शिक्षण योजना
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दिनांक
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कक्षा
4
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विषय
हिन्दी
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पुस्तक
संतूर
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पाठ
हौसला
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समय
40 मिनट
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अधिगम प्रतिफल
- विद्यार्थी पाठ का शुद्ध उच्चारण, उचित गति एवं भाव के साथ पठन करेंगे।
- विद्यार्थी कहानी के मुख्य पात्रों, घटनाओं तथा संदेश को अपने शब्दों में व्यक्त करेंगे।
- विद्यार्थी कठिन परिस्थितियों में आत्मविश्वास, धैर्य एवं निरंतर प्रयास के महत्व को समझेंगे।
- विद्यार्थी पाठ में आए नए शब्दों का सही अर्थ समझकर उनका वाक्यों में प्रयोग करेंगे।
- विद्यार्थी प्रश्नों के उत्तर मौखिक एवं लिखित रूप में आत्मविश्वास के साथ देंगे तथा अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करेंगे।
विषय-वस्तु
‘हौसला’ एक प्रेरणादायक कहानी है, जो बच्चों को आत्मविश्वास, साहस, कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास तथा विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानने की प्रेरणा देती है। यह पाठ बताता है कि जीवन में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, सकारात्मक सोच और लगातार प्रयास करने से प्राप्त होती है।
शिक्षण-अधिगम सामग्री
- एनसीईआरटी/संतूर हिन्दी पाठ्यपुस्तक
- श्यामपट्ट एवं रंगीन चॉक
- प्रेरणादायक व्यक्तियों के चित्र
- चित्र कार्ड एवं शब्द कार्ड
- फ्लैश कार्ड
- कार्यपत्रक (Worksheet)
- प्रोजेक्टर/स्मार्ट टीवी (यदि उपलब्ध हो)
- कार्यपुस्तिका एवं अभ्यास पुस्तिका
शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया
इस पाठ का शिक्षण कहानी-वाचन, चित्र अवलोकन, प्रश्नोत्तर, चर्चा, भूमिका-अभिनय तथा समूह गतिविधियों के माध्यम से कराया जाएगा। शिक्षक विद्यार्थियों को कहानी के प्रत्येक प्रसंग से जोड़ते हुए आत्मविश्वास, संघर्ष, धैर्य तथा निरंतर प्रयास के महत्व को समझाएंगे, जिससे बच्चे पाठ के संदेश को अपने दैनिक जीवन से जोड़ सकें।
प्रथम दिवस
| क्रम | शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया / गतिविधियाँ | समय | आकलन |
|---|---|---|---|
| 1 |
शिक्षण से पूर्व शिक्षक बच्चों से प्रेरणादायक प्रश्न पूछेंगे जैसे— “क्या आपने कभी किसी कठिनाई का सामना किया है?”, “यदि किसी कार्य में असफलता मिले तो क्या करना चाहिए?” तथा कुछ प्रेरणादायक व्यक्तियों के चित्र दिखाकर बच्चों से उनके विचार साझा करवाएंगे। इसके बाद पाठ ‘हौसला’ का शीर्षक लिखकर उसका अनुमान लगाने को कहेंगे। |
8 मिनट | मौखिक प्रश्नोत्तर एवं सहभागिता |
| 2 |
शिक्षण के दौरान शिक्षक पाठ के प्रारम्भिक भाग का आदर्श वाचन करेंगे तथा विद्यार्थी अनुकरण करते हुए क्रमवार वाचन करेंगे। कथावाचक, माइकल, विद्यालय, प्रतियोगिता तथा दुर्घटना तक की घटनाओं को सरल भाषा में समझाया जाएगा। कठिन शब्दों के अर्थ संदर्भ सहित बताए जाएंगे तथा विद्यार्थियों से उनका उच्चारण करवाया जाएगा। |
15 मिनट | वाचन कौशल, उच्चारण एवं समझ |
| 3 |
गतिविधि – कहानी क्रमबद्ध करें विद्यार्थियों को समूहों में बाँटकर कहानी की प्रमुख घटनियों वाले कार्ड दिए जाएंगे। प्रत्येक समूह सही क्रम में घटनाओं को व्यवस्थित करेगा तथा बताएगा कि कहानी में आगे क्या हुआ। |
10 मिनट | समूह कार्य एवं तार्किक समझ |
| 4 |
शिक्षण के पश्चात शिक्षक विद्यार्थियों से प्रश्न पूछेंगे— • माइकल विद्यालय में सभी का प्रिय क्यों था? • दोनों मित्रों का चयन किस प्रतियोगिता के लिए हुआ? • दुर्घटना के बाद माइकल के जीवन में क्या परिवर्तन आया? विद्यार्थियों से यह भी चर्चा कराई जाएगी कि कठिन समय में परिवार और मित्रों का सहयोग क्यों आवश्यक होता है। |
7 मिनट | मौखिक उत्तर एवं अवधारणा की समझ |
द्वितीय दिवस
