इस पाठ “अहं संगणकः अस्मि” में संगणक को एक सजीव पात्र के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो विद्यार्थियों से संवाद करके अपने महत्व और उपयोगिता को समझाता है। संगणक बताता है कि वह सूचनाओं का संग्रह, व्यवस्था और त्वरित आदान–प्रदान करता है। इंटरनेट के माध्यम से संसार को एक ग्राम के समान बना देता है, जिससे घर बैठे रेल–वायुयान आरक्षण, ई-मेल, वेबकैम द्वारा संवाद आदि संभव हो जाते हैं। यह पाठ विद्यार्थियों को यह सिखाता है कि संगणक आधुनिक जीवन का अनिवार्य साधन है और उसका सही उपयोग शिक्षा, प्रशासन तथा दैनिक जीवन को सरल, तेज और प्रभावी बनाता है।
Path – Aham Saṅgaṇakaḥ Asmi
अष्टादशः पाठः
Aṣṭādaśaḥ pāṭhaḥ
अठारहवाँ पाठ
अहं संगणकः अस्मि
Ahaṁ saṅgaṇakaḥ asmi
मैं संगणक (कम्प्यूटर) हूँ
संगणकः– छात्रा!
Saṅgaṇakaḥ – chātrā!
संगणक – हे छात्रा!
छात्रा– (श्रुत्वा) अरे! कस्य स्वरः!
Chātrā – (śrutvā) are! kasya svaraḥ!
छात्रा – (सुनकर) अरे! यह किसकी आवाज़ है!
संगणकः– भोः बालिके! अहं अत्र अस्मि।
Saṅgaṇakaḥ – bhoḥ bālike! ahaṁ atra asmi
संगणक – हे बालिके! मैं यहाँ हूँ।
छात्रा– (दृष्टे निकटे च गत्वा) तव नाम किम् अस्ति ?
Chātrā – (dṛṣṭe nikaṭe ca gatvā) tava nāma kim asti?
छात्रा – (देखकर पास जाकर) तुम्हारा नाम क्या है?
संगणकः– मम नाम संगणकः। अहं गृहे गृहे निवसामि। किं न जानासि ?
Saṅgaṇakaḥ – mama nāma saṅgaṇakaḥ | ahaṁ gṛhe gṛhe nivasāmi | kiṁ na jānāsi?
संगणक – मेरा नाम संगणक है। मैं घर-घर में रहता हूँ। क्या तुम नहीं जानती?
एकः छात्रः– नहि, त्वं अत्र विद्यालये निवससि। मम गृहे तु न निवससि।
Ekaḥ chātraḥ – nahi, tvaṁ atra vidyālaye nivasasi | mama gṛhe tu na nivasasi
एक छात्र – नहीं, तुम यहाँ विद्यालय में रहते हो, मेरे घर में नहीं।
संगणकः– आम्। अधुना तव गृहे न निवसामि। यदा मया सह तव परिचयः भविष्यति, तदा तव गृहे अपि भविष्यामि।
Saṅgaṇakaḥ – ām | adhunā tava gṛhe na nivasāmi | yadā mayā saha tava paricayaḥ bhaviṣyati, tadā tava gṛhe api bhaviṣyāmi
संगणक – हाँ। अभी मैं तुम्हारे घर में नहीं रहता। जब तुम्हारा मुझसे परिचय होगा, तब तुम्हारे घर में भी आ जाऊँगा।
एकः छात्रः– सत्यं वदसि। परिचय विना गृहे प्रवेशः न भवति। अहोः संगणक! तव पूर्णः परिचयः कः ?
Ekaḥ chātraḥ – satyaṁ vadasi | paricaya vinā gṛhe praveśaḥ na bhavati | aho saṅgaṇaka! tava pūrṇaḥ paricayaḥ kaḥ?
एक छात्र – तुम सच कहते हो। परिचय के बिना घर में प्रवेश नहीं होता। हे संगणक! तुम्हारा पूरा परिचय क्या है?
