पाठ 9 – मिठाइयों का सम्मेलन

📚 Class 4 📝 Hindi 📖 NCERT

📖 पाठ परिचय

यह मिठाइयों का सम्मेलन पाठ बच्चों को विभिन्न प्रकार की भारतीय मिठाइयों, उनके स्वाद, विशेषताओं तथा संतुलित भोजन के महत्व से परिचित कराता है। रोचक संवाद शैली में प्रस्तुत यह पाठ मनोरंजन के साथ-साथ उपयोगी सीख भी देता है।

इस पाठ के माध्यम से विद्यार्थी यह समझते हैं कि प्रत्येक मिठाई की अपनी अलग पहचान होती है, लेकिन किसी भी वस्तु का अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है। साथ ही मधुर व्यवहार, संतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी प्राप्त होता है।

इस Lesson में पंक्ति-दर-पंक्ति व्याख्या, शब्दार्थ (Word Meaning), प्रश्नोत्तर (Question Answers), Workbook Solutions शामिल हैं, जो विद्यार्थियों को पाठ को सरल, रोचक और प्रभावी ढंग से समझने में सहायता करते हैं।

मिठाइयों का सम्मेलन कविता के लिए विभिन्न भारतीय मिठाइयों का रंगीन सम्मेलन दृश्य

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📖 भाव एवं सार

मिठाइयों का सम्मेलन एक रोचक और शिक्षाप्रद पाठ है। इसमें कल्पना की गई है कि जब हलवाई अपनी दुकान बंद करके घर चला जाता है, तब दुकान में रखी सभी मिठाइयाँ आपस में एक सम्मेलन करती हैं। लड्डू दादा को सभा का अध्यक्ष बनाया जाता है और सभी मिठाइयाँ अपनी-अपनी बात रखती हैं।
सम्मेलन में मिठाइयाँ इस बात पर चर्चा करती हैं कि आजकल डॉक्टर लोगों को अधिक मिठाई खाने से मना क्यों करते हैं। रसगुल्ला, बर्फी, गुलाबजामुन, जलेबी, पेड़ा और अन्य मिठाइयाँ अपने-अपने विचार व्यक्त करती हैं और समझती हैं कि अत्यधिक मिठाई खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
लड्डू दादा सभी की बातें सुनने के बाद निर्णय लेते हैं कि लोगों को मिठाइयाँ पूरी तरह छोड़ने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें सीमित मात्रा में खाना चाहिए। साथ ही नियमित व्यायाम और शारीरिक श्रम भी करना चाहिए ताकि शरीर स्वस्थ रहे।
यह पाठ बच्चों को संतुलित भोजन, संयम और स्वस्थ जीवनशैली का महत्व सरल तथा मनोरंजक ढंग से समझाता है। साथ ही यह संदेश भी देता है कि हर अच्छी चीज़ का सेवन उचित मात्रा में ही करना चाहिए।

🌟 सीख

  • हर वस्तु का सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए।
  • अधिक मिठाई खाने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
  • स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम और शारीरिक श्रम आवश्यक है।
  • स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।
  • संयमित जीवनशैली हमें स्वस्थ और प्रसन्न रखती है।
  • अच्छी आदतें अपनाकर हम अनेक बीमारियों से बच सकते हैं।

📚 शब्दार्थ

शब्द अर्थ
सम्मेलन सभा, बैठक
अध्यक्ष सभा का प्रमुख
अवसर मौका
उपेक्षा अनदेखी करना
सेवन खाना या उपयोग करना
स्वास्थ्य अच्छी शारीरिक स्थिति
शारीरिक श्रम शरीर से किया जाने वाला कार्य
संयम नियंत्रण रखना
निर्णय फैसला
प्रथा परंपरा
मात्रा परिमाण
विशेष अलग, खास
त्योहार उत्सव
विविध अनेक प्रकार के
संदेश सीख देने वाली बात
संतुलित उचित मात्रा वाला
पोषण शरीर को शक्ति देने की प्रक्रिया
स्वादिष्ट बहुत स्वाद वाला
हानिकारक नुकसान पहुँचाने वाला
व्यायाम शरीर को स्वस्थ रखने का अभ्यास
परामर्श सलाह
नियंत्रण काबू रखना
स्वस्थ रोगमुक्त
आदत नियमित व्यवहार
सजग सावधान

📋 प्रश्नोत्तर

💬 बातचीत के लिए
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
1. आपको कौन-सी मिठाई सबसे अधिक पसंद है और क्यों?

