पाठ 11- कविता का कमाल (Kavita Ka Kamaal)

📚 Class 4 📝 Hindi 📖 NCERT

📖 पाठ परिचय

यह कविता का कमाल (Kavita Ka Kamaal) एक मनोरंजक और कल्पनाशील कहानी है। इसमें एक साधारण युवक मदन की चतुराई, बुद्धिमत्ता और काव्य-प्रतिभा का सुंदर चित्रण किया गया है। अपनी अनोखी कविता के माध्यम से वह राजा को प्रभावित करता है और सम्मान तथा पुरस्कार प्राप्त करता है।

इस कविता के माध्यम से विद्यार्थियों को यह प्रेरणा मिलती है कि प्रतिभा, आत्मविश्वास और सूझ-बूझ के बल पर कठिन परिस्थितियों को भी सफलता में बदला जा सकता है। साथ ही यह पाठ भाषा की रोचकता, कल्पना-शक्ति और रचनात्मक अभिव्यक्ति का महत्व भी बताता है।

इस Lesson में भाव एवं सार, शब्दार्थ (Word Meaning), प्रश्नोत्तर (Question Answers), Workbook Solutions शामिल हैं, जो विद्यार्थियों को पाठ को सरल, रोचक और प्रभावी ढंग से समझने में सहायता करते हैं।

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📖 भाव एवं सार

कविता का कमाल एक रोचक और प्रेरणादायक कहानी है। इसमें मदन नाम का एक गरीब लड़का अपनी माँ के साथ गाँव में रहता था। उसकी माँ मजदूरी करके घर चलाती थी, जबकि मदन दिनभर खेल-कूद में समय बिताता था। एक दिन उसकी माँ ने उसे मेहनत करके कुछ पैसे कमाने के लिए घर से भेज दिया।
रास्ते में मदन ने सुना कि राजदरबार में कवि-सम्मेलन हो रहा है और सबसे अच्छी कविता सुनाने वाले को सौ अशर्फियाँ पुरस्कार में मिलेंगी। मदन को कविता लिखना नहीं आता था, इसलिए उसने रास्ते में दिखाई देने वाली चीज़ों को देखकर पंक्तियाँ बनानी शुरू कर दीं।
उसने कुत्ते को जमीन खोदते देखा तो कहा— “खुदुर-खुदुर का खोदत है?” फिर भैंस को पानी पीते देखकर बोला— “सुरुर-सुरुर का पीवत है?” पेड़ पर बैठी चिड़िया को देखकर उसके मुँह से निकला— “ताक-झाँक का खोजत है?” और फिर उसने चौथी पंक्ति बनाई— “हम जानत का देखत हैं।”
राजमहल पहुँचते समय उसे धनु शाह मिला। उसने अंतिम पंक्ति बनाई— “सरक-सरक कहाँ भागत है? जानत हो हम देखत हैं। धनु शाह, भाई धनु शाह!” राजदरबार में उसकी विचित्र कविता किसी को समझ नहीं आई, लेकिन रात में यही कविता चोरों के लिए संकेत बन गई।
चोरों ने समझा कि राजा उन्हें देख रहे हैं। डरकर उन्होंने चोरी छोड़ दी और धनु शाह ने भी अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इस प्रकार राजा का खजाना बच गया। राजा ने मदन को उसकी कविता के लिए बहुत-सा धन देकर सम्मानित किया। मदन अपनी माँ के साथ सुखपूर्वक रहने लगा।

🌟 सीख

  • परिश्रम और अवसर का सही उपयोग करने से सफलता मिलती है।
  • बुद्धिमानी और सूझ-बूझ कठिन परिस्थितियों में भी लाभ पहुँचाती है।
  • ईमानदारी का मार्ग ही सबसे श्रेष्ठ होता है।
  • किसी भी कार्य को छोटा नहीं समझना चाहिए।
  • साहस और आत्मविश्वास से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
  • भाग्य उनका साथ देता है जो प्रयास करते हैं।

