शिक्षण योजना
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दिनांक
26.07.2026
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कक्षा
4
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विषय
हिन्दी
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पाठ |
समय
40 मिनट
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पाठ परिचय
यह पाठ एक रोचक संवादात्मक रचना है जिसमें विभिन्न मिठाइयों को पात्र बनाकर आपस में बातचीत कराई गई है। उनके माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया है कि किसी भी वस्तु का आवश्यकता से अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। साथ ही संयमित भोजन, नियमित व्यायाम तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी मिलती है। सरल संवादों के माध्यम से बच्चों में पढ़ने, सुनने, बोलने और विचार व्यक्त करने की क्षमता का विकास होता है।
अधिगम प्रतिफल
विद्यार्थी पाठ का शुद्ध एवं भावपूर्ण वाचन कर सकेंगे, संवाद शैली को समझ सकेंगे, पात्रों के विचारों को अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे तथा संतुलित भोजन और स्वास्थ्य के महत्व को समझेंगे। वे आवश्यकता से अधिक मिठाई खाने के दुष्परिणामों को जानेंगे तथा स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
प्रकरण
संवाद के माध्यम से संतुलित भोजन, संयम तथा स्वास्थ्य के महत्व को समझाना।
शिक्षण-अधिगम सामग्री
- वीणा हिन्दी पाठ्यपुस्तक
- विभिन्न मिठाइयों के चित्र या वास्तविक चित्र कार्ड
- स्वस्थ एवं अस्वस्थ भोजन के चित्र
- शब्द-पट्ट एवं फ्लैश कार्ड
- श्यामपट्ट एवं रंगीन चॉक
- चार्ट पेपर एवं स्केच पेन
- यदि उपलब्ध हो तो स्वास्थ्यवर्धक भोजन का लघु वीडियो
शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाएँ / गतिविधियाँ
प्रथम दिवस
| क्रम | चरण | समय | आकलन का तरीका |
|---|---|---|---|
| 1 |
शिक्षण के आरंभ में : शिक्षक बच्चों से बातचीत करेगा—आपको कौन-कौन सी मिठाइयाँ पसंद हैं? मिठाई कब खाई जाती है? क्या बहुत अधिक मिठाई खाना अच्छा होता है? इसके बाद विभिन्न मिठाइयों के चित्र दिखाकर बच्चों से उनके नाम बुलवाए जाएँगे तथा पाठ के शीर्षक **"मिठाइयों का सम्मेलन"** पर अनुमान लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। |
5 मिनट | मौखिक प्रश्नोत्तर एवं सहभागिता |
| 2 |
शिक्षण के दौरान : शिक्षक पाठ के प्रारम्भिक भाग का आदर्श वाचन करेगा। प्रत्येक पात्र का संवाद उचित भाव एवं आवाज़ के उतार-चढ़ाव के साथ पढ़ेगा। तत्पश्चात विद्यार्थी अनुच्छेदवार सामूहिक वाचन करेंगे। कठिन शब्दों के अर्थ, उच्चारण तथा संवाद शैली को सरल भाषा में समझाया जाएगा। |
20 मिनट | वाचन कौशल एवं अवलोकन |
| 3 |
गतिविधि : विद्यार्थियों को छोटे-छोटे समूहों में बाँटिए। प्रत्येक समूह को किसी एक मिठाई (जैसे लड्डू, जलेबी, रसगुल्ला, बर्फी आदि) का नाम दीजिए। बच्चे उस मिठाई का छोटा-सा अभिनय करते हुए बताएँ कि वह क्या कहना चाहती है। इससे संवाद शैली, आत्मविश्वास तथा मौखिक अभिव्यक्ति का विकास होगा। |
10 मिनट | समूह सहभागिता एवं मौखिक प्रस्तुति |
| 4 |