मुझे रसगुल्ला सबसे अधिक पसंद है क्योंकि यह मुलायम, रस से भरा और बहुत स्वादिष्ट होता है।
2. आपके घर में मिठाइयाँ कब-कब बनाई और बाँटी जाती हैं?

हमारे घर में त्योहारों, जन्मदिन, विवाह तथा अन्य शुभ अवसरों पर मिठाइयाँ बनाई और बाँटी जाती हैं।
3. घर से विद्यालय जाते समय आपको किन-किन वस्तुओं की दुकानें मिलती हैं?

विद्यालय जाते समय मुझे मिठाई की दुकान, किराना दुकान, फल-सब्ज़ी की दुकान, पुस्तक की दुकान तथा दवा की दुकान दिखाई देती हैं।
4. यदि आप अपनी कक्षा में बालसभा का आयोजन करते तो किन-किन विषयों पर चर्चा करते?

मैं स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन, समय का सदुपयोग तथा पढ़ाई से जुड़े विषयों पर चर्चा करता।
📖 पाठ के भीतर
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
1. रसगुल्ला भाई के अनुसार मिठाइयों की उपेक्षा का क्या कारण है?

रसगुल्ला भाई के अनुसार लोगों द्वारा अत्यधिक मिठाइयाँ खाने के कारण डॉक्टर उन्हें मिठाई कम खाने की सलाह देते हैं। यही मिठाइयों की उपेक्षा का मुख्य कारण है।
2. लड्डू दादा ने क्या-क्या सुझाव दिए?

लड्डू दादा ने सुझाव दिया कि लोग मिठाइयाँ सीमित मात्रा में खाएँ, नियमित शारीरिक श्रम करें, व्यायाम करें तथा अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
3. “फिर हमें मिठाई कौन कहेगा?” गुलाबजामुन ने ऐसा क्यों कहा?

गुलाबजामुन को चिंता थी कि यदि लोग शक्कर कम खाने लगेंगे तो मिठाइयों की पहचान और महत्व कम हो जाएगा। इसलिए उसने ऐसा कहा।
4. इस पाठ में जीभ पर नियंत्रण रखने की बात क्यों कही गई है?

क्योंकि स्वाद के लालच में अधिक मिठाई खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसलिए जीभ पर नियंत्रण रखकर संतुलित भोजन करना चाहिए।
🍬 हमारी मिठास
प्रश्न 1
हमारे देश के विभिन्न प्रदेशों में बनाई जाने वाली मिठाइयों के बारे में पता कीजिए और उनके नाम भी लिखिए।
प्रदेश/केंद्रशासित प्रदेश मिठाई
गोवा बेबिंका
ओडिशा छेना पोड़ा
उत्तर प्रदेश पेड़ा
राजस्थान घेवर
पश्चिम बंगाल रसगुल्ला
महाराष्ट्र मोदक
प्रश्न 2
पढ़िए, समझिए और लिखिए।

मीठा → मिठास → रसगुल्ला


खट्टा → खटास → इमली


नमकीन → नमकीनपन → समोसा


कड़वा → कड़वाहट → करेला

प्रश्न 3
विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ बनाने के लिए अनाज, साग-भाजी, फल-फूल, पत्ते, दलहन, तिलहन और सूखे मेवे आदि का उपयोग होता है। अपने अध्यापक या अभिभावक की सहायता से दी गई तालिका को पूरा कीजिए।
मिठाई अनाज फल/फूल सूखे मेवे दलहन तिलहन साग-भाजी
बर्फी गेहूँ/चावल नारियल/केसर काजू/बादाम/पिस्ता चना/मूँग तिल लौकी/कद्दू
लड्डू बेसन काजू चना तिल
गाजर का हलवा गाजर बादाम गाजर
✍️ भाषा की बात
प्रश्न 1
‘मन में लड्डू फूटना’ का अर्थ है अत्यधिक प्रसन्न होना। इसी प्रकार फलों, मसालों और साग-सब्जियों पर आधारित मुहावरे ढूँढ़कर लिखिए। उनके अर्थ लिखकर वाक्य भी बनाइए।

