श्लोक के माध्यम से अहंकार और विनम्रता का जीवनोपयोगी संदेश
अगाधजलसञ्चारी न गर्वं याति रोहितः। अङ्गुष्ठोदकमात्रेण शफरी फुर्फुरायते॥ संस्कृत साहित्य में ऐसे अनेक श्लोक मिलते हैं जो बहुत सरल उदाहरणों […]
अगाधजलसञ्चारी न गर्वं याति रोहितः। अङ्गुष्ठोदकमात्रेण शफरी फुर्फुरायते॥ संस्कृत साहित्य में ऐसे अनेक श्लोक मिलते हैं जो बहुत सरल उदाहरणों […]
शिक्षक की दृष्टि: श्रीमती शर्मा श्रीमती शर्मा हमेशा कहती हैं, “शिक्षा एक ऐसा जादू है, जो बच्चों में ख़ुद पर