शिक्षण के अंत में : शिक्षक विद्यार्थियों से पूछेगा—सम्मेलन किसका था? मिठाइयाँ क्यों परेशान थीं? डॉक्टर लोगों को क्या सलाह देते हैं? बच्चों के उत्तरों के आधार पर पाठ का संक्षिप्त पुनरावलोकन कराया जाएगा तथा मुख्य संदेश स्पष्ट किया जाएगा कि किसी भी वस्तु का अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है। |
5 मिनट | प्रश्नोत्तर एवं मौखिक आकलन |
गृहकार्य
अपने घर में बनने वाली पाँच मिठाइयों के नाम लिखिए तथा उनमें से आपकी सबसे पसंदीदा मिठाई कौन-सी है और क्यों, यह 3–4 वाक्यों में लिखिए।
द्वितीय दिवस
| क्रम | चरण | समय | आकलन का तरीका |
|---|---|---|---|
| 1 |
शिक्षण के आरंभ में : शिक्षक पिछले दिवस में पढ़े गए भाग का संक्षिप्त पुनरावर्तन कराएगा। बच्चों से पूछेगा—कौन-कौन सी मिठाइयाँ सम्मेलन में आई थीं? वे किस विषय पर चर्चा कर रही थीं? गृहकार्य की जाँच करते हुए कुछ विद्यार्थियों से अपने उत्तर पढ़वाए जाएँगे। |
5 मिनट | मौखिक पुनरावृत्ति एवं गृहकार्य जाँच |
| 2 |
शिक्षण के दौरान : शिक्षक पाठ के शेष संवादों का आदर्श वाचन करेगा। बच्चों से पात्रों के अनुसार संवाद पढ़वाए जाएँगे। संवादों के माध्यम से संयमित भोजन, अधिक चीनी के दुष्प्रभाव तथा नियमित व्यायाम के महत्व पर सरल चर्चा कराई जाएगी। |
20 मिनट | वाचन, उच्चारण एवं भाव समझ |
| 3 |
गतिविधि : "स्वास्थ्यवर्धक और अस्वास्थ्यकर भोजन" गतिविधि कराई जाएगी। शिक्षक विभिन्न खाद्य पदार्थों के चित्र दिखाएगा। विद्यार्थी उन्हें दो समूहों—स्वास्थ्यवर्धक तथा सीमित मात्रा में खाने योग्य—में वर्गीकृत करेंगे। इसके बाद प्रत्येक समूह अपने चयन का कारण बताएगा। |
10 मिनट | अवलोकन, समूह कार्य एवं सहभागिता |
| 4 |
शिक्षण के अंत में : शिक्षक विद्यार्थियों से चर्चा करेगा कि पाठ हमें क्या संदेश देता है। बच्चों से यह भी पूछेगा कि यदि वे प्रतिदिन बहुत अधिक मिठाई खाएँ तो क्या-क्या समस्याएँ हो सकती हैं। सभी उत्तरों का समेकन करते हुए संतुलित भोजन का महत्व स्पष्ट किया जाएगा। |
5 मिनट | प्रश्नोत्तर एवं मौखिक आकलन |
गृहकार्य
अपने परिवार के किसी सदस्य से पूछिए कि अधिक मिठाई खाने से कौन-कौन सी स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। उनसे प्राप्त जानकारी के आधार पर पाँच वाक्य लिखिए।
तृतीय दिवस
| क्रम | चरण | समय | आकलन का तरीका |
|---|---|---|---|
| 1 |
शिक्षण के आरंभ में : शिक्षक पिछले दोनों दिवसों में पढ़े गए पाठ का पुनरावर्तन कराएगा। विद्यार्थियों से पाठ के पात्रों के नाम, सम्मेलन का उद्देश्य तथा मुख्य संदेश पूछे जाएँगे। गृहकार्य की संक्षिप्त जाँच भी की जाएगी। |
5 मिनट | मौखिक पुनरावृत्ति एवं प्रश्नोत्तर |
| 2 |
शिक्षण के दौरान : विद्यार्थी पूरी कहानी का क्रमवार वाचन करेंगे। शिक्षक आवश्यकतानुसार कठिन शब्दों, संवादों तथा पाठ के नैतिक संदेश को पुनः स्पष्ट करेगा। इसके बाद पुस्तक में दिए गए "बातचीत के लिए" तथा "पाठ के भीतर" प्रश्नों पर चर्चा कराई जाएगी। |
20 मिनट | वाचन, उत्तर प्रस्तुति एवं अवलोकन |
| 3 |
गतिविधि : "मिठाइयों का सम्मेलन" का लघु नाट्य मंचन कराया जाएगा। विद्यार्थियों को लड्डू, जलेबी, रसगुल्ला, बर्फी, पेड़ा आदि पात्रों की भूमिकाएँ दी जाएँगी। वे संवाद बोलते हुए अभिनय करेंगे तथा अंत में बताएँगे कि स्वस्थ रहने के लिए हमें किन अच्छी आदतों को अपनाना चाहिए। |
