
एहि एहि वीर रे, वीरतां विधेहि रे।
हिन्दी अर्थ: आओ, आओ वीर, वीरता धारण करो।
भारतस्य रक्षणाय, जीवनं प्रदेहि रे।।
हिन्दी अर्थ: भारत की रक्षा के लिए, जीवन दो।
त्वं हि मार्गदर्शक:, त्वं हि देशरक्षक:।
हिन्दी अर्थ: तुम ही मार्गदर्शक हो, तुम ही देश के रक्षक हो।
त्वं हि शत्रुनाशक:, देश-प्रेम-वर्धक:।।
हिन्दी अर्थ: तुम ही शत्रु का नाश करने वाले हो, और देश-प्रेम को बढ़ाने वाले हो।
साहसी सदा भवे:, वीरता सदा भजे।
हिन्दी अर्थ: हमेशा साहसी बनो, हमेशा वीरता का स्मरण करो।
भारतीय-संस्कृति, मानसे सदा धरे:।।
हिन्दी अर्थ: भारतीय संस्कृति को मन में हमेशा धारण करो।
पद-पदं मिलच्चलेत्, सोत्साहं मनो भवेत्।
हिन्दी अर्थ: कदम-कदम मिलाओ, उत्साहपूर्ण मन होना चाहिए।
भारतस्य गौरवाय, सर्वदा रणे जयेत्।।
हिन्दी अर्थ: भारत के गौरव के लिए, हमेशा युद्ध में जीत प्राप्त करो।
एहि एहि वीर रे…।
हिन्दी अर्थ: आओ, आओ वीर…
लक्ष्मीकान्त जाम्बोकर:
हिन्दी अर्थ: (यह कविता लक्ष्मीकांत जाम्बोकर द्वारा लिखी गई है।)
शब्दार्था:
हिन्दी अर्थ: शब्द-अर्थ
एहि – आओ, भारतस्य – भारत की, रक्षणाय – रक्षा के लिए, प्रदेहि – दो, भवे: – बनें, मानसे – मन में, सदा धरे: – हमेशा धारण करे।
हिन्दी अर्थ: यह कविता के कठिन शब्दों के अर्थों की सूची है।
शिक्षण-सङ्केत: – शिक्षक: संवलदूरभाषमाध्यमेन (मोबाइल) गीतं श्रावयेत्।
हिन्दी अर्थ: शिक्षण-संकेत: – शिक्षक को मोबाइल के माध्यम से यह गीत सुनाना चाहिए।
| संस्कृत शब्द | हिन्दी अर्थ |
|---|---|
| एहि | आओ |
| वीर | बहादुर |
| वीरताम् | वीरता को |
| विधेहि | धारण करो |
| भारतस्य | भारत की |
| रक्षणाय | रक्षा के लिए |
| जीवनम् | जीवन को |
| प्रदेहि | दो, प्रदान करो |
| त्वम् | तुम |
| मार्गदर्शक: | मार्ग दिखाने वाला |
| देशरक्षक: | देश का रक्षक |
| शत्रुनाशक: | शत्रु का नाश करने वाला |
| देश-प्रेम-वर्धक: | देश-प्रेम को बढ़ाने वाला |
| साहसी | साहसी, हिम्मतवाला |
| सदा | हमेशा |
| भवे: | बनो |
| भजे | स्मरण करो |
| भारतीय-संस्कृति | भारतीय संस्कृति |
| मानसे | मन में |
| धरे: | धारण करे |
| पद-पदं | कदम-कदम |
| मिल्येत् | मिलाओ |
| सोत्साहं | उत्साह के साथ |
| मन: | मन |
| भवेत् | होना चाहिए |
| गौरवाय | गौरव के लिए |
| सर्वदा | हमेशा |
| रणे | युद्ध में |
| जयेत् | जीत प्राप्त करो |
अध्याय का नैतिक
इस कविता का मुख्य नैतिक संदेश वीरता, देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को जगाना है। यह प्रत्येक व्यक्ति को एक बहादुर, साहसी और देश का रक्षक बनने के लिए प्रेरित करता है। कविता हमें यह भी सिखाती है कि हमें हमेशा भारतीय संस्कृति और मूल्यों को अपने मन में धारण करना चाहिए, एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए और अपने देश के गौरव के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।