📚 शब्दार्थ

शब्द अर्थ
अशर्फियाँसोने के सिक्के
राजदरबारराजा की सभा
कवि-सम्मेलनकवियों की सभा
विचित्रअनोखा, अलग प्रकार का
पुरस्कारसम्मान स्वरूप मिलने वाली वस्तु
खजानाधन-संपत्ति का भंडार
चौकन्नासतर्क
खोदतखोद रहा है
पीवतपी रहा है
ताक-झाँकइधर-उधर देखना
सरक-सरकधीरे-धीरे खिसकना
भागतभाग रहा है
धनु शाहकहानी का पात्र
मालामालबहुत धनी
शाबाशीप्रशंसा
निश्चिंतचिंता से मुक्त
संदेहशक
स्वीकारमान लेना
रोजगारजीविका का साधन
सम्पूर्णपूरा
दिमागबुद्धि
भिखारीभीख माँगने वाला व्यक्ति
समझदारीबुद्धिमानी
प्रसन्नखुश
अवसरमौका
शब्दअर्थ
मजदूरीमेहनत करके मजदूरी का काम करना
रोजगारजीविका कमाने का साधन
कवि-सम्मेलनकवियों की सभा
राजदरबारराजा की सभा
अशर्फियाँसोने के सिक्के
पुरस्कारसम्मान स्वरूप दिया जाने वाला इनाम
विचित्रअनोखा, अजीब
खुदुर-खुदुरखोदने की ध्वनि
सुरुर-सुरुरपानी पीने की ध्वनि
ताक-झाँकइधर-उधर ध्यान से देखना
सरक-सरकधीरे-धीरे खिसकना
खोदतखोद रहा है
पीवतपी रहा है
भागतभाग रहा है
जानतजानते हैं
निश्चिंतचिंता से मुक्त
चौकन्नासतर्क
खजानाधन-संपत्ति का भंडार
मालामालबहुत अधिक धनवान
शाबाशीप्रशंसा
स्वीकारमान लेना
भिखारीभीख माँगने वाला व्यक्ति
प्रसन्नबहुत खुश
अवसरउचित समय, मौका
समझदारीबुद्धिमानी से काम लेने की क्षमता

📋 प्रश्नोत्तर

💬 बातचीत के लिए
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
1. क्या आपको कथा-कहानी सुनना-सुनाना पसंद है? अपने उत्तर का कारण बताइए।

हाँ, मुझे कथा-कहानी सुनना और सुनाना बहुत पसंद है क्योंकि कहानियाँ मनोरंजन के साथ-साथ अच्छी सीख भी देती हैं। उनसे नई बातें जानने और सही-गलत की पहचान करने की प्रेरणा मिलती है।
2. इस कहानी का सबसे रोचक हिस्सा कौन-सा है और क्यों?

मुझे वह भाग सबसे रोचक लगा जब मदन रास्ते में दिखाई देने वाली चीज़ों को देखकर कविता की पंक्तियाँ बनाता है। बाद में वही कविता चोरों को डराकर राजा का खजाना बचा देती है।
3. राजा का खजाना मदन की कविता के कारण बचा या राजा के कारण जो कविता को जोर-जोर से बोल रहे थे?

राजा का खजाना दोनों के कारण बचा। मदन की कविता ने चोरों के मन में डर पैदा किया और राजा द्वारा उसी कविता को जोर-जोर से बोलने पर चोरों को लगा कि उनकी चोरी पकड़ ली गई है। इसलिए उन्होंने चोरी छोड़ दी।
4. राजमहल में जब मदन ने अपनी कविता सुनाई तो सुनने वाले एक-दूसरे का मुँह क्यों ताकने लगे?

मदन की कविता का अर्थ किसी की समझ में नहीं आया। उसकी पंक्तियाँ बहुत विचित्र थीं, इसलिए सभी लोग आश्चर्य से एक-दूसरे का मुँह ताकने लगे।
5. आप इस कहानी का कोई और शीर्षक सुझाइए तथा बताइए कि यह शीर्षक क्यों देना चाहते हैं।

मैं इस कहानी का दूसरा शीर्षक “बुद्धिमानी का पुरस्कार” रखना चाहूँगा, क्योंकि मदन की अनोखी कविता के कारण राजा का खजाना बच गया और उसे पुरस्कार तथा सम्मान प्राप्त हुआ।
📖 कविता की बात
उपयुक्त शब्द का चयन कर वाक्य पूरा कीजिए।
1. सुरुर-सुरुर का ………… है?

