शिक्षण योजना पाठ नीम

शिक्षण योजना

दिनांक
26.07.2026
कक्षा
4
विषय
हिन्दी
पाठ समय
40 मिनट

पाठ परिचय

हमारे आसपास अनेक प्रकार के वृक्ष-पौधे पाए जाते हैं, जिनका मानव जीवन से गहरा संबंध है। नीम ऐसा ही एक उपयोगी एवं औषधीय वृक्ष है, जो पर्यावरण को स्वच्छ रखने के साथ-साथ अनेक रोगों से बचाने में भी सहायक है। प्रस्तुत कविता में कवि हरीश निगम ने नीम के गुणों का सरल, मधुर एवं बालसुलभ शैली में वर्णन किया है। कविता बच्चों को यह संदेश देती है कि हमें प्रकृति से प्रेम करना चाहिए तथा वृक्षों की तरह निःस्वार्थ भाव से दूसरों के लिए उपयोगी बनने का प्रयास करना चाहिए। यह पाठ बच्चों में पर्यावरण संरक्षण, सेवा, परोपकार तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का विकास करता है।

अधिगम प्रतिफल

इस पाठ के अध्ययन के पश्चात बच्चे कविता का शुद्ध एवं भावपूर्ण वाचन कर सकेंगे, नीम के औषधीय, पर्यावरणीय तथा सामाजिक महत्व को समझ पाएँगे तथा कविता में निहित संदेश को अपने दैनिक जीवन से जोड़ सकेंगे। उनमें प्रकृति के प्रति प्रेम, पर्यावरण संरक्षण की भावना, परोपकार, सहयोग, संवेदनशीलता तथा आत्मविश्वास का विकास होगा। बच्चे अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने, कविता का आशय समझने, नए शब्दों का उचित प्रयोग करने तथा वास्तविक जीवन में वृक्षों के महत्व को पहचानने में सक्षम होंगे।

शिक्षण-अधिगम सामग्री

  • वीणा हिन्दी पाठ्यपुस्तक
  • नीम की पत्तियाँ, फल (निबौली) एवं छोटी टहनी
  • नीम के वृक्ष का चित्र या पोस्टर
  • विभिन्न वृक्षों के चित्र कार्ड
  • श्यामपट्ट एवं रंगीन चॉक
  • फ्लैश कार्ड एवं शब्द-पट्ट
  • चार्ट पेपर एवं स्केच पेन
  • यदि उपलब्ध हो तो नीम से संबंधित लघु वीडियो

प्रथम दिवस

क्रम शिक्षण चरण समय आकलन का तरीका
1 बच्चों से पेड़-पौधों के बारे में अनौपचारिक बातचीत करना। प्रश्न पूछना—क्या आपने अपने घर या विद्यालय में नीम का पेड़ देखा है? उसके क्या-क्या उपयोग जानते हैं? 5 मिनट मौखिक उत्तर एवं सहभागिता
2 पुस्तक में दिए गए चित्र का अवलोकन कराना। बच्चों से चित्र में दिखाई देने वाले पक्षियों, नीम के वृक्ष तथा अन्य वस्तुओं की पहचान करवाना और शीर्षक "नीम" के आधार पर कविता का अनुमान लगवाना। 10 मिनट चित्र अवलोकन एवं प्रश्नोत्तर
3 शिक्षक द्वारा कविता का आदर्श, लयपूर्ण एवं भावपूर्ण वाचन करना। तत्पश्चात बच्चों से सामूहिक एवं व्यक्तिगत वाचन कराना तथा कठिन शब्दों का सही उच्चारण एवं अर्थ समझाना। 20 मिनट वाचन कौशल एवं उच्चारण
4 कविता की प्रारम्भिक पंक्तियों के आधार पर नीम के गुणों, पक्षियों के नीम से संबंध तथा बच्चों के अनुभवों पर चर्चा कराना। 5 मिनट मौखिक अभिव्यक्ति एवं समझ