(क) अंगूर खट्टे हैं

अर्थ : जो वस्तु न मिले, उसकी बुराई करना।

वाक्य : पुरस्कार न मिलने पर वह अंगूर खट्टे हैं कहने लगा।


(ख) दाल न गलना

अर्थ : बात सफल न होना।

वाक्य : उसकी दाल यहाँ नहीं गली।


(ग) मिर्च लगना

अर्थ : बुरा लगना।

वाक्य : मेरी बात सुनकर उसे मिर्च लग गई।


(घ) आलू की तरह होना

अर्थ : हर जगह काम आना।

वाक्य : वह आलू की तरह हर काम में सहयोग करता है।


(ङ) केला खाना

अर्थ : सरलता से कार्य करना (सामान्य प्रयोग)।

वाक्य : उसने यह काम केले की तरह आसानी से कर लिया।

प्रश्न 2
नीचे दिए गए उदाहरण के अनुसार शब्दों के बहुवचन लिखिए।
एक (एकवचन) अनेक (बहुवचन)
मिठाई मिठाइयाँ
जलेबी जलेबियाँ
रसगुल्ला रसगुल्ले
इमरती इमरतियाँ
पेड़ा पेड़े
प्रश्न 3
कुछ मिठाइयों के नाम दो शब्दों के मेल से बनते हैं। दिए गए शब्दों की सहायता से मिठाइयों के पूरे नाम लिखिए।

(क) रस + मलाई = रसमलाई


(ख) गुलाब + जामुन = गुलाबजामुन


(ग) बाल + शाही = बालूशाही


(घ) मोहन + भोग = मोहनभोग


(ङ) पेड़ा + कंद = पेड़ाकंद (पुस्तकानुसार भरें)


(च) काजू + कतली = काजूकतली


(छ) सोन + पापड़ी = सोनपापड़ी


(ज) अंगूरी + पेठा = अंगूरी पेठा

🥬 साग-भाजियों का सम्मेलन
प्रश्न 1
ऋषभ और गुरुप्रिया एक दिन घर में खेल रहे थे कि अचानक उन्हें रसोईघर से कुछ आवाजें आईं। वहाँ साग-भाजियाँ आपस में बातें कर रही थीं। उनकी बातचीत को पूरा कीजिए।

आलू — मैं साग-भाजियों का राजा हूँ। मेरे बिना सारी साग-भाजियाँ अधूरी हैं।


बैंगन — तुम राजा हो तो क्या हुआ? मैं भी कम स्वादिष्ट नहीं हूँ।


टमाटर — मैं हर सब्जी का स्वाद बढ़ा देता हूँ। मेरे बिना सब्जी फीकी लगती है।


प्याज — मैं भोजन को स्वादिष्ट और सुगंधित बनाता हूँ।


मिर्च — मैं थोड़ी तीखी हूँ, लेकिन स्वाद बढ़ा देती हूँ।


भिंडी — मैं बच्चों की प्रिय और पौष्टिक सब्जी हूँ।


गोभी — मुझसे अनेक स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं।


करेला — स्वाद में कड़वा हूँ, पर स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक हूँ।


पालक — मुझमें आयरन भरपूर होता है। मैं शरीर को शक्ति देता हूँ।


लौकी — मैं हल्की, सुपाच्य और स्वास्थ्यवर्धक सब्जी हूँ।

❤️ हम और हमारा स्वास्थ्य
प्रश्न 1
स्वस्थ रहने के लिए आप क्या-क्या करते हैं? इससे संबंधित पाँच वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
  • मैं प्रतिदिन सुबह जल्दी उठता हूँ।
  • मैं नियमित व्यायाम करता हूँ।
  • मैं पौष्टिक एवं संतुलित भोजन खाता हूँ।
  • मैं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखता हूँ।
  • मैं अधिक मिठाई और जंक फूड खाने से बचता हूँ।
प्रश्न 2
“जहाँ अति होती है, वहाँ हानि होती है।” यदि आपके पास इस कथन से संबंधित कोई अनुभव है तो उसे कक्षा में साझा कीजिए।

