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Subjects, संस्कृत

वन्दना

Tvameva Mata Cha Pita Tvameva. त्वमेव माता च पिता त्वमेव।त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव।त्वमेव सर्वं मम देव देव।।

संस्कृत

प्रथमः पाठः — वन्दे सदा स्वदेशम्

Vande Sada Swadesham वन्दे सदा स्वदेशम्।एतादृशं स्वदेशम्।।गंगा पुनाति भालम्।रेवा कटिप्रदेशम्।।वन्दे सदा स्वदेशम्।एतादृशं स्वदेशम्।।वन्दे ध्वजं त्रिवर्णम्।वन्दे स्वतन्त्रदेशम्।।वन्दे सदा स्वदेशम्।एतादृशं स्वदेशम्।। Lesson

Maths

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विस्तारित रूप गेम 🎮 विस्तारित रूप सीखो खेल-खेल में नीचे दी गई संख्या पर क्लिक करो और उसका विस्तारित रूप

Games

create number with digits

सबसे बड़ी और सबसे छोटी संख्या बनाना (Digits को मिलाकर Number बनाना) कहानी और खेल के ज़रिए समझाता हूँ। रिया

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