सही उत्तर — (ग) पीवत
2. ………… का खोदत है?

सही उत्तर — (घ) खुदुर-खुदुर
3. “आप कौन हैं, साहब?” उत्तर मिला — …………

सही उत्तर — (घ) धनु शाह
🔗 मिलान कीजिए
1. नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को उनके क्रम से मिलाइए।
1. हमसे न बच सकता है। → 7

2. खुदुर-खुदुर का खोदत है? → 2

3. जानत हो हम देखत हैं। → 6

4. सुरुर-सुरुर का पीवत है? → 1

5. ताक-झाँक का खोजत है? → 3

6. हम जानत का ढूँढ़त हैं। → 4

7. धनु शाह, भाई धनु शाह! → 8

8. सरक-सरक कहाँ भागत है? → 5
प्रश्न 2
रिक्त स्थानों में उपयुक्त पंक्ति लिखिए और चित्र बनाकर उसका मिलान कीजिए।
🐶 खुदुर-खुदुर का खोदत है?

🐃 सुरुर-सुरुर का पीवत है?

🐍 सरक-सरक कहाँ भागत है?

🐦 ताक-झाँक का खोजत है?
📝 सोचिए और लिखिए
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
1. “अब मैं तुझे और बिठाकर नहीं खिला सकती।” मदन की माँ ने ऐसा क्यों कहा?

मदन की माँ बहुत गरीब थी। वह मजदूरी करके घर का खर्च चलाती थी, जबकि मदन दिनभर खेलता रहता था और कोई काम नहीं करता था। इसलिए उसने मदन से कहा कि अब वह उसे बिना काम किए बैठाकर नहीं खिला सकती और उसे कुछ पैसे कमाकर लाने चाहिए।
2. जब मदन ने महल का रास्ता पूछा तो धनु शाह ने ऐसा क्यों कहा कि अगर वह नहीं तो और कौन जानेगा?

धनु शाह राजमहल का कर्मचारी था, इसलिए उसे महल का रास्ता अच्छी तरह पता था। इसी कारण उसने कहा कि यदि वह नहीं बताएगा, तो और कौन बताएगा।
3. कहानी में मदन की कविता को विचित्र कहा गया है। क्या आपको भी ऐसा ही लगता है? कारण सहित लिखिए।

हाँ, मुझे भी मदन की कविता विचित्र लगती है क्योंकि उसकी पंक्तियाँ सामान्य कविता की तरह नहीं थीं। उसने रास्ते में दिखाई देने वाली चीज़ों को देखकर अलग-अलग पंक्तियाँ बना दी थीं। फिर भी वही कविता अंत में राजा का खजाना बचाने का कारण बनी।
4. राजा को मदन की कविता पहेली जैसी लगी। आपको यह कैसी लगी?

मुझे मदन की कविता रोचक, मनोरंजक और अनोखी लगी। शुरू में उसका अर्थ समझ में नहीं आता, लेकिन कहानी के अंत में उसकी उपयोगिता और महत्व स्पष्ट हो जाता है।
💡 समझ और अनुभव
1. “सुरुर-सुरुर का पीवत है” पंक्ति में पीने के साथ ‘सुरुर-सुरुर’ शब्द का ही प्रयोग क्यों किया गया है?

‘सुरुर-सुरुर’ शब्द भैंस के पानी पीने की ध्वनि को व्यक्त करता है। इस ध्वन्यात्मक शब्द के प्रयोग से कविता अधिक रोचक, प्रभावशाली और जीवंत बन गई है।
2. राजदरबार में कवि-सम्मेलन हो रहा है। सबसे अच्छी कविता सुनाने वाले को सौ अशर्फियाँ पुरस्कार में मिलेंगी। सौ अशर्फियों से आप क्या समझते हैं?

सौ अशर्फियों से आशय सोने के सौ सिक्कों से है। उस समय अशर्फियाँ बहुत मूल्यवान होती थीं, इसलिए यह बहुत बड़ा पुरस्कार माना जाता था।
3. “सरक-सरक कहाँ भागत है” पंक्ति में ‘सरक-सरक’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है? यहाँ ‘सरक-सरक’ का ही प्रयोग क्यों किया गया है?

