शिक्षण योजना
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दिनांक
26.07.2026
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कक्षा
4
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विषय
हिन्दी
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पाठ |
समय
40 मिनट
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पाठ परिचय
प्रस्तुत पाठ "चिड़िया का गीत" एक भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक कविता है, जिसमें एक छोटी चिड़िया के जीवन की यात्रा को अत्यंत सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। अंडे से निकलने, घोंसले में रहने, शाखाओं तक पहुँचने और अंततः खुले आकाश में उड़ान भरने तक की उसकी यात्रा के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया है कि ज्ञान, अनुभव और साहस के साथ हमारा दृष्टिकोण निरंतर विस्तृत होता जाता है। यह कविता विद्यार्थियों में प्रकृति प्रेम, आत्मविश्वास, कल्पनाशक्ति, संवेदनशीलता तथा निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा विकसित करती है।
अधिगम प्रतिफल
- कविता का शुद्ध, स्पष्ट एवं भावपूर्ण वाचन कर सकेंगे।
- कविता का भाव अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
- चिड़िया के जीवन के विभिन्न चरणों को क्रमबद्ध रूप से समझ सकेंगे।
- छोटे अनुभवों से बड़े ज्ञान की ओर बढ़ने के संदेश को समझ सकेंगे।
- प्रकृति, पक्षियों एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करेंगे।
- समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर एवं मौखिक अभिव्यक्ति में सक्रिय सहभागिता करेंगे।
- कल्पनाशक्ति, रचनात्मक सोच एवं आत्मविश्वास का विकास करेंगे।
प्रकरण
इस कविता में एक नन्ही चिड़िया की जीवन-यात्रा के माध्यम से अनुभव, ज्ञान, आत्मविश्वास तथा व्यापक दृष्टिकोण विकसित होने का प्रेरणादायक संदेश दिया गया है।
शिक्षण-अधिगम सामग्री
- वीणा हिन्दी पाठ्यपुस्तक
- चिड़िया, घोंसला एवं अंडे के चित्र
- पेड़ एवं प्राकृतिक वातावरण के चित्र
- यदि उपलब्ध हो तो पक्षियों की आवाज़ की ऑडियो या लघु वीडियो
- श्यामपट्ट, रंगीन चॉक एवं फ्लैश कार्ड
- कार्यपत्रक एवं कविता वाचन कार्ड
- पक्षियों के चित्रों का चार्ट
- स्मार्ट टीवी/मोबाइल (यदि उपलब्ध हो)
शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाएँ / गतिविधि
प्रथम दिवस
| क्रम | शिक्षण चरण | समय | आकलन का तरीका |
|---|---|---|---|
| 1 |
शिक्षक के आरंभ में : शिक्षक विद्यार्थियों का स्वागत कर उनसे बातचीत करेंगे—क्या आपने कभी चिड़िया को उड़ते हुए देखा है? वह कहाँ रहती है? उसका घोंसला कैसा होता है? यदि कोई नन्ही चिड़िया पहली बार घोंसले से बाहर निकले तो उसे कैसा लगेगा? विद्यार्थियों के उत्तर सुनने के बाद चिड़िया एवं घोंसले के चित्र दिखाकर जिज्ञासा उत्पन्न करेंगे कि आज की कविता हमें एक छोटी-सी चिड़िया के माध्यम से जीवन का महत्वपूर्ण संदेश देती है। |
8 मिनट | मौखिक प्रश्नोत्तर, पूर्वज्ञान एवं सहभागिता |
| 2 |
