Lesson : 17 – Samaj Nirmaane Naarinaam Bhumika – Class : 7

इस पाठ में प्राचीन एवं आधुनिक काल में समाज निर्माण में स्त्रियों की भूमिका को स्पष्ट किया गया है। वैदिक युग से लेकर आज तक नारी शिक्षा, राजनीति, विज्ञान, खेल तथा प्रशासन में पुरुषों के समान योगदान देती आई है। समाज और राष्ट्र के विकास के लिए नारी-पुरुष की समान भागीदारी अनिवार्य है।

Path – Samaj Nirmaane Naarinaam Bhumika

पाठ : समाज निर्माणे नारीणां भूमिका
सप्तदशः पाठः Saptadaśaḥ pāṭhaḥ सत्रहवाँ पाठ
समाज निर्माणे नारीणां भूमिका Samāja nirmāṇe nārīṇāṁ bhūmikā समाज के निर्माण में स्त्रियों की भूमिका
वैदिककालेऽपि अपाला, घोषा, लोपामुद्रा, प्रभृतयः विदुष्यः नार्यः अभवन्। Vaidikakāle’pi apālā, ghoṣā, lopāmudrā, prabhṛtayaḥ viduṣyaḥ nāryaḥ abhavan. वैदिक काल में भी अपाला, घोषा, लोपामुद्रा आदि विदुषी स्त्रियाँ थीं।
गार्गी ब्रह्मवादिनी, तीक्ष्णबुद्धिः अध्यात्मतत्त्वविवेकिनी आसीत्। Gārgī brahmavādinī, tīkṣṇabuddhiḥ adhyātmatattvavivekinī āsīt. गार्गी ब्रह्मज्ञान में निपुण, तीव्र बुद्धि वाली तथा अध्यात्म तत्त्व की विवेचक थीं।
सा याज्ञवल्क्येन सह शास्त्रार्थं करोति तथा याज्ञवल्क्यं निरस्तं अकरोत्। Sā yājñavalkyena saha śāstrārthaṁ karoti tathā yājñavalkyaṁ nirastaṁ akarot. वह याज्ञवल्क्य के साथ शास्त्रार्थ करती थीं और उन्हें निरुत्तर कर देती थीं।
याज्ञवल्क्यपत्नी मैत्रेयी अपि प्रज्ञावती सूक्ष्मविवेकिनी च आसीत्। Yājñavalkyapatnī maitreyi api prajñāvatī sūkṣmavivekinī ca āsīt. याज्ञवल्क्य की पत्नी मैत्रेयी भी बुद्धिमती और सूक्ष्म विवेचना करने वाली थीं।
आचार्यमण्डनमिश्रस्य पत्नी भारती अतिविदुषी साक्षात् सरस्वतीवत् आसीत्। Ācāryamaṇḍanamiśrasya patnī bhāratī atividuṣī sākṣāt sarasvatīvat āsīt. आचार्य मण्डनमिश्र की पत्नी भारती अत्यन्त विदुषी, मानो स्वयं सरस्वती थीं।
तस्या वैशिष्ट्यमिदं यत् आचार्यशङ्करेण सह सा निर्णायिका अभवत्। Tasyā vaiśiṣṭyam idaṁ yat ācāryaśaṅkareṇa saha sā nirṇāyikā abhavat. उनकी विशेषता यह थी कि वे शंकराचार्य के साथ निर्णायक बनीं।
आधुनिककाले विमानचालने, चन्द्रयाने, जलयानचालने महिलाः अग्रसराः। Ādhunikakāle vimānacālane, candrayāne, jalayānacālane mahilāḥ agrasarāḥ. आधुनिक काल में विमान, चन्द्रयान और जलयान संचालन में महिलाएँ अग्रणी हैं।
एवं हि नारी समाजस्य सर्वेषु कर्मक्षेत्रेषु महत्वपूर्णं योगदानं कुर्वाणाः राष्ट्रस्य अस्मितां सन्नद्धां सन्ति। Evaṁ hi nārī samājasya sarveṣu karmakṣetreṣu mahatvapūrṇaṁ yogadānaṁ kurvāṇāḥ rāṣṭrasya asmitāṁ sannaddhāḥ santi. इस प्रकार स्त्रियाँ समाज के सभी क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण योगदान देकर राष्ट्र की पहचान को सुदृढ़ करती हैं।
शब्दार्थ (Vocabulary)
SanskritPronunciationHindi Meaning
विदुषीViduṣīज्ञानी स्त्री
तीक्ष्णबुद्धिःTīkṣṇabuddhiḥतीव्र बुद्धि वाली
अध्यात्मतत्त्वम्Adhyātmatattvamआध्यात्मिक सिद्धान्त
प्रज्ञावतीPrajñāvatīबुद्धिमती
सूक्ष्मविवेकिनीSūkṣmavivekinīसूक्ष्म विवेचना करने वाली
अतिविदुषीAtividuṣīअत्यन्त विदुषी
निर्णायिकाNirṇāyikāनिर्णय करने वाली
अग्रसराःAgrasarāḥआगे बढ़ने वाली
सहभागिताSahabhāgitāभागीदारी
ओजस्विताOjasvitāतेजस्विता
प्रतिष्ठाPratiṣṭhāसम्मान
महत्त्वपूर्णMahatvapūrṇaअत्यन्त आवश्यक
योगदानम्Yogadānamयोगदान
अस्मिताAsmitāपहचान
राष्ट्रम्Rāṣṭramदेश
शास्त्रार्थःŚāstrārthaḥशास्त्र चर्चा
