Lesson 19 – Chandra Shekhar Azad | Class 5

चन्द्रशेखर आज़ाद – भारत के अमर शहीद और महान स्वतंत्रता सेनानी

यह पाठ महान स्वतंत्रता सेनानी चन्द्रशेखर आज़ाद के जीवन और उनके देशभक्ति भाव को प्रस्तुत करता है। इसमें बताया गया है कि आज़ाद का जन्म मध्यप्रदेश के भाँवरा ग्राम में हुआ था। उन्होंने बचपन से ही ब्रिटिश शासन का विरोध किया और असहयोग आंदोलन में सम्मिलित होकर भारत की आज़ादी की लड़ाई को आगे बढ़ाया। न्यायालय में जब उनसे नाम पूछा गया तो उन्होंने निर्भीक होकर उत्तर दिया – “मेरा नाम आज़ाद है”। अपने वचन के अनुसार वे जीवन भर अंग्रेजों के हाथ नहीं आए और अंत में स्वयं को गोली मारकर देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दे दिया।

चन्द्रशेखरआज़ादः महान् राष्ट्रभक्तः आसीत् ।
Chandraśekhara-Āzādaḥ mahān rāṣṭrabhaktaḥ āsīt.
चन्द्रशेखर आज़ाद एक महान देशभक्त थे।
अस्य जन्म मध्यप्रदेशस्य भाँवराग्रामे (वर्तमानः चन्द्रशेखर-आजादनगरः) अभवत् ।
Asya janma Madhyapradeśasya Bhābarāgrāme (vartamānaṁ Chandraśekhara-Āzādanagaraṁ) abhavat.
इनका जन्म मध्यप्रदेश के भाँवरा ग्राम में हुआ (आज वहाँ चन्द्रशेखर-आजादनगर नामक स्थान है)।
तस्य पिता श्रीसीतारामः माता च श्रीमती जगरानिनदेवी आस्ताम् ।
Tasya pitā Śrīsītārāmaḥ, mātā ca Śrīmatī Jaragaṇadevī āstām.
उनके पिता का नाम श्री सीताराम और माता का नाम श्रीमती जगरानीदेवी था।
आचार्यनेन्द्रदेवः काशीविधापीठे तस्य अध्ययनव्यवस्थाम् अकरोत् ।
Ācārya Anenduśekharaḥ Kāśi-vidyāpīṭhe tasya adhyayanavyavasthām akarot.
आचार्य नरेन्द्रदेव ने काशी के विद्यालय में उनकी शिक्षा का प्रबंध किया।
विद्यापीठस्य छात्रैः सह असहयोगान्दोलने सम्मिलितः अभवत् ।
Vidyāpīṭhasya chātraiḥ saha asahayogāndolane sammilitaḥ abhavat.
वे विश्वविद्यालय के छात्र के रूप में असहयोग आंदोलन में सम्मिलित हुए।
सः त्रिवर्णध्वजं नीत्वा ‘जयतु महात्मा गान्धी’ ‘जयतु भारतमाता’ इति घोषयन् न्यायाधीशस्य सम्मुखे उपस्थिता अभवत् ।
Saḥ tiraṅga-dhvajaṁ nītvā “Jayatu Mahātmā Gāndhīḥ, Jayatu Bhāratamātā” iti ghoṣayan nyāyādhīśasya sammukhe upasthitaḥ abhavat.
उन्होंने त्रिवर्ण ध्वज उठाकर ‘जय महात्मा गाँधी, जय भारत माता’ कहकर न्यायाधीश के समक्ष उपस्थित हुए।
न्यायाधीशः तम् अपृच्छत् — तव नाम किम् ? सः उत्तरं दत्त्वा मम नाम ‘आजादः’ इति ।
Nyāyādhīśaḥ tam apṛcchat – “Tvat nāma kim?”Saḥ uttaraṁ dattavān – “Mama nāma Āzādaḥ.”
न्यायाधीश ने उनसे नाम पूछा — उन्होंने उत्तर दिया: मेरा नाम ‘आजाद’ है।
कुद्धुः न्यायाधीशः पञ्चदशकशाधातदण्डं दत्त्वान् । भारतमातुः जयकारं कुर्वन् ब्रिटिशसाम्राज्यस्य विनाशाय दृढप्रतिज्ञाम् अकरोत् ।
Kuddhaḥ nyāyādhīśaḥ pañcadaśa-kaśā-dhāta-daṇḍaṁ dattvā, Bhāratamātuḥ jayakāraṁ kurvan Bṛṭiśa-sāmrājyasya vināśāya dṛḍhapratijñām akarot.
क्रोधित न्यायाधीश ने पंद्रह बेंतों की सजा दी। भारत माता की जयकार करते हुए (चन्द्रशेखर आज़ाद ने) ब्रिटिश साम्राज्य के विनाश के लिए दृढ़ प्रतिज्ञा की।
आजादः प्रयागराजस्य अल्फेडपार्कनाम्नि उद्याने आंग्लरक्षिभिः परिवृत्तः। आरक्षकाणां गुलिकावृष्टिं दृष्टवा सः गुलिकाप्रहारम् अरभत ।
Āzādaḥ Prayāgarājasya Alfreda-Pārk-nāmni udyāne āṅgla-rakṣibhiḥ parivṛttaḥ. Ārakṣakāṇāṁ gulikā-vṛṣṭiṁ dṛṣṭvā saḥ gulikā-prahāram arabhat.
प्रयागराज के अल्फ्रेड पार्क नामक उद्यान में आज़ाद अंग्रेज़ सिपाहियों से घिर गए। सैनिकों की गोलियों की वर्षा देखकर उन्होंने भी गोलीबारी आरम्भ कर दी।
यदा तस्य पार्श्वे एका गुलिका अवशिष्टा तदा सः आत्मानं एव हतवान् । एवं सः आजीवनम् आजादः आसीत् ।
Yadā tasya pārśve ekā gulikā avaśiṣṭā tadā saḥ ātmānaṁ eva hatavān. Evam saḥ ājīvanam Āzādaḥ āsīt.
जब उनके पास केवल एक गोली बची थी तब उन्होंने स्वयं को मार लिया; इस प्रकार वे आजाद कहलाए।
देशस्य स्वतन्त्रतायै मृत्युपि सः अमरः अभवत् ।
Deśāshy svatantratāyai mṛtyor api saḥ amaraḥ abhavat.
देश की स्वतंत्रता के कारण उनका बलिदान अमर हो गया।