सर्वे छात्राः– तव परिचयः कः ? तव परिचयः कः ? छात्राः कोलाहलं कुर्वन्ति।
Sarve chātrāḥ – tava paricayaḥ kaḥ? tava paricayaḥ kaḥ? chātrāḥ kolāhalaṁ kurvanti
सभी छात्र – तुम्हारा परिचय क्या है? क्या है? छात्र शोर मचाते हैं।
संगणकः– भोः छात्राः! अलं कोलाहलेन। शृणुत। पूर्णं ध्यानं दत्त्वा तूर्णं च शृणुत।
Saṅgaṇakaḥ – bhoḥ chātrāḥ! alaṁ kolāhalena | śṛṇuta | pūrṇaṁ dhyānaṁ dattvā tūrṇaṁ ca śṛṇuta
संगणक – हे छात्रों! शोर मत करो। सुनो। पूरा ध्यान देकर शीघ्र सुनो।
(सर्वे छात्राः तूर्णं तिष्ठन्ति)
(Sarve chātrāḥ tūrṇaṁ tiṣṭhanti)
(सभी छात्र तुरंत खड़े हो जाते हैं)
छात्राः– श्रीमन् संगणकमहोदय! वयं ध्यानेन श्रोष्यामः।
Chātrāḥ – śrīman saṅgaṇaka-mahoday! vayaṁ dhyānena śroṣyāmaḥ
छात्र – हे आदरणीय संगणक महोदय! हम ध्यान से सुनेंगे।
सूचनानां संग्रहः, तासां व्यवस्था, पुनः क्षिप्रम् प्रदानम् एव मम कार्यम् अस्ति।
Sūcanānāṁ saṅgrahaḥ, tāsāṁ vyavasthā, punaḥ kṣipram pradānam eva mama kāryam asti
सूचनाओं का संग्रह, उनका प्रबंधन और शीघ्र प्रदान करना ही मेरा काम है।
सर्वत्र अहं अस्मि। अहं विद्यालये परीक्षाकार्ये, अंकपत्रनिर्माणे, प्रमाणपत्रनिर्माणे च योगदानं कर्तुं समर्थः अस्मि।
Sarvatra ahaṁ asmi | ahaṁ vidyālaye parīkṣā-kārye, aṅkapatra-nirmāṇe, pramāṇapatra-nirmāṇe ca yogadānaṁ kartuṁ samarthaḥ asmi
मैं हर जगह हूँ। मैं विद्यालय में परीक्षा कार्य, अंकपत्र और प्रमाणपत्र बनाने में सहायता कर सकता हूँ।
अहं अन्तर्जालमाध्यमेन सूचनावहनं करोमि।
Ahaṁ antarjāla-mādhyamena sūcanā-vahanaṁ karomi
मैं इंटरनेट के माध्यम से सूचना का आदान-प्रदान करता हूँ।
अन्तर्जालमाध्यमेन विश्वम् एकग्रामं भवति।
Antarjāla-mādhyamena viśvam ekagrāmaṁ bhavati
इंटरनेट से पूरा विश्व एक गाँव जैसा बन जाता है।
क्षणेनैव सूचना आयाति याति च।
Kṣaṇenaiva sūcanā āyāti yāti ca
क्षण भर में सूचना आ जाती और चली जाती है।
यत्र तत्र सर्वं दृश्यते, अहर्निशं तव दासः॥
Yatra tatra sarvaṁ dṛśyate, aharniśaṁ tava dāsaḥ
हर जगह सब कुछ दिखाई देता है, मैं दिन-रात तुम्हारा सेवक हूँ।
छात्राः– संगणक! इण्टरनेटमाध्यमेन किं भवति ?
Chātrāḥ – Saṅgaṇaka! Inṭarneṭa-mādhyamena kiṁ bhavati?
छात्र – हे संगणक! इंटरनेट के माध्यम से क्या होता है?
संगणकः– अन्तर्जालमाध्यमेन विश्वम् एकग्रामं भवति।
Saṅgaṇakaḥ – Antarjāla-mādhyamena viśvam ekagrāmaṁ bhavati.
संगणक – इंटरनेट के माध्यम से पूरा विश्व एक गाँव के समान हो जाता है।
गृहे एव रेलयानस्य, वायुयानस्य, आरक्षणं भवति।
Gṛhe eva relayānasya, vāyuyānasya, ārakṣaṇaṁ bhavati.
घर बैठे ही रेलगाड़ी और हवाई जहाज़ का आरक्षण हो जाता है।
वस्तूनां क्रयविक्रयौ भवतः।
Vastūnāṁ kraya-vikrayau bhavataḥ.
वस्तुओं की खरीद और बिक्री होती है।
ईमेलद्वारा सन्देशप्रेषणं भवति।
Email-dvārā sandeśa-preṣaṇaṁ bhavati.
ईमेल के द्वारा संदेश भेजा जाता है।
वेबकैमद्वारा साक्षात् सन्देशप्रेषणं च भवति।
Webcam-dvārā sākṣāt sandeśa-preṣaṇaṁ ca bhavati.
