शिक्षण योजना
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दिनांक
26.07.2026
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कक्षा
4
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विषय
हिन्दी
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पाठ |
समय
40 मिनट
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पाठ परिचय
प्रस्तुत पाठ "कविता का कमाल" एक रोचक लोककथा है, जिसमें मदन नाम का एक गरीब बालक अपनी बुद्धिमानी, सूझ-बूझ और परिस्थितियों के अनुसार सोचने की क्षमता से सफलता प्राप्त करता है। कहानी यह संदेश देती है कि धैर्य, आत्मविश्वास और चतुराई से कठिन परिस्थितियों का समाधान किया जा सकता है। सरल भाषा, रोचक घटनाओं और संवादों के माध्यम से यह पाठ बच्चों में कल्पनाशक्ति, भाषा कौशल तथा नैतिक मूल्यों का विकास करता है।
अधिगम प्रतिफल
पाठ के अध्ययन के उपरांत विद्यार्थी कहानी को क्रमवार समझकर अपने शब्दों में सुना सकेंगे, पात्रों का परिचय देंगे, घटनाओं का सही क्रम बता सकेंगे तथा कहानी से मिलने वाली शिक्षा को अपने जीवन से जोड़ सकेंगे। विद्यार्थी भावपूर्ण वाचन, प्रश्नों के उत्तर, समूह चर्चा तथा रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करेंगे।
प्रकरण
लोककथा के माध्यम से बुद्धिमानी, सूझ-बूझ तथा आत्मविश्वास का महत्व।
शिक्षण-अधिगम सामग्री
- वीणा हिन्दी पाठ्यपुस्तक
- कहानी से संबंधित चित्र
- फ्लैश कार्ड
- पात्रों के नाम वाले कार्ड
- श्यामपट्ट एवं रंगीन चॉक
- चार्ट पेपर
- यदि उपलब्ध हो तो कहानी का ऑडियो/वीडियो
शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाएँ / गतिविधियाँ
प्रथम दिवस
| क्रम | चरण | समय | आकलन का तरीका |
|---|---|---|---|
| 1 |
शिक्षक के आरंभ में : विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए पूछेंगे—यदि आपके पास कोई काम न हो और अचानक कोई प्रतियोगिता हो जाए तो आप क्या करेंगे? इसके बाद कहानी का शीर्षक "कविता का कमाल" लिखकर बच्चों से अनुमान लगवाएँगे कि कहानी कविता की होगी या किसी बालक की। चित्र दिखाकर मदन तथा उसकी माँ का परिचय कराएँगे। |
5 मिनट | मौखिक प्रश्नोत्तर एवं सहभागिता |
| 2 |
शिक्षक के दौरान : शिक्षक कहानी का प्रारम्भ (मदन और उसकी माँ, कवि सम्मेलन की घोषणा तथा मदन का राजमहल की ओर चलना) सरल भाषा में सुनाएँगे। इसके बाद पुस्तक से आदर्श वाचन करेंगे तथा विद्यार्थियों से अनुच्छेदों का सामूहिक वाचन कराएँगे। कठिन शब्दों के अर्थ समझाते हुए यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक बच्चा कहानी की घटनाओं को समझ सके। |
20 मिनट | वाचन, अवलोकन एवं प्रश्नोत्तर |
| 3 |
शिक्षक के अंत में : विद्यार्थियों से कहानी के प्रथम भाग को अपने शब्दों में सुनाने के लिए प्रेरित करेंगे। उनसे पूछेंगे—मदन कौन था? उसकी माँ ने उसे क्या कहा? कवि सम्मेलन कहाँ हो रहा था? यदि तुम मदन की जगह होते तो क्या करते? चित्रों के आधार पर घटनाओं का क्रम दोहरवाएँगे तथा सभी शंकाओं का समाधान करेंगे। |