पराजितःParājitaḥहार गया
राजनीतिःRājanītiḥराजनीति
सांसदत्वम्Sāṁsadatvamसांसद पद
विजयःVijayaḥजीत
क्रीडाक्षेत्रम्Krīḍākṣetramखेल क्षेत्र
ओलम्पिकम्Olympikamओलम्पिक
प्राध्यापकःPrādhyāpakaḥअध्यापक
समानताSamānatāबराबरी
योग्यताYogyatāक्षमता
अभ्यास प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1
समाजस्य निर्माणे कस्याः महती भूमिका स्वीक्रियते ? Samājasya nirmāṇe kasyāḥ mahatī bhūmikā svīkriyate? समाज के निर्माण में किसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है?
उत्तर: समाजस्य निर्माणे नारीणां महती भूमिका स्वीक्रियते। Samājasya nirmāṇe nārīṇāṁ mahatī bhūmikā svīkriyate. समाज के निर्माण में स्त्रियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
प्रश्न 2
प्राचीनकाले अस्माकं देशे काः विदुष्यः आसन् ? Prācīnakāle asmākaṁ deśe kāḥ viduṣyaḥ āsan? प्राचीन काल में हमारे देश में कौन-कौन सी विदुषी थीं?
उत्तर: अपाला, घोषा, लोपामुद्रा, गार्गी, मैत्रेयी च विदुष्यः आसन्। Apālā, ghoṣā, lopāmudrā, gārgī, maitreyi ca viduṣyaḥ āsan. अपाला, घोषा, लोपामुद्रा, गार्गी और मैत्रेयी विदुषी थीं।
प्रश्न 3
गार्गी केन सह शास्त्रार्थं अकरोत् ? Gārgī kena saha śāstrārthaṁ akarot? गार्गी ने किसके साथ शास्त्रार्थ किया?
उत्तर: गार्गी याज्ञवल्क्येन सह शास्त्रार्थं अकरोत्। Gārgī yājñavalkyena saha śāstrārthaṁ akarot. गार्गी ने याज्ञवल्क्य के साथ शास्त्रार्थ किया।
प्रश्न 4
आधुनिक समाजे स्त्रियः केषु क्षेत्रेषु योगदानं कुर्वन्ति ? Ādhunika samāje striyaḥ keṣu kṣetreṣu yogadānaṁ kurvanti? आधुनिक समाज में स्त्रियाँ किन क्षेत्रों में योगदान देती हैं?
उत्तर: राजनीतौ, क्रीडाक्षेत्रे, शिक्षाक्षेत्रे, विज्ञानक्षेत्रे च स्त्रियः योगदानं कुर्वन्ति। Rājanītau, krīḍākṣetre, śikṣākṣetre, vijñānakṣetre ca striyaḥ yogadānaṁ kurvanti. राजनीति, खेल, शिक्षा और विज्ञान में स्त्रियाँ योगदान देती हैं।
प्रश्न 5
मञ्जूषातः पदानि चित्वा वाक्यानि पूरयत। Mañjūṣātaḥ padāni citvā vākyāni pūrayata. मञ्जूषा से शब्द चुनकर वाक्य पूरे कीजिए।
उत्तर: वैदिकयुगे नार्यः विदुष्यः अभवन्। Vaidikayuge nāryaḥ viduṣyaḥ abhavan. वैदिक युग में स्त्रियाँ विदुषी थीं।
प्रश्न 6
संस्कृतभाषायाम् अनुवादं कुरुत। Saṁskṛtabhāṣāyām anuvādaṁ kuruta. संस्कृत में अनुवाद कीजिए।
उत्तर: समाजे स्त्रीपुरुषयोः महत्त्वं समानम् अस्ति। Samāje strīpuruṣayoḥ mahatvaṁ samānam asti. समाज में स्त्री और पुरुष का महत्त्व समान है।
प्रश्न 7
‘मम माता’ इति विषये पञ्च वाक्यानि लिखत। Mama mātā iti viṣaye pañca vākyāni likhata. ‘मेरी माता’ विषय पर पाँच वाक्य लिखिए।
उत्तर: मम माता स्नेहवती अस्ति। सा मम प्रथमगुरुः अस्ति। Mama mātā snehavatī asti. Sā mama prathamaguruḥ asti. मेरी माता स्नेही हैं। वे मेरी प्रथम गुरु हैं।
प्रश्न 8
कारकाणि सन्ति। (षट् / सप्त / अष्ट) Kārakāṇi santi. कारक कितने होते हैं?
उत्तर: कारकाणि षट् सन्ति। Kārakāṇi ṣaṭ santi. कारक छह होते हैं।

पाठसार / Moral

यह पाठ स्पष्ट करता है कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में नारी की भूमिका अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक स्त्रियाँ हर क्षेत्र में पुरुषों के समान योगदान दे रही हैं। नारी-पुरुष समानता ही समाज की प्रगति और संतुलन का आधार है।

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