| क्रम | शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया / गतिविधियाँ | समय | आकलन |
|---|---|---|---|
| 1 |
पुनरावृत्ति शिक्षक प्रथम दिवस में पढ़े गए भाग का संक्षिप्त पुनरावलोकन कराएंगे। विद्यार्थियों से कहानी की प्रमुख घटनाओं, पात्रों तथा संदेश से संबंधित प्रश्न पूछेंगे। कुछ विद्यार्थियों से पाठ का अंश भावपूर्वक पढ़वाया जाएगा। |
5 मिनट | मौखिक उत्तर एवं वाचन कौशल |
| 2 |
शिक्षण के दौरान शिक्षक पाठ के शेष भाग का आदर्श वाचन करेंगे तथा विद्यार्थियों से क्रमवार वाचन करवाएंगे। माइकल के संघर्ष, रोज़ी के प्रोत्साहन, संगीत के प्रति समर्पण, वर्षों बाद मिली सफलता तथा दोनों मित्रों के पुनर्मिलन की घटनाओं को सरल भाषा में समझाया जाएगा। कहानी के मुख्य संदेश पर चर्चा कराई जाएगी। |
10 मिनट | वाचन, समझ एवं सहभागिता |
| 3 |
गतिविधि – प्रेरणा का संदेश विद्यार्थियों को छोटे-छोटे समूहों में बाँटकर चर्चा कराई जाएगी कि यदि किसी मित्र को असफलता मिले तो उसे किस प्रकार प्रोत्साहित करेंगे। प्रत्येक समूह अपने विचार पूरी कक्षा के सामने प्रस्तुत करेगा। |
8 मिनट | समूह कार्य एवं अभिव्यक्ति कौशल |
| 4 |
गतिविधि – भूमिका-अभिनय कुछ विद्यार्थी कथावाचक, माइकल, रोज़ी तथा शिक्षक की भूमिका निभाकर कहानी के महत्वपूर्ण प्रसंगों का अभिनय करेंगे। अभिनय के माध्यम से आत्मविश्वास, साहस और निरंतर प्रयास का संदेश स्पष्ट किया जाएगा। |
7 मिनट | अभिनय कौशल एवं सहभागिता |
| 5 |
लेखन गतिविधि विद्यार्थी पाँच वाक्यों में लिखेंगे कि इस कहानी से उन्हें क्या प्रेरणा मिली तथा वे अपने जीवन में किस प्रकार कठिन परिस्थितियों का सामना करेंगे। |
5 मिनट | लेखन कौशल एवं चिंतन क्षमता |
| 6 |
शिक्षण के पश्चात शिक्षक विद्यार्थियों से चर्चा करेंगे कि कहानी का मुख्य संदेश क्या है, माइकल सफलता कैसे प्राप्त करता है तथा जीवन में आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास का क्या महत्व है। पाठ का सारांश दोहराते हुए बच्चों को सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। |
5 मिनट | मौखिक प्रश्नोत्तर एवं समग्र अधिगम |
आकलन
- माइकल विद्यालय में सभी का प्रिय छात्र क्यों था?
- दुर्घटना के बाद माइकल के जीवन में क्या परिवर्तन आया?
- रोज़ी ने माइकल का उत्साह किस प्रकार बढ़ाया?
- वर्षों बाद कथावाचक को माइकल कहाँ और किस रूप में मिला?
- इस कहानी से आपको कौन-कौन से जीवन मूल्य सीखने को मिलते हैं?
गृहकार्य
पाठ का शुद्ध एवं भावपूर्ण वाचन करें। नए शब्दों को याद करें तथा उनका वाक्यों में प्रयोग करें। पाठ्यपुस्तक एवं कार्यपुस्तिका के सभी प्रश्नों को हल करें। साथ ही ‘हौसला’ विषय पर 8–10 वाक्यों का एक अनुच्छेद लिखें कि कठिन परिस्थितियों में हमें किस प्रकार साहस और आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए।
उपचारात्मक एवं संवर्धनात्मक गतिविधियाँ
उपचारात्मक गतिविधियाँ
जिन विद्यार्थियों को पठन या समझने में कठिनाई हो, उन्हें शिक्षक छोटे-छोटे अनुच्छेद पढ़वाएँ, कठिन शब्दों का अभ्यास कराएँ तथा चित्रों एवं प्रश्नोत्तर के माध्यम से कहानी का अर्थ स्पष्ट करें। आवश्यकतानुसार व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करें।
संवर्धनात्मक गतिविधियाँ
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों से किसी ऐसे महान व्यक्ति के बारे में जानकारी एकत्र करने को कहें जिसने कठिन परिस्थितियों का सामना करके सफलता प्राप्त की हो। विद्यार्थी उस पर पाँच से दस वाक्य लिखें तथा कक्षा में अपने विचार प्रस्तुत करें।
आगामी कार्य योजना
विद्यार्थी इस पाठ से संबंधित सभी पाठ्यपुस्तक प्रश्नोत्तर तथा कार्यपुस्तिका प्रश्नोत्तर पूर्ण करेंगे। अगले शिक्षण दिवस में शिक्षक इन अभ्यासों की समीक्षा करेंगे, विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान करेंगे तथा रोचक वार्तालाप एवं पूर्वज्ञान के आधार पर अगले पाठ का परिचय देंगे।
| कक्षा अध्यापक | प्रधानाध्यापक | ए.आर.पी./शैक्षिक मार्गदर्शक |
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