10 मिनट | मौखिक अभिव्यक्ति एवं प्रश्नोत्तर |
| 4 |
अधिगम जाँच : विद्यार्थियों से कहानी की प्रारम्भिक घटनाओं को सही क्रम में बताने के लिए कहेंगे तथा पात्रों (मदन, माँ और ढिंढोरा पीटने वाले व्यक्ति) की पहचान करवाएँगे। छोटे-छोटे प्रश्नों के माध्यम से समझ का आकलन करेंगे। |
5 मिनट | मौखिक आकलन एवं अवलोकन |
गृहकार्य
मदन, उसकी माँ तथा कवि सम्मेलन के बारे में पाँच सरल वाक्य लिखिए। यदि लिखना कठिन लगे तो घर पर किसी बड़े सदस्य को कहानी का पहला भाग सुनाइए।
द्वितीय दिवस
| क्रम | चरण | समय | आकलन का तरीका |
|---|---|---|---|
| 1 |
शिक्षक के आरंभ में : पिछले दिवस की कहानी का पुनरावर्तन कराएँगे। विद्यार्थियों से प्रथम दिवस की घटनाएँ क्रमवार कहलवाएँगे। तत्पश्चात पूछेंगे—मदन रास्ते में आगे क्या-क्या देख सकता है? बच्चों के उत्तर सुनकर आगे की कहानी पढ़ने के लिए उत्सुक करेंगे। |
5 मिनट | पुनरावृत्ति एवं प्रश्नोत्तर |
| 2 |
शिक्षक के दौरान : शिक्षक कहानी का अगला भाग पढ़ाएँगे जिसमें कुत्ता, भैंस, चिड़िया, साँप तथा "धन्नू शाह" तक की घटनाएँ आती हैं। प्रत्येक घटना के बाद रुककर बच्चों से पूछेंगे कि मदन ने यह पंक्ति क्यों बनाई। कहानी को अभिनय, चित्रों और सरल भाषा के माध्यम से समझाएँगे ताकि प्रत्येक बच्चा घटना और कविता के बीच संबंध समझ सके। |
20 मिनट | वाचन, चित्र अवलोकन एवं मौखिक उत्तर |
| 3 |
शिक्षक के अंत में : विद्यार्थियों से कुत्ते, भैंस, चिड़िया, साँप तथा धन्नू शाह से जुड़ी घटनाओं को क्रमवार सुनाने के लिए कहेंगे। प्रत्येक घटना के साथ बनी कविता की पंक्तियाँ दोहरवाएँगे और पूछेंगे कि मदन ने यह पंक्ति किसे देखकर बनाई। अंत में सभी विद्यार्थियों से पूरी बनी हुई कविता सामूहिक रूप से बुलवाएँगे। |
10 मिनट | मौखिक प्रस्तुति एवं प्रश्नोत्तर |
| 4 |
अधिगम जाँच : विद्यार्थियों से चित्र दिखाकर संबंधित पात्र या घटना पहचानने को कहेंगे तथा कविता की किसी एक पंक्ति को सुनाकर उससे जुड़ी घटना बताने के लिए प्रेरित करेंगे। |
5 मिनट | अवलोकन एवं मौखिक आकलन |
गृहकार्य
कहानी में आए पाँच पात्रों (कुत्ता, भैंस, चिड़िया, साँप, धन्नू शाह) के नाम लिखिए तथा प्रत्येक के सामने लिखिए कि मदन ने उन्हें देखकर कौन-सी पंक्ति बनाई।
तृतीय दिवस
| क्रम | चरण | समय | आकलन का तरीका |
|---|---|---|---|
| 1 |
शिक्षक के आरंभ में : पिछले दिवस की कविता विद्यार्थियों से सामूहिक रूप से दोहरवाएँगे। पूछेंगे—मदन अब राजमहल पहुँच गया है, आगे क्या हो सकता है? विद्यार्थियों के उत्तर सुनकर कहानी के अगले भाग की ओर ले जाएँगे। |
5 मिनट | पुनरावृत्ति एवं प्रश्नोत्तर |
| 2 |
शिक्षक के दौरान : शिक्षक राजमहल में कविता सुनाने, राजा द्वारा रात में कविता दोहराने, चोरों के डरने, धन्नू शाह के अपराध स्वीकार करने तथा खजाना बच जाने तक की पूरी घटना सरल भाषा में पढ़ाएँगे। प्रत्येक घटना के बाद बच्चों से कारण पूछेंगे कि आगे क्या हुआ और क्यों हुआ, ताकि वे कहानी का क्रम और भाव आसानी से समझ सकें। |