यहाँ ‘सरक-सरक’ शब्द साँप के रेंगने की चाल को व्यक्त करता है। यह ध्वन्यात्मक शब्द साँप की गति का स्वाभाविक चित्र प्रस्तुत करता है, इसलिए इसका प्रयोग किया गया है।
4. “अब कोई चारा नहीं बस राजा साहब से दया की भीख माँग सकता हूँ।” ऐसा धनु शाह ने क्यों सोचा?

धनु शाह को लगा कि राजा को उसकी चोरी का पता चल गया है। वह बहुत डर गया और उसे अपनी जान बचाने का कोई उपाय नहीं सूझा। इसलिए उसने राजा से दया की भीख माँगने का निश्चय किया।
🌈 अनुमान और कल्पना
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
1. यदि मदन रोजगार की खोज में घर से बाहर नहीं निकलता तो क्या होता?

यदि मदन रोजगार की खोज में घर से बाहर नहीं निकलता, तो वह राजदरबार नहीं पहुँचता, कविता नहीं बना पाता और उसे पुरस्कार भी नहीं मिलता। उसका जीवन पहले की तरह कठिन बना रहता।
2. अपनी कल्पना और अनुमान से बताइए कि राजमहल कैसा होता होगा?

राजमहल बहुत विशाल, सुंदर और भव्य होता होगा। उसमें बड़े-बड़े कक्ष, सुंदर बगीचे, ऊँचे द्वार, चमकदार सजावट और सुरक्षा के लिए अनेक सैनिक तैनात रहते होंगे।
3. राजा के खजाने में क्या-क्या होता होगा? और कितना-कितना होता होगा?

राजा के खजाने में सोना, चाँदी, अशर्फियाँ, हीरे, मोती, बहुमूल्य रत्न, आभूषण तथा अन्य कीमती वस्तुएँ बहुत बड़ी मात्रा में रही होंगी।
4. मदन की कविता से प्रसन्न होकर राजा ने उसे विदा करते समय क्या-क्या उपहार दिए होंगे?

राजा ने प्रसन्न होकर मदन को सोने-चाँदी की अशर्फियाँ, सुंदर वस्त्र, आभूषण, भोजन की सामग्री तथा सम्मानस्वरूप अनेक बहुमूल्य उपहार दिए होंगे।
5. राजा ने मदन को बहुत सारा धन दिया होगा। उसे यह सब कहाँ-कहाँ खर्च करना चाहिए?

क्रम संख्या खर्च करने हेतु प्रस्तावित सुझाव आपकी राय (यदि कोई हो)
1. माँ के लिए कपड़े खरीदना यह सबसे आवश्यक कार्य है।
2. कुछ रुपये बैंक में जमा करना भविष्य के लिए बचत करनी चाहिए।
3. घर की मरम्मत करवाना परिवार के रहने की व्यवस्था अच्छी होगी।
4. गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना दान करना एक अच्छा कार्य है।
5. अपनी शिक्षा और रोजगार के लिए धन लगाना इससे भविष्य उज्ज्वल बनेगा।
📖 कहो कहानी, सुनो कहानी
कहानियाँ सुनना और सुनाना सभी को पसंद होता है। नीचे दिए गए निर्देशों के अनुसार कक्षा में ‘कविता का कमाल’ कहानी सुनाइए।
1. स्वयं को मदन की जगह रखकर यह कहानी अपनी मातृभाषा या अपनी पसंद की भाषा में सुनाइए।

मैं मदन हूँ। मैं अपनी माँ के साथ रहता था। मुझे कविता लिखने का बहुत शौक था। एक दिन मैं रोजगार की तलाश में निकला। रास्ते में मेरी कविता बनती गई। मैंने राजदरबार में अपनी कविता सुनाई। राजा और सभी लोग मेरी कविता से बहुत प्रसन्न हुए। राजा ने मुझे अशर्फियाँ और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मैं खुशी-खुशी अपने गाँव लौट आया।
2. मान लीजिए आपका मित्र हो। मदन ने कुछ समय पहले आपको यह कहानी सुनाई थी। अब आप यह कहानी अपनी कक्षा में सुनाइए।