एक बार मैंने आवश्यकता से अधिक मिठाई खा ली थी। इसके कारण मेरे पेट में दर्द होने लगा। तब मुझे समझ में आया कि किसी भी वस्तु की अधिकता हानिकारक होती है। इसलिए हमें हमेशा संयम रखना चाहिए।

🌀 भूल-भुलैया
प्रश्न 1
भाई-बहन मिठाइयों के सम्मेलन में गए थे और लौटते समय घर का रास्ता भूल गए। इन्हें जलेबी भूल-भुलैया से बाहर निकालिए।

यह गतिविधि विद्यार्थी स्वयं चित्र में सही मार्ग खोजकर पूरी करेंगे।

🥗 चटपटी चाट
प्रश्न 1
चटपटी चाट बनाने के लिए आवश्यक सामग्री लिखिए।
  • अंकुरित चने, मूँग आदि
  • हरी मिर्च और हरा धनिया (इच्छानुसार)
  • सादा नमक या काला नमक
  • भुना जीरा पाउडर
  • उबले आलू
  • खीरा
  • चाट मसाला
  • टमाटर
  • प्याज
  • नींबू
प्रश्न 2
चटपटी चाट बनाने की विधि अपने शब्दों में लिखिए।

सबसे पहले अंकुरित चने और मूँग को एक कटोरे में लें। उसमें बारीक कटे टमाटर, प्याज, खीरा, उबले आलू, हरी मिर्च तथा हरा धनिया डालें। अब स्वादानुसार नमक, काला नमक, चाट मसाला, भुना जीरा पाउडर और नींबू का रस मिलाएँ। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर पौष्टिक और स्वादिष्ट चटपटी चाट तैयार करें।

📖 कार्यपुस्तिका

✍️ भाषा की बात
प्रश्न 1
(क) तुकांत शब्दों का मिलान कीजिए।

बोल → मोल

मोर → डोर

मिठास → प्रयास / उल्लास

अपना → सपना

स्वाद → याद

(ख) दिए गए शब्दों के सामने तुकांत शब्द लिखिए।

क्षति → गति

मात्रा → पात्र

मिठाई → सिलाई

थोड़ा → जोड़ा

रोकना → टोकना

घर → डर

प्रश्न 2
नीचे दिए गए वाक्यों के समुचित उचित विराम-चिह्नों का प्रयोग कीजिए।

(क) बर्फी बहन! तुम ही बता दो न।


(ख) फिर हम मिठाई कौन करेगा?


(ग) आप इस तरह हमारा मज़ाक मत उड़ाइए।


(घ) शुभ कार्यों में मिठाई बाँटने की प्रथा को भला कौन बंद कर सकता है?

प्रश्न 3
नीचे दी गई कविता को पढ़कर उस पर पाँच प्रश्न बनाइए।

उत्तर :

  1. चंदू चाचा क्या बेच रहे हैं?
  2. जलेबी कैसी है?
  3. एक पाव जलेबी कितने रुपये की है?
  4. जलेबी बाहर से कैसी है?
  5. जलेबी अंदर से कैसी है?
प्रश्न 4
आपको किसी हलवाई का इंटरव्यू (साक्षात्कार) लेना है। ऐसे पाँच प्रश्न बनाकर लिखिए जो कि आप हलवाई से करेंगे (पूछना चाहेंगे)।

उत्तर :

  1. आपकी दुकान की सबसे प्रसिद्ध मिठाई कौन-सी है?
  2. मिठाई बनाने में कौन-कौन सी सामग्री प्रयोग करते हैं?
  3. आप मिठाइयों की शुद्धता कैसे बनाए रखते हैं?
  4. त्योहारों में सबसे अधिक कौन-सी मिठाई बिकती है?
  5. स्वादिष्ट मिठाई बनाने का आपका क्या रहस्य है?
🚦 पाठ से आगे
प्रश्न 1
पाठ में दो अलग-अलग प्रकार के कार्य से जुड़ी चीज़ों या व्यवसायों के नाम आए हैं – हलवाई और डॉक्टर। अपने आस-पास के कुछ अलग-अलग व्यवसायों के नाम लिखिए।

