Tvameva Mata Cha Pita Tvameva.
त्वमेव माता च पिता त्वमेव।
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव।
त्वमेव सर्वं मम देव देव।।
Poem (मूल पाठ)
त्वमेव माता च पिता त्वमेव।
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव।
त्वमेव सर्वं मम देव देव।।
सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु। मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्।।
सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु। मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्।।
Meaning (सरल अर्थ)
त्वमेव माता च पिता त्वमेव।
आप ही मेरी माता और पिता हैं।
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।
आप ही मेरे बन्धु (भाई) और सखा (मित्र) हैं।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव।
आप ही विद्या हैं और आप ही धन हैं।
त्वमेव सर्वं मम देव देव।।
हे देव! आप ही मेरे लिए सब कुछ हैं।
सर्वे भवन्तु सुखिनः।
सब सुखी हों।
सर्वे सन्तु निरामयाः।
सब निरोग (स्वस्थ) रहें।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु।
सब शुभ कार्य देखें और करें।
मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्।।
किसी को भी दुःख न मिले।