मेरे मित्र मदन ने मुझे यह कहानी सुनाई थी। वह कविता लिखने में बहुत रुचि रखता था। उसने अपनी बुद्धिमानी और रचनात्मकता से राजा को प्रभावित किया। उसकी कविता सुनकर राजा ने उसे पुरस्कार दिया। यह कहानी हमें सिखाती है कि प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास से सफलता अवश्य मिलती है।
🚦 पाठ से आगे
1. साँप रेंगकर चलते हैं। रेंगकर चलने वाले जीव-जंतुओं की सूची बनाइए और कक्षा में प्रदर्शित कीजिए।

साँप, केंचुआ, घोंघा, जोंक, इल्ली, छिपकली आदि रेंगकर चलने वाले जीव-जंतु हैं।
2. राजमहल में कवि-सम्मेलन की सूचना देने के लिए डिंडोरा पीटा जा रहा था। आजकल ऐसी सूचनाएँ कैसे दी जाती हैं?

आजकल ऐसी सूचनाएँ समाचार-पत्र, रेडियो, टेलीविजन, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, लाउडस्पीकर तथा इंटरनेट के माध्यम से दी जाती हैं।
3. आपके विद्यालय में कवि-सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। आप इसकी सूचना कैसे देंगे?

मैं विद्यालय के सूचना-पट्ट पर सूचना लगाऊँगा, प्रार्थना सभा में घोषणा करवाऊँगा तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों को आमंत्रण देकर कवि-सम्मेलन की जानकारी दूँगा।
🎤 मीडिया और आप
विजेता बनने के बाद मदन को मीडिया के प्रश्नों के उत्तर देने पड़े। अपने को मदन मानते हुए इन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मीडिया — कवि-सम्मेलन में पुरस्कार पाकर आपको कैसा लग रहा है?

मदन — मुझे बहुत खुशी और गर्व हो रहा है। मेरी मेहनत सफल हुई। मैं राजा और सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद करता हूँ।
मीडिया — आप इस उपलब्धि का श्रेय किसे देना चाहेंगे?

मदन — मैं इस उपलब्धि का श्रेय अपनी माँ, अपने गुरुजनों तथा निरंतर अभ्यास को देना चाहूँगा।
मीडिया — आपको राजदरबार में कविता सुनाकर कैसा लगा?

मदन — मुझे राजदरबार में कविता सुनाकर बहुत अच्छा लगा। सभी ने मेरी कविता को ध्यान से सुना और उसकी सराहना की।
मीडिया — आगे आपकी क्या योजनाएँ हैं?

मदन — मैं आगे भी अच्छी कविताएँ लिखूँगा, शिक्षा प्राप्त करूँगा और अपनी प्रतिभा से समाज तथा देश का नाम रोशन करूँगा।
मीडिया — बहुत-बहुत धन्यवाद मदन जी।

मदन — आपका भी बहुत-बहुत धन्यवाद।
📝 आपकी कविता
रजनी, मदन की कविता को गाते हुए विद्यालय जा रही थी। उसे बहुत आनंद आ रहा था। चलते-चलते अचानक उसे एक पेड़ पर कुछ बंदर दिखाई दिए। वे एक डाल से दूसरी डाल पर कूद रहे थे। जब वह थोड़ा आगे बढ़ी तो उसे एक सियार दिखाई दिया। सियार “हुआँ-हुआँ” कर रहा था। अब चित्र का आधार बनाकर आप कविता को पूरा करने में रजनी की सहायता कीजिए।
डाल-डाल क्यों कूद रहा?
खों-खों-खों क्यों चीख रहा?
बंदर जी, भाई बंदर जी!

हुआँ-हुआँ क्यों बोल रहे?
जंगल-जंगल डोल रहे?
सियार जी, भाई सियार जी!