• शिक्षक


• किसान


• पुलिसकर्मी


• डाकिया


• बढ़ई


• दर्जी

प्रश्न 2
अपनी पसंद की मिठाई का नाम लिखिए और उसके बारे में पाँच वाक्य बनाइए।

मेरी पसंद की मिठाई का नाम → जलेबी

(क) मुझे जलेबी बहुत पसंद है।

(ख) जलेबी गोल-गोल और कुरकुरी होती है।

(ग) इसे चाशनी में डुबोकर बनाया जाता है।

(घ) गर्म-गर्म जलेबी खाने में बहुत स्वादिष्ट लगती है।

(ङ) त्योहारों पर जलेबी अवश्य बनाई जाती है।

प्रश्न 4
पाठ में एक वाक्य आया है – “जहाँ अति होती है, वहाँ क्षति होती है।” लिखिए कि क्या होगा, यदि –

(क) हम आवश्यकता से अधिक पानी उपयोग करने लगें।

उत्तर : पानी की कमी हो जाएगी और भविष्य में लोगों को कठिनाई होगी।


(ख) वृक्षों का अंधाधुंध कटान करने लगें।

उत्तर : पर्यावरण प्रदूषित होगा और वर्षा कम होगी।


(ग) सड़कों पर यातायात के नियमों का उल्लंघन करने लगें।

उत्तर : दुर्घटनाएँ बढ़ जाएँगी और लोगों की जान को खतरा होगा।


(घ) मोबाइल फोन का प्रयोग जरूरत से ज्यादा करने लगें।

उत्तर : आँखों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा तथा पढ़ाई प्रभावित होगी।

प्रश्न 5
चित्र देखकर नीचे दिए गए स्थान में लिखिए कि आप इनमें से किस दुकान से मिठाई खरीदेंगे और क्यों?

मैं चित्र संख्या–2 में प्रदर्शित दुकान से मिठाई खरीदूँगा क्योंकि वहाँ दुकान साफ-सुथरी दिखाई दे रही है। मिठाइयाँ ढकी हुई हैं और स्वच्छता का ध्यान रखा गया है।

प्रश्न 6
‘अति किसी भी स्थिति में हानिकारक होती है’ इसलिए डॉक्टर भी मिठाई के अत्यधिक सेवन से बचने की सलाह देते हैं। ‘अति’ के संबंध में संत कबीरदास जी का दोहा है –

अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप।
अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप।।


अपने शिक्षक/शिक्षिका से इस दोहे का अर्थ पता करके नीचे दिए गए स्थान में लिखिए।

इस दोहे का अर्थ है कि किसी भी काम की अधिकता अच्छी नहीं होती। न अधिक बोलना अच्छा है, न बिल्कुल चुप रहना। इसी प्रकार न बहुत अधिक वर्षा अच्छी होती है और न बहुत अधिक धूप। हमें हर कार्य में संतुलन और संयम रखना चाहिए।

🎯 आनंददायी गतिविधि / पुस्तकालय–इंटरनेट से
गतिविधि
पाठ में दी गई इस कविता के भाव से मिलती-जुलती कविता “मीठे बोल” भी मोहन लाल द्विवेदी जी द्वारा रचित है। अपने पुस्तकालय, इंटरनेट अथवा शिक्षक/शिक्षिका की मदद लेते हुए इस कविता को नीचे दिए गए स्थान में लिखिए।

मीठा अपना स्वाद है, मीठे-मीठे बोल। बस मिठास फैलाइए, मन रखने का मोल॥ मीठे वचन सभी को भाते, दूर करें संताप। प्रेम और सद्भाव बढ़ाते, मिटता मन का ताप॥ कटु वचन से दुःख बढ़ता, मीठे बोल अनमोल। सबसे प्रेमपूर्वक बोलो, यही जीवन का मोल॥

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