नए शब्द (Word | उच्चारण | अर्थ)

Wordउच्चारणहिन्दी अर्थ
राष्ट्रभक्तः(राष्ट्र-भक्तः)देशभक्त
जन्म(जन्म)जन्म
भाँवराग्राम(भांवरा-ग्राम)भाँवरा ग्राम (गाँव का नाम)
आचार्य(आ-चार्य)शिक्षक
विद्यापीठ(विद्या-पीठ)विश्वविद्यालय / शिक्षा संस्थान
छात्रः(छात्रः)छात्र
असहयोगान्दोलन(असहयोग-आन्दोलन)असहयोग आंदोलन
त्रिवर्ण(त्रि-वर्ण)तीन रंग (त्रिवर्ण ध्वज)
ध्वजं(ध्वजं)झंडा
घोषयन्(घोष-यन्)उच्चारण किया / घोष किया
न्यायाधीश(न्याय-आ-धीश)जज
उपस्थितः(उप-स्थि-तः)मौजूद
पञ्चदश(पञ्च-दश)पंद्रह
दण्डम्(दण्डम्)सजा
जयकार(जय-कार)उत्साहपूर्वक जय का नारा
दृढप्रतिज्ञ(दृढ-प्रतिज्ञ)दृढ़ सङ्कल्पित
परिवृत्तः(परि-वृत्तः)घिरा हुआ
आसिन् / आसीत्(आसिन् / आसीत्)था / थे
गुलिका(गु-लि-का)गोली / बम
आत्मानं(आत्मानं)स्वयं
हत्वान्(हत्वान्)मार डाला
स्वतन्त्रता(स्वतन्त्र-ता)आज़ादी
अमरः(अमरः)अमर / अमरत्व
समजिक(सामाजिक)सामाजिक

नैतिकता / Moral

हिन्दी: जीवन में सिद्धांतों के लिए दृढ़ता और त्याग का महत्त्व अतुलनीय है। चन्द्रशेखर आजाद का आत्मबलिदान देशभक्ति और स्वतंत्रता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

English: Steadfastness for principles and the willingness to sacrifice for freedom are invaluable. Chandra Shekhar Azad’s self-sacrifice symbolizes unwavering commitment to the nation and liberty.

