलानि ददति।
(pitaraḥ phalāni dadati)
पिता फल देते हैं।
नदी प्रवहति।
(nadī pravahati)
नदी बहती है।
नद्यौ प्रवहतः।
(nadayau pravahataḥ)
दो नदियाँ बहती हैं।
नद्यः प्रवहन्ति।
(nadyaḥ pravahanti)
अनेक नदियाँ बहती हैं।
धेनुः पश्यति।
(dhenuḥ paśyati)
गाय देखती है।
धेनू पश्यतः।
(dhenū paśyataḥ)
दो गायें देखती हैं।
धेनवः क्षेत्रे चरन्ति।
(dhenavaḥ kṣetre caranti)
अनेक गायें खेत में चरती हैं।
माता जलं आनयति।
(mātā jalaṃ ānayati)
माँ जल लाती है।
मातरौ जलं आनयतः।
(mātarau jalaṃ ānayataḥ)
दो माताएँ जल लाती हैं।
मातरः जलं आनयन्ति।
(mātaraḥ jalaṃ ānayanti)
अनेक माताएँ जल लाती हैं।
दधि पात्रे अस्ति।
(dadhi pātre asti)
दही पात्र में है।
दध्नी पात्रयोः स्तः।
(dadhnī pātrayoḥ staḥ)
दो पात्रों में दही है।
दधीनि पात्रेषु सन्ति।
(dadhīni pātreṣu santi)
अनेक पात्रों में दही है।
मधु पुष्पेषु भवति।
(madhu puṣpeṣu bhavati)
मधु (शहद) फूलों में होता है।
मधुनी मधुकोषेषु सन्ति।
(madhunī madhukoṣeṣu santi)
शहद के छत्तों में मधुपात्र (मधुघट) होते हैं।
शब्दसंग्रहः – Vocabulary (२५+ शब्दाः)
| संस्कृत | उच्चारण (Pronunciation) | हिन्दी अर्थ |
|---|---|---|
| मुनिः | muniḥ | मुनि, साधु |
| आश्रमः | āśramaḥ | आश्रम |
| गुरुः | guruḥ | गुरु, अध्यापक |
| शिष्यः | śiṣyaḥ | विद्यार्थी, शिष्य |
| कुटी | kuṭī | कुटिया, झोपड़ी |
| योगाभ्यासः | yogābhyāsaḥ | योग का अभ्यास |
| पितरः | pitaraḥ | पिता (बहुवचन रूप) |
| फलम् | phalam | फल |
| नदी | nadī | नदी |
| प्रवहति | pravahati | बहती है |
| धेनुः | dhenuḥ | गाय |
| क्षेत्रम् | kṣetram | खेत, मैदान |
| माता | mātā | माँ |
| जलम् | jalam | जल, पानी |
| आनयति | ānayati | लाती है / ले आता है |
| दधि | dadhi | दही |
| पात्रम् | pātram | बर्तन, पात्र |
| पात्रयोः | pātrayoḥ | दो पात्रों में |
| मधु | madhu | मधु, शहद |
| पुष्पम् | puṣpam | फूल |
| मधुनी | madhunī | शहद के घड़े / पात्र (बहुवचन) |
| मधुकोषः | madhukoṣaḥ | मधुमक्खी का छत्ता |
| वेदाध्ययनम् | vedādhyayanam | वेदों का अध्ययन |
| निवसति | nivasati | रहता / रहती है |
| कुर्वन्ति | kurvanti | करते हैं |
| परिणमति | pariṇamati | परिवर्तित होता है, रूपान्तरित होता है |
अभ्यासः – प्रश्नोत्तरम्
२. एकपदेन उत्तरत – (Give one-word answers)
कः फलं ददाति ?
उत्तरम्:
पितरः।
(pitaraḥ)
पिता फल देते हैं।
के वस्त्राणि ददति ?
उत्तरम्:मातरः।
(mātaraḥ)
माताएँ वस्त्र देती हैं।
मुनिः कुत्र निवसति ?
उत्तरम्:आश्रमे।
(āśrame)
आश्रम में।
शिष्याः कः पाठयति ?
उत्तरम्:गुरुः।
(guruḥ)
गुरु पढ़ाते हैं।
माता किम् आनयति ?
उत्तरम्:जलम्।
(jalam)
जल (पानी)।
गोष्ठे के निवसन्ति ?
उत्तरम्:धेनवः।
(dhenavaḥ)
गायें गोशाला में रहती हैं।
दधि कुत्र अस्ति ?
उत्तरम्:पात्रे।
(pātre)
पात्र (बर्तन) में।
मधुनी कुत्र सन्ति ?