मिल-जुलकर सब रहते हैं,
प्रकृति का संदेश यही कहते हैं।
✍️ भाषा की बात
1. मुहावरे हमेशा एक विशेष अर्थ देते हैं जो उनके शाब्दिक अर्थ से भिन्न होता है। जैसे— “फूला न समाना” मुहावरे का अर्थ है — अत्यधिक प्रसन्न होना। अब आप अपनी लेखन-पुस्तिका में निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखते हुए उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।

(क) मन में लड्डू फूटना
अर्थ — बहुत प्रसन्न होना।
वाक्य — प्रथम स्थान प्राप्त करके राहुल के मन में लड्डू फूटने लगे।

(ख) मुँह ताकना
अर्थ — आशा लगाए किसी की ओर देखना।
वाक्य — बच्चे छुट्टी की घोषणा के लिए शिक्षक का मुँह ताक रहे थे।
2. निम्नलिखित गद्यांश में कहीं-कहीं विराम चिह्नों का प्रयोग हुआ है। इस गद्यांश को उचित ठहराव के साथ पढ़िए।

उसे देखते ही मदन के मुँह से निकल पड़ा, “ताक-झाँक का खोजत है?” तीनों पंक्तियों को रटते हुए वह चलता गया। रटते-रटते उसे अपने आप एक और पंक्ति सूझ गई, “हम जानत का ढूँढ़त है।”
3. नीचे लिखे वाक्यों में उपयुक्त विराम चिह्न लगाकर वाक्य पूरा कीजिए।

(क) क्या ताक-झाँक कर रहे हो?

(ख) अरे! वाह, क्या चौका मारा है!

(ग) आइए, राजा से मिलवाता हूँ।

(घ) दादी देखो! वे बोली, “कहाँ जा रहे हो?”
🎨 कलाकारी
ढोल, नगाड़ा या अन्य कोई वाद्ययंत्र बजाते हुए बोलिए, “सुनो, सुनो, सुनो! राजदरबार में कवि-सम्मेलन हो रहा है। सबसे अच्छी कविता सुनाने वाले को सौ अशर्फियाँ इनाम में मिलेंगी।” अब इस संवाद को अपनी मातृभाषा में हाव-भाव के साथ बोलिए।

विद्यार्थी यह गतिविधि अपनी मातृभाषा में उचित हाव-भाव, स्पष्ट उच्चारण तथा आत्मविश्वास के साथ कक्षा में प्रस्तुत करें।
🧠 आपकी सूझ-बूझ
एक व्यक्ति के घर से बाहर दस मीटर ऊँचा एक खजूर का पेड़ था। एक बंदर उस पर चढ़ने लगा। वह पेड़ की चोटी पर पहुँचना चाहता था। समस्या यह थी कि वह दिन के समय हर दिन 5 मीटर ऊपर जाता था, परंतु जब रात होती तो वह 4 मीटर नीचे फिसल जाता था। क्या आप बता सकते हैं कि बंदर पेड़ की चोटी पर पहुँचने में कितने दिन में सफल होगा?

उत्तर — 6वें दिन।

पहले पाँच दिनों में बंदर प्रतिदिन 1 मीटर (5 मीटर ऊपर और 4 मीटर नीचे) की शुद्ध बढ़त करता है। पाँचवें दिन के अंत तक वह 5 मीटर की ऊँचाई पर पहुँच जाता है। छठे दिन 5 मीटर और चढ़कर वह सीधे 10 मीटर की चोटी पर पहुँच जाता है, इसलिए उसे वापस फिसलना नहीं पड़ता।

📖 कार्यपुस्तिका

📖 पाठ के भीतर
प्रश्न (क)
नीचे दी गई कविता को सही क्रम में व्यवस्थित करके लिखिए।

सुर्र-सुर्र का पीवत है?


खुदुर-खुदुर का खोवत है?


ताक-झाँक का खोजत है?


हम जानत का ढूँढ़त है।

प्रश्न (ख)
पाठ के अनुसार निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

1. तालाब के पास भैंस क्या कर रही थी?


तालाब के पास भैंस पानी पी रही थी।

2. धनुशाह को राजमहल का रास्ता क्यों मालूम था?


धनुशाह पहले भी राजमहल जा चुका था, इसलिए उसे राजमहल का रास्ता मालूम था।

3. राजा के सामने मदन की कविता सुनने वाले क्यों चुप रहे?


मदन की अनोखी और रोचक कविता सुनकर सभी लोग आश्चर्यचकित हो गए, इसलिए वे चुप रहे।

4. मदन को राजा ने सोने-चाँदी से मालामाल क्यों कर दिया?