द्वितीय दिवस

क्रम शिक्षण चरण समय आकलन का तरीका
1 पिछले दिवस में पढ़ी गई कविता का सामूहिक पुनरावर्तन कराना। विद्यार्थियों से कविता की प्रारम्भिक पंक्तियाँ सुनाना तथा नीम के प्रमुख गुणों को अपने शब्दों में बताने के लिए प्रेरित करना। 5 मिनट मौखिक पुनरावृत्ति
2 कविता की शेष पंक्तियों का आदर्श वाचन कराना। चर्चा करना कि नीम किस प्रकार वायु को शुद्ध करता है, रोगों से बचाता है तथा सभी को बिना किसी भेदभाव के लाभ पहुँचाता है। 15 मिनट वाचन एवं भावार्थ की समझ
3 समूह गतिविधि—विद्यार्थियों को छोटे समूहों में बाँटकर नीम के औषधीय, पर्यावरणीय तथा सामाजिक महत्व पर चर्चा कराना। प्रत्येक समूह अपने निष्कर्ष पूरी कक्षा के सामने प्रस्तुत करे। 15 मिनट समूह सहभागिता एवं प्रस्तुतीकरण
4 कविता के संदेश पर विचार-विमर्श कराना—'नीम की तरह निःस्वार्थ होकर दूसरों के लिए उपयोगी बनने' का क्या अर्थ है? बच्चों से अपने जीवन के उदाहरण साझा करवाना। 5 मिनट विश्लेषण एवं प्रश्नोत्तर

कक्षा गतिविधियाँ

  1. कविता का भावपूर्ण वाचन
    विद्यार्थी उचित लय, गति एवं हाव-भाव के साथ कविता का सामूहिक तथा व्यक्तिगत वाचन करें।
  2. नीम पहचानो
    यदि विद्यालय परिसर में नीम का वृक्ष हो तो उसका प्रत्यक्ष अवलोकन कराएँ। अन्यथा चित्र दिखाकर उसके विभिन्न भागों (पत्ती, तना, फल आदि) की पहचान करवाएँ।
  3. समूह चर्चा
    "यदि हमारे आसपास पेड़ न हों तो क्या होगा?" विषय पर समूह में चर्चा कर निष्कर्ष प्रस्तुत करवाएँ।
  4. चित्र एवं लेखन गतिविधि
    विद्यार्थी नीम का चित्र बनाएँ तथा उसके पाँच उपयोग अपने शब्दों में लिखें।

आकलन

  1. कविता में नीम के कौन-कौन से गुण बताए गए हैं?
  2. नीम को प्रकृति का उपहार क्यों कहा जा सकता है?
  3. नीम के औषधीय उपयोगों के बारे में आप क्या जानते हैं?
  4. यदि आपके घर के पास नीम का पेड़ हो तो उससे आपको क्या-क्या लाभ मिल सकते हैं?
  5. कविता हमें पर्यावरण संरक्षण के विषय में क्या संदेश देती है?

गृहकार्य

अपने घर, मोहल्ले अथवा विद्यालय के आसपास किसी एक उपयोगी वृक्ष का अवलोकन कीजिए। उसका नाम, उपयोग, विशेषताएँ तथा उससे मिलने वाले लाभों के बारे में कम से कम पाँच वाक्य लिखिए। यदि संभव हो तो उसका चित्र भी बनाइए।

उपचारात्मक एवं समृद्धिकरण कार्य

उपचारात्मक कार्य :

जिन विद्यार्थियों को कविता का वाचन, कठिन शब्दों का उच्चारण अथवा भाव समझने में कठिनाई हो, उन्हें शिक्षक द्वारा छोटे-छोटे अंशों का पुनः वाचन कराया जाए। चित्र, वास्तविक पत्तियों तथा सरल प्रश्नों के माध्यम से कविता के भाव को स्पष्ट किया जाए और सहपाठी सहयोग द्वारा अभ्यास कराया जाए।


समृद्धिकरण कार्य :

तेज़ गति से सीखने वाले विद्यार्थियों से नीम के अतिरिक्त तुलसी, पीपल, बरगद अथवा आँवला जैसे अन्य उपयोगी वृक्षों की जानकारी एकत्र कर चार्ट तैयार करवाया जाए तथा कक्षा में उसका संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण करवाया जाए।

आगामी कार्य योजना

आगामी पाठ प्रारम्भ करने से पूर्व विद्यार्थियों से अपने आसपास के वृक्षों एवं प्राकृतिक संसाधनों का अवलोकन कर उनके उपयोग और महत्व के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए कहा जाएगा। इन अनुभवों को अगली कक्षा की चर्चा एवं भाषा गतिविधियों से जोड़ते हुए नए पाठ की भूमिका तैयार की जाएगी।

शिक्षक टिप्पणी

अधिकांश विद्यार्थियों ने कविता का उत्साहपूर्वक एवं भावपूर्ण वाचन किया तथा नीम के गुणों और उसके पर्यावरणीय महत्व को भली-भाँति समझा। समूह चर्चा एवं चित्र आधारित गतिविधियों में सभी बच्चों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई। कुछ विद्यार्थियों को कठिन शब्दों के उच्चारण में अतिरिक्त अभ्यास की आवश्यकता है, जिसके लिए आगामी कक्षाओं में व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

शिक्षक के हस्ताक्षर प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर
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