पाठ 12 – आदिकविः वाल्मीकिः
Lesson 12 – Adikavih Valmikih (Class 7) द्वादशः पाठः आदिकविः वाल्मीकि: Ādikaviḥ Vālmīkiḥ आदिकवि वाल्मीकि पुरा वाल्मीकि: नाम एकः ऋषिः […]
Lesson 12 – Adikavih Valmikih (Class 7) द्वादशः पाठः आदिकविः वाल्मीकि: Ādikaviḥ Vālmīkiḥ आदिकवि वाल्मीकि पुरा वाल्मीकि: नाम एकः ऋषिः […]
इस पाठ में राजा दिलीप के कर्तव्य, त्याग और धर्मनिष्ठा का अत्यन्त प्रभावशाली चित्रण किया गया है। राजा दिलीप अपने
इस पाठ “निबन्धतरोः साक्ष्यमपु” में सत्य, न्याय और ईमानदारी का महत्त्व बताया गया है। कथा में मनोहर और धर्मदत्त नामक
‘प्रहेलिका’ पाठ में रोचक पहेलियों के माध्यम से बुद्धि, तर्क और भाषा–कौशल का विकास किया गया है। इन प्रहेलिकाओं में
यह पाठ हमें सिखाता है कि सच्ची सफलता केवल परिश्रम और सहयोग से ही प्राप्त होती है। सैनिक एक भारी
यह कविता स्वतंत्र भारत के मूल्यों को प्रकट करती है। स्वतंत्रता, समान अधिकार, शिक्षा, सहयोग और शांति के माध्यम से
अयं पाठः दया, करुणा, मानवता च उपदेशयति। मनुष्यैः दीनानां रक्षणं कर्तव्यम्। मूढता देशात् दूरा करणीया। धर्मग्रन्थानां उपदेशः जीवनं मार्गदर्शयति। बालकाः
इस पाठ में हमारे देश के महान व्यक्तियों और ऐतिहासिक स्थलों का परिचय दिया गया है। इसमें डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल
इस पाठ “पुनरवलोकनम्” में सरल-सरल संस्कृत वाक्यों के माध्यम से मुनि, गुरु, माता, पिता, धेनु, नदी आदि के कार्य बताए
यह पाठ प्रयाण-गीतम् राष्ट्रप्रेम, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा पर आधारित प्रेरणादायक कविता है। इसमें किशोर सैनिकों के उत्साह, आत्मविश्वास और स्वतंत्रता