उत्तरम्:मधुकोषेषु।
(madhukoṣeṣu)
मधुमक्खियों के छत्तों में।
३. शब्दरूपाणि लिखत – प्रथमा विभक्तिः
पितृ शब्दः – प्रथमा
एकवचनम् – पिता
द्विवचनम् – पितरौ
बहुवचनम् – पितरः
(pitā, pitarau, pitaraḥ)
पिता – दो पिता – अनेक पिता
मातृ शब्दः – प्रथमा
एकवचनम् – माता
द्विवचनम् – मातरौ
बहुवचनम् – मातरः
(mātā, mātarau, mātaraḥ)
एक माँ – दो माताएँ – अनेक माताएँ
मुनि शब्दः – प्रथमा
एकवचनम् – मुनिः
द्विवचनम् – मुनी
बहुवचनम् – मुनयः
(muniḥ, munī, munayaḥ)
एक मुनि – दो मुनि – अनेक मुनि
४. मञ्जूषातः पदानि चित्वा वाक्यानि पूरयत – रिक्तस्थानपूर्ति
(क) धेनवः ………… निवसन्ति।
उत्तरम्:धेनवः गोष्ठे निवसन्ति।
(dhenavaḥ goṣṭhe nivasanti)
गायें गोशाला में रहती हैं।
(ख) माता ………… आनयति।
उत्तरम्:माता जलम् आनयति।
(mātā jalam ānayati)
माँ जल लाती है।
(ग) ………… प्रवहति।
उत्तरम्:नदी प्रवहति।
(nadī pravahati)
नदी बहती है।
(घ) दधि ………… स्तः।
उत्तरम्:दध्नी पात्रयोः स्तः।
(dadhnī pātrayoḥ staḥ)
दही दो पात्रों में है।
५. उचित-क्रियापदं चिन्त्वा वाक्यं शुद्धं कुरुत – (Choose the correct verb)
(क) सः मातरं …… ।
उत्तरम्:सः मातरं नमति।
(saḥ mātaraṃ namati)
वह माता को नमस्कार करता है।
(ख) अयं छात्रः विद्यालयं …… ।
उत्तरम्:अयं छात्रः विद्यालयं गच्छति।
(ayaṃ chātraḥ vidyālayaṃ gacchati)
यह छात्र विद्यालय जाता है।
(ग) अयं प्रतिदिनं पुस्तकं …… ।
उत्तरम्:अयं प्रतिदिनं पुस्तकं पठति।
(ayaṃ pratidinaṃ pustakaṃ paṭhati)
यह प्रतिदिन पुस्तक पढ़ता है।
(घ) इयं नदी काश्यां …… ।
उत्तरम्:इयं नदी काश्यां प्रवहति।
(iyaṃ nadī kāśyāṃ pravahati)
यह नदी काशी में बहती है।
(ङ) त्वं पुस्तकं …… ।
उत्तरम्:त्वं पुस्तकं पठसि।
(tvaṃ pustakaṃ paṭhasi)
तुम पुस्तक पढ़ते हो।
६. संस्कृतभाषायां अनुवादं कुरुत – (Translate into Sanskrit)
(क) गुरु शिष्यों को पढ़ाते हैं।
गुरुः शिष्यान् पाठयति।
(guruḥ śiṣyān pāṭhayati)
Guru teach the students.
(ख) मुनि आश्रम में रहते हैं।
मुनयः आश्रमे निवसन्ति।
(munayaḥ āśrame nivasanti)
मुनि आश्रम में निवास करते हैं।
(ग) गुरु वेदों का अभ्यास करते हैं।
गुरवः वेदाध्ययनं कुर्वन्ति।
(guravaḥ vedādhyayanaṃ kurvanti)
गुरु वेदों का अध्ययन करते हैं।
(घ) माँ जल लाती है।
माता जलम् आनयति।
(mātā jalam ānayati)
माँ पानी लाती है।
७. शब्दानुसारं चित्रनिर्माणं कुरुत – (एकवचन-द्विवचन-बहुवचन)
वृक्षः
एकवचनम् – वृक्षः
द्विवचनम् – वृक्षौ
बहुवचनम् – वृक्षाḥ
(vṛkṣaḥ, vṛkṣau, vṛkṣāḥ)
एक पेड़ – दो पेड़ – अनेक पेड़
माला
एकवचनम् – माला
द्विवचनम् – माले
बहुवचनम् – मालाः
(mālā, māle, mālāḥ)
एक माला – दो मालाएँ – अनेक मालाएँ
पुष्पम्
एकवचनम् – पुष्पम्
द्विवचनम् – पुष्पे
बहुवचनम् – पुष्पाणि
(puṣpam, puṣpe, puṣpāṇi)
एक फूल – दो फूल – अनेक फूल
कर्तारः सुलभाः लोके, विज्ञातारस्तु दुलर्भाः।
(kartāraḥ sulabhāḥ loke, vijñātāras tu durlabhāḥ)
काम करने वाले तो संसार में बहुत हैं, परन्तु सही ज्ञान देने वाले बहुत दुर्लभ हैं।
गुरवः, मातरः, पितरश्च अस्माकं मार्गदर्शकाः भवन्ति।
(guravaḥ, mātaraḥ, pitaraś ca asmākaṃ mārgadarśakāḥ bhavanti)
गुरु, माता और पिता हमारे सच्चे मार्गदर्शक होते हैं, हमें इनका सदैव सम्मान करना चाहिए।