वेबकैम के द्वारा प्रत्यक्ष संदेश भेजा जाता है।
भोः बालकाः! किं किं न भवति ?
Bhoḥ bālakāḥ! Kiṁ kiṁ na bhavati?
हे बालको! ऐसा क्या है जो नहीं होता?
क्षणेनैव सूचना आयाति याति च।
Kṣaṇenaiva sūcanā āyāti yāti ca.
क्षण भर में ही सूचना आती और जाती है।
छात्राः– अहो अद्भुतम्! अयम् अन्तर्जालव्यवस्था।
Chātrāḥ – Aho adbhutam! Ayam antarjāla-vyavasthā.
छात्र – अहा! यह तो अद्भुत है! यह इंटरनेट व्यवस्था है।
(बालकाः संगणकं परिक्रामन्ति गायन्ति च)
(Bālakāḥ saṅgaṇakaṁ parikrāmanti gāyanti ca)
(बच्चे संगणक के चारों ओर घूमते हैं और गाते हैं)
संगणकस्तं संगणकस्तं तुं तुं स्वीकुर्यः।
Saṅgaṇaka-staṁ saṅgaṇaka-staṁ tuṁ tuṁ svīkuryāḥ.
संगणक, संगणक – तूं तूं (ध्वनि करते हुए) हम तुम्हें स्वीकार करते हैं।
यत्र तत्र सर्वं दृश्यते, अहर्निशं तव दासः॥
Yatra tatra sarvaṁ dṛśyate, aharniśaṁ tava dāsaḥ.
जहाँ-तहाँ सब कुछ दिखाई देता है, मैं दिन-रात तुम्हारा सेवक हूँ।
शब्दार्थ (Vocabulary)
| Sanskrit | Pronunciation | Hindi Meaning |
|---|---|---|
| संगणकः | Saṅgaṇakaḥ | कंप्यूटर |
| श्रुत्वा | Śrutvā | सुनकर |
| स्वरः | Svaraḥ | आवाज़ |
| बालिका | Bālikā | लड़की |
| निकटे | Nikaṭe | पास |
| निवसामि | Nivasāmi | रहता हूँ |
| परिचयः | Paricayaḥ | परिचय |
| प्रवेशः | Praveśaḥ | प्रवेश |
| कोलाहलः | Kolāhalaḥ | शोर |
| शृणुत | Śṛṇuta | सुनो |
| ध्यानम् | Dhyānam | ध्यान |
| सूचना | Sūcanā | जानकारी |
| संग्रहः | Saṅgrahaḥ | संग्रह |
| व्यवस्था | Vyavasthā | प्रबंधन |
| क्षिप्रम् | Kṣipram | शीघ्र |
| अन्तर्जालम् | Antarjālam | इंटरनेट |
| आरक्षणम् | Ārakṣaṇam | बुकिंग |
| क्रयविक्रयौ | Krayavikrayau | खरीद-बिक्री |
| सन्देशः | Sandeśaḥ | संदेश |
| वेबकैमः | Webkāmaḥ | वेबकैम |
| क्षणेन | Kṣaṇena | क्षण भर में |
| अद्भुतम् | Adbhutam | अद्भुत |
| परिक्रामन्ति | Parikrāmanti | घूमते हैं |
| दासः | Dāsaḥ | सेवक |
| अहर्निशम् | Aharniśam | दिन-रात |
[1] उच्चारणं कृत्वा पुस्तिकायां च लिखत
प्रश्न 1
उच्चारणं कृत्वा पुस्तिकायां च लिखत – श्रूयन्तु, शृणुत, तूर्णं तिष्ठन्ति, श्रोष्यामः, इण्टरनेटमाध्यमेन, एकग्रामं, संगणकस्तम्
Uchchāraṇaṁ kṛtvā pustikāyāṁ ca likhata
उच्चारण करके कॉपी में लिखिए
उत्तर:
श्रूयन्तु, शृणुत, तूर्णं तिष्ठन्ति, श्रोष्यामः, इण्टरनेटमाध्यमेन, एकग्रामं, संगणकस्तम्
Shrūyantu, Shṛṇuta, Tūrṇaṁ tiṣṭhanti, Śroṣyāmaḥ, Internet-mādhyamena, Ekagrāmaṁ, Saṅgaṇakastam
ये सभी शब्द शुद्ध रूप में लिखे गए।
[2] एकपदेन उत्तरत
प्रश्न 2 (क)
कः कोलाहलं कुर्वन्ति ?