10 मिनट | अभिनय, समूह सहभागिता एवं मौखिक अभिव्यक्ति |
| 4 |
शिक्षण के अंत में : शिक्षक पूरे पाठ की पुनरावृत्ति कराएगा। विद्यार्थियों से पाठ का मुख्य संदेश अपने शब्दों में कहलवाएगा तथा संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और संयमित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। शंकाओं का समाधान करते हुए पाठ का समापन किया जाएगा। |
5 मिनट | मौखिक एवं लिखित आकलन |
गृहकार्य
"स्वस्थ रहने के लिए मेरी पाँच अच्छी आदतें" विषय पर पाँच से सात वाक्य लिखिए तथा एक संतुलित भोजन की थाली का चित्र बनाइए।
कक्षा गतिविधियाँ
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भूमिका निभाइए
विद्यार्थी विभिन्न मिठाइयों का पात्र बनकर उनके संवाद अभिनय सहित प्रस्तुत करें। -
स्वस्थ या अस्वस्थ
भोजन के चित्रों को देखकर उन्हें स्वास्थ्यवर्धक तथा सीमित मात्रा में खाने योग्य समूहों में वर्गीकृत करें। -
मेरा पसंदीदा भोजन
विद्यार्थी अपने पसंदीदा भोजन का चित्र बनाकर बताएँ कि वह स्वास्थ्य के लिए कितना लाभदायक है। -
संवाद पूरा कीजिए
पाठ के पात्रों के बीच अपने शब्दों में दो या तीन नए संवाद बनाकर कक्षा में सुनाएँ।
आकलन
- मिठाइयों ने सम्मेलन क्यों आयोजित किया?
- रसगुल्ला भाई ने मिठाइयों की उपेक्षा का क्या कारण बताया?
- लड्डू दादा ने सभी मिठाइयों को क्या सलाह दी?
- अधिक मिठाई खाने से क्या हानियाँ हो सकती हैं?
- इस पाठ से आपको क्या सीख मिली?
उपचारात्मक एवं समृद्धिकरण कार्य
उपचारात्मक कार्य :
जिन विद्यार्थियों को संवादों का वाचन, पात्रों की पहचान अथवा पाठ का मुख्य संदेश समझने में कठिनाई हो, उन्हें चित्रों एवं भूमिका-अभिनय के माध्यम से पुनः अभ्यास कराया जाए। शिक्षक सरल प्रश्न पूछकर प्रत्येक पात्र के विचार स्पष्ट कराए तथा छोटे-छोटे संवादों का व्यक्तिगत वाचन करवाए।
समृद्धिकरण कार्य :
तेज़ गति से सीखने वाले विद्यार्थियों से "यदि मैं मिठाई होता/होती..." विषय पर एक छोटा संवाद लिखवाया जाए। साथ ही उनसे सप्ताह भर का स्वास्थ्यवर्धक भोजन चार्ट तैयार कर कक्षा में प्रस्तुत करने के लिए कहा जाए।
आगामी कार्य योजना
अगले पाठ के अध्ययन से पूर्व विद्यार्थियों को अपने घर में अपनाई जाने वाली अच्छी स्वास्थ्य आदतों का अवलोकन करने तथा परिवार के सदस्यों से संतुलित भोजन के महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्राप्त अनुभवों को आगामी पाठ से जोड़ते हुए चर्चा की जाएगी।
शिक्षक टिप्पणी
अधिकांश विद्यार्थियों ने संवादों का उत्साहपूर्वक वाचन किया तथा भूमिका-अभिनय में सक्रिय सहभागिता दिखाई। विद्यार्थियों ने संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम तथा संयमित खान-पान के महत्व को समझा। जिन विद्यार्थियों को वाचन एवं संवाद अभिव्यक्ति में कठिनाई हुई, उन्हें अतिरिक्त अभ्यास एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
| शिक्षक के हस्ताक्षर | प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर |
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