शिक्षक के दौरान : शिक्षक पूरी कविता का आदर्श एवं भावपूर्ण वाचन करेंगे। प्रत्येक पद का सरल भाषा में अर्थ समझाते हुए चिड़िया के अंडे से निकलने, घोंसले में रहने, शाखाओं तक पहुँचने तथा खुले आकाश में उड़ान भरने की यात्रा को चित्रों एवं उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट करेंगे। विद्यार्थियों से क्रमवार वाचन कराएँगे, कठिन शब्दों के अर्थ बताएँगे तथा समय-समय पर प्रश्न पूछकर कविता के भाव को उनके जीवन के अनुभवों से जोड़ेंगे। |
22 मिनट | भावपूर्ण वाचन, प्रश्नोत्तर, चित्र अवलोकन एवं अवधारणा की समझ |
| 3 |
शिक्षक के बाद : शिक्षक विद्यार्थियों से कविता का भाव अपने शब्दों में कहलवाएँगे। पुस्तक के "बातचीत के लिए" एवं "समझ की बात" अनुभाग के प्रश्नों पर चर्चा करेंगे। अंत में विद्यार्थी पाँच वाक्यों में लिखेंगे कि उन्होंने इस कविता से क्या सीखा तथा शिक्षक पूरी कविता का सार प्रस्तुत करते हुए बताएँगे कि निरंतर सीखने, अनुभव प्राप्त करने और साहसपूर्वक आगे बढ़ने से हमारा ज्ञान एवं दृष्टिकोण निरंतर विस्तृत होता है। |
10 मिनट | मौखिक एवं लिखित आकलन, भाव की समझ एवं अभिव्यक्ति |
कक्षा गतिविधियाँ
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चित्र देखकर बताइए
चिड़िया, घोंसला, पेड़ एवं खुले आकाश के चित्र दिखाकर विद्यार्थियों से उनके बारे में दो-दो वाक्य बोलने के लिए प्रेरित करें। -
भाव अभिनय
कुछ विद्यार्थियों से चिड़िया की तरह घोंसले से निकलकर उड़ने का अभिनय करवाएँ तथा उनसे उनके अनुभव पूछें। -
कविता का भाव
विद्यार्थियों से कविता का मुख्य संदेश अपने शब्दों में बताने के लिए कहें। -
चित्र बनाइए
विद्यार्थी अपनी कॉपी में चिड़िया एवं उसके घोंसले का चित्र बनाकर उसे रंग भरें तथा दो वाक्य लिखें।
आकलन
- चिड़िया सबसे पहले कहाँ रहती थी?
- घोंसले से बाहर आने पर उसे क्या अनुभव हुआ?
- कविता हमें क्या संदेश देती है?
- यदि आप चिड़िया की जगह होते तो आपको कैसा लगता?
- कविता का मुख्य भाव अपने शब्दों में लिखिए।
गृहकार्य
अपने आसपास दिखाई देने वाले किसी पक्षी का चित्र बनाइए तथा उसके बारे में पाँच वाक्य लिखिए।
उपचारात्मक एवं समृद्धिकरण कार्य
उपचारात्मक कार्य :
जिन विद्यार्थियों को कविता का भाव समझने में कठिनाई हो, उन्हें चित्रों, पुनः वाचन तथा सरल उदाहरणों की सहायता से समझाया जाएगा और व्यक्तिगत रूप से अभ्यास कराया जाएगा।
समृद्धिकरण कार्य :
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किसी अन्य पक्षी पर चार-पाँच पंक्तियों की छोटी कविता अथवा रोचक जानकारी लिखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
आगामी कार्य योजना
विद्यार्थियों से पाठ्यपुस्तक में दिए गए प्रश्नों के उत्तर तथा कार्यपुस्तिका में दिए गए अभ्यास कार्य पूर्ण कराए जाएँगे। इसके साथ ही अगले पाठ "बगीचे में घोंघा" के अध्ययन हेतु विद्यार्थियों को अपने घर, विद्यालय अथवा आसपास के बगीचे में पाए जाने वाले छोटे-छोटे जीव-जंतुओं, पौधों एवं प्राकृतिक वातावरण का अवलोकन करने तथा उनके बारे में संक्षिप्त जानकारी एकत्र कर कक्षा में साझा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
शिक्षक टिप्पणी
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| शिक्षक के हस्ताक्षर | प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर |
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