Kaḥ kolāhalaṁ kurvanti?
कोलाहल कौन करते हैं?
उत्तर:
छात्राः
Chhātrāḥ
छात्र
प्रश्न 2 (ख)
परिचय विना कुत्र प्रवेशः न भवति ?
Paricaya vinā kutra praveśaḥ na bhavati?
परिचय के बिना कहाँ प्रवेश नहीं होता?
उत्तर:
गृहे
Gṛhe
घर में
प्रश्न 2 (ग)
कः सर्वत्र अस्ति ?
Kaḥ sarvatra asti?
सब जगह कौन है?
उत्तर:
संगणकः
Saṅgaṇakaḥ
कंप्यूटर
प्रश्न 2 (घ)
केन माध्यमेन विश्वं एकग्रामं भवति ?
Kena mādhyamena viśvaṁ ekagrāmaṁ bhavati?
किस माध्यम से संसार एक गाँव बन जाता है?
उत्तर:
अन्तर्जालमाध्यमेन
Antarjāla-mādhyamena
इंटरनेट के माध्यम से
[3] शुद्धं रूपं लिखत
प्रश्न 3
खेलिष्यामि, खादतु, हसन्तु – शुद्धं रूपं लिखत
Śuddhaṁ rūpaṁ likhata
शुद्ध रूप लिखिए
उत्तर:
खेलिष्यामि → खेलितुम्
खादतु → खादितुम्
हसन्तु → हसितुम्
Khelitām, Khāditum, Hasitum
क्रियाओं के शुद्ध रूप
[4] दत्तेन शब्देन वाक्यानि पूरयत
प्रश्न 4
कः, किम्, कुत्र, कस्य – वाक्यानि पूरयत
Vākyāni pūrayata
रिक्त स्थान भरिए
उत्तर:
(क) तव नाम अस्ति ? (किम्)
(ख) अये! स्वरः ? (कः)
(ग) त्वं निवससि ? (कुत्र)
(घ) कोऽसौ ? (कस्य) Kim, Kaḥ, Kutra, Kasya उचित प्रश्नवाचक शब्द
(ख) अये! स्वरः ? (कः)
(ग) त्वं निवससि ? (कुत्र)
(घ) कोऽसौ ? (कस्य) Kim, Kaḥ, Kutra, Kasya उचित प्रश्नवाचक शब्द
[5] विलोमानि परस्परं मेलय कुरुत
प्रश्न 5
विलोमानि मेलयत
Vilomāni melayata
विलोम शब्द मिलाइए
उत्तर:
ह्रस्वः — दीर्घः
श्वेतः — श्यामः
तीव्रः — मन्दः
आदि — अन्ते Viloma-śabdāḥ विलोम शब्द
श्वेतः — श्यामः
तीव्रः — मन्दः
आदि — अन्ते Viloma-śabdāḥ विलोम शब्द
[6] संस्कृते अनुवादं कुरुत
प्रश्न 6
हिन्दी वाक्यानि संस्कृते अनुवादयत
Saṁskṛte anuvādayata
संस्कृत में अनुवाद कीजिए
उत्तर:
(क) अहं विद्यालये निवसामि।
(ख) तूष्णीं भूत्वा ध्यानेन शृणुत।
(ग) प्रमाणपत्रनिर्माणे योगदानं करोति। Ahaṁ vidyālaye nivasāmi… हिंदी वाक्यों के संस्कृत अनुवाद
(ख) तूष्णीं भूत्वा ध्यानेन शृणुत।
(ग) प्रमाणपत्रनिर्माणे योगदानं करोति। Ahaṁ vidyālaye nivasāmi… हिंदी वाक्यों के संस्कृत अनुवाद
[7] निबन्धः
प्रश्न 7
“संगणकः” इति विषये निबन्धं लिखत
Nibandhaṁ likhata
कंप्यूटर पर निबंध लिखिए
उत्तर:
संगणकः आधुनिकजीवने महत्त्वपूर्णः अस्ति। सः सूचनानां संग्रहं, व्यवस्थां च करोति।
विद्यालये, कार्यालये, गृहे च संगणकस्य प्रयोगः भवति। अन्तर्जालमाध्यमेन विश्वं
एकग्रामं भवति। संगणकः मानवजीवनं सरलतया कुर्वन् अहर्निशं सहाय्यं करोति।
Saṅgaṇakaḥ ādhunika-jīvane…
कंप्यूटर आधुनिक जीवन का आवश्यक साधन है।