प्रश्नोत्तर (Solved)

प्रश्न (क): महान् राष्ट्रभक्तः कः आसीत् ?
(महान् राष्ट्र-भक्तः कः आसीत्?)
उत्तर: चन्द्रशेखर आजादः आसीत् ।
प्रश्न (ख): सः कस्मिन् आन्दोलनें सम्मिलितः अभवत् ?
(सः कस्मिन् आन्दोलन-ए सम्मिलितः अभवत्?)
उत्तर: असहयोग-आन्दोलने सम्मिलितः अभवत् ।
प्रश्न (ग): आजादस्य मातुः नाम किम् आसीत् ?
(आजादस्य मातुः नाम किम् आसीत्?)
उत्तर: श्रीमती जगरानिने देवी आसीत् ।
प्रश्न (घ): सः कस्य विनाशाय दृढप्रतिज्ञः आसीत् ?
(सः कस्य विनाशाय दृढ-प्रतिज्ञः आसीत्?)
उत्तर: ब्रिटिशसाम्राज्यस्य विनाशाय दृढप्रतिज्ञः आसीत् ।
प्रश्न (ङ): चन्द्रशेखरआज़ादः उद्याने के किं परिवृत्तः आसीत् ?
(चन्द्रशेखर-आजादः उद्याने के किं परिवृत्तः आसीत्?)
उत्तर: आङ्ग्लरक्षकैः परिवृत्तः आसीत् ।

Word Power — अभ्यास (Solved)

नीचे दिये गए शब्दों के सही रूप भर दिए गए हैं (चित्र के प्रश्नों के अनुसार):

अभ्याससही उत्तरहिन्दी अर्थ
ग्राम — __________ (बहुवचन)ग्रामेगाँव में / ग्रामों
नागरम् — __________ (बहुवचन)नगरेनगरों
उध्यानम् — __________ (बहुवचन)उध्यानानिबाग/उद्यान
जीवनम् — __________ (बहुवचन)जीवनानिजीव/जीन
विद्यापीठम् — __________ (बहुवचन)विद्यापीठानिविश्वविद्यालय
गृहः — __________ (बहुवचन)गृहाणिघर/गृह
पुस्तकम् — __________ (बहुवचन)पुस्तकानिपुस्तक
देशः — __________ (बहुवचन)देशाःदेश

नोट: यह तालिका अध्याय की ‘उदाहरणानुसार परिवर्तन’ और ‘वाक्यानि पूरय’ प्रकार के प्रश्नों के उत्तरों के उदाहरण देती है।

Language Practice — व्याकरण अभ्यास (Solutions)

1) सत्यकथनानां समक्षम ‘आम्’ असत्यकथनानां समक्षम ‘न’ इति लिखत —

वाक्यसत्य / असत्य
चन्द्रशेखरस्य जन्म बिहार-प्रदेश्य अभवत् ।न (असत्य — मध्यप्रदेश)
आजादः ब्रिटिशसाम्राज्यस्य विनाशाय दृढप्रतिज्ञः अकरोत् ।आम् (सत्य)
आङ्ग्ल-रक्षकाः चन्द्रशेखरः हत्वान ।न (असत्य — आजाद ने आत्महत्या की)
सः असहयोग-आन्दोलने सम्मिलितः अभवत् ।आम् (सत्य)

2) वाक्यानि पूरयत — (भरणे के साथ)

  1. चन्द्रशेखरस्य जन्म मध्यप्रदेशस्य भाँवराग्रामे अभवत् ।
  2. आजादस्य पितुः नाम श्रीसीतारामः आसीत् ।
  3. विद्यापीठस्य छात्रः सह असहयोग-आन्दोलने सम्मिलितः अभवत् ।
  4. देशस्य स्वतंत्रतायै मृत्युपि सः अमरः अभवत् ।

Activity — रचनात्मक कार्य

निदेश / Instructions (हिन्दी): विद्यार्थी से कहिए कि वे 80-100 शब्दों में चन्द्रशेखर आजाद के बलिदान पर एक छोटा निबन्ध लिखें। इसमें 1) उनका परिचय 2) असहयोग आंदोलन में सहभाग 3) उनका बलिदान 4) हम उनसे क्या सीख सकते हैं — इन चार बिन्दुओं को शामिल करें।

Solution / समाधान (Example, ~85 शब्द):

English/Hindi Sample (उदाहरण):

चन्द्रशेखर आजाद एक महान देशभक्त थे जिनका जन्म मध्यप्रदेश के भाँवराग्राम में हुआ। वे असहयोग आंदोलन में सक्रिय रहे और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध दृढ़ थे। उन्होंने त्रिवर्ण ध्वज को सम्मानपूर्वक लेकर अपना समर्थन प्रदर्शित किया तथा न्यायालय में अपना नाम ‘आजाद’ बताया। जब वे अंग्रेज़ रक्षकगणों से घिरे, तब उनके पास सिर्फ एक गोली बची और उन्होंने अपने देश की आजादी के लिए आत्महत्यांश देकर बलिदान किया। उनकी वीरता हमें सिखाती है कि देश और सिद्धांत के लिए समर्पण महान गुण है।

हिन्दी अर्थ: यह गतिविधि छात्रों को बोध कराती है कि वे संक्षेप में सही तथ्यों के साथ भावनात्मक और तार्किक रूप से लिखें।

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