20 मिनट | वाचन, घटना-क्रम की समझ एवं प्रश्नोत्तर |
| 3 |
शिक्षक के अंत में : विद्यार्थियों से पूरी कहानी अपने शब्दों में क्रमवार सुनाने के लिए कहेंगे। यह भी पूछेंगे कि मदन की कविता ने राजा का खजाना किस प्रकार बचाया। कहानी से मिलने वाली सीख पर चर्चा कराते हुए विद्यार्थियों से अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रेरित करेंगे। |
10 मिनट | मौखिक प्रस्तुति एवं प्रश्नोत्तर |
| 4 |
अधिगम जाँच : विद्यार्थियों से प्रश्न पूछेंगे—मदन को पुरस्कार क्यों मिला? धन्नू शाह कौन था? राजा ने मदन की प्रशंसा क्यों की? विद्यार्थी उत्तर देकर अपनी समझ का प्रदर्शन करेंगे। |
5 मिनट | मौखिक आकलन एवं अवलोकन |
गृहकार्य
'यदि मैं मदन होता/होती' विषय पर 5–6 वाक्य लिखिए तथा कहानी से मिली एक सीख अपने शब्दों में लिखिए।
कक्षा गतिविधियाँ
- घटना क्रम सजाओ : कहानी की प्रमुख घटनियों के चित्र/पर्चियाँ देकर विद्यार्थियों से सही क्रम में सजाने को कहें।
- कविता पूरी करो : शिक्षक कविता की पहली पंक्ति बोलें, विद्यार्थी अगली पंक्ति पूरी करें।
- भूमिका-अभिनय : मदन, राजा, धन्नू शाह और चोरों की भूमिका निभाकर कहानी का मंचन कराएँ।
- मेरी नई कविता : किसी पशु, पक्षी या वस्तु को देखकर बच्चे दो पंक्तियों की अपनी छोटी कविता बनाने का प्रयास करें।
आकलन
- मदन कविता सुनाने राजमहल क्यों गया?
- मदन ने कविता की पंक्तियाँ कैसे बनाई?
- धन्नू शाह कौन था?
- राजा का खजाना कैसे बच गया?
- इस कहानी से आपको क्या सीख मिलती है?
उपचारात्मक एवं समृद्धीकरण कार्य
उपचारात्मक कार्य : जिन विद्यार्थियों को कहानी का क्रम समझने में कठिनाई हो, उन्हें चित्रों और सरल प्रश्नों की सहायता से पुनः कहानी समझाई जाएगी तथा मुख्य घटनाओं का क्रम बार-बार दोहराया जाएगा।
समृद्धीकरण कार्य : प्रतिभाशाली विद्यार्थियों से कहानी का नया शीर्षक सुझाने, अपनी कल्पना से नया अंत लिखने अथवा किसी अन्य रोचक घटना पर छोटी कविता बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
आगामी कार्य योजना
अगले पाठ से पूर्व विद्यार्थियों को अपने आसपास घटित किसी रोचक घटना का ध्यानपूर्वक अवलोकन करने तथा उस घटना पर दो-तीन पंक्तियाँ लिखकर लाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उनके अनुभवों को कक्षा में साझा कराते हुए आगामी पाठ से जोड़ा जाएगा।
शिक्षक टिप्पणी
अधिकांश विद्यार्थियों ने कहानी का घटनाक्रम, पात्रों तथा कविता की पंक्तियों के बीच संबंध को अच्छी तरह समझा। भूमिका-अभिनय, चित्रों तथा प्रश्नोत्तर गतिविधियों में उन्होंने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कुछ विद्यार्थियों को घटनाओं का क्रम याद रखने एवं कविता का भाव समझने के लिए अतिरिक्त अभ्यास कराया जाएगा।
| शिक्षक के हस्ताक्षर | प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर |
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