मदन की बुद्धिमत्ता, चतुराई और मनोरंजक कविता से प्रसन्न होकर राजा ने उसे सोने-चाँदी और अशर्फियों से सम्मानित किया।

✍️ कविता की बात
प्रश्न (ग)
दिए गए शब्दों के अर्थ लिखिए।
शब्द अर्थ
कमाई कमाकर प्राप्त किया गया धन
डिंडोरा ढोल पीटकर सार्वजनिक सूचना देना
अशर्फियाँ सोने के सिक्के
परेशान चिंतित / दुःखी
प्रश्न (घ)
नीचे दिए गए मुहावरों का अर्थ लिखिए और वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

1. मन में लड्डू फूटना

अर्थ — बहुत प्रसन्न होना।

वाक्य प्रयोग — पुरस्कार मिलने की खबर सुनकर मेरे मन में लड्डू फूटने लगे।


2. बिजली कौंधना

अर्थ — अचानक कोई विचार आ जाना।

वाक्य प्रयोग — कठिन प्रश्न देखते ही उसके मन में एक उपाय बिजली की तरह कौंध गया।


3. फूले नहीं समाना

अर्थ — अत्यधिक प्रसन्न होना।

वाक्य प्रयोग — प्रथम स्थान प्राप्त करके रीना फूले नहीं समा रही थी।


4. गुड़ड़ी का लाल

अर्थ — साधारण परिवार का प्रतिभाशाली व्यक्ति।

वाक्य प्रयोग — मदन सचमुच गुड़ड़ी का लाल था।

प्रश्न (ङ)
दिए गए शब्दों को शुद्ध करते हुए लिखिए।
अशुद्ध शुद्ध
चौकन चौकन्ना
असरफिया अशर्फियाँ
समस्य समस्या
सम्मलन सम्मेलन
💡 सोचिए और लिखिए
प्रश्न 2 (क)
निम्नलिखित समान ध्वनि वाले शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए।

1. जन – धन

जन — हमारे देश का प्रत्येक जन जागरूक होना चाहिए।

धन — धन का सदुपयोग करना चाहिए।


2. जल – थल

जल — जल जीवन का आधार है।

थल — शेर थल पर रहने वाला शक्तिशाली जीव है।


3. जग – मग

जग — सारा जग ईश्वर की सुंदर रचना है।

मग — मैं पानी पीने के लिए मग लाया।


4. काम – दाम

काम — हमें अपना काम समय पर करना चाहिए।

दाम — इस पुस्तक के दाम बहुत कम हैं।


5. तन – मन

तन — व्यायाम से तन स्वस्थ रहता है।

मन — मेरा मन पढ़ाई में लगता है।

प्रश्न 2 (ख)
दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर खोजकर लिखिए। (विकल्प एक से अधिक सही हो सकते हैं।)

1. तुम्हें कैसी कविताएँ पसंद हैं?

✔ सरल, सहज और लयबद्ध (गाने योग्य)

✔ पर्यावरणीय ज्ञानवर्धक एवं मनोरंजक


2. कविता में विराम कब आता है?

✔ पंक्ति के अंत में समान तुक पर।


3. मदन की कविता है—

✔ विचित्र, पर्यावरणीय एवं सरस।

प्रश्न 3 (क)
निम्नलिखित चित्रों से ध्वनियों का मिलान कीजिए।

🏹 धनुष → सन-सन


🪁 पतंग → फर-फर


🌬 हवा → सर-सर


🐝 मधुमक्खियाँ → भन-भन

प्रश्न 3 (ख)
गलती हो जाने पर क्या करना चाहिए? सही विकल्प का चयन कीजिए और नीचे दिए गए स्थान पर लिखिए।

क्षमा याचना

उत्तर: गलती हो जाने पर हमें अपनी गलती स्वीकार करके क्षमा माँगनी चाहिए और भविष्य में उसे दोबारा न करने का प्रयास करना चाहिए।

प्रश्न 3 (ग)
पुरस्कार कब मिलता है? सही विकल्प के सामने सही (✓) का चिह्न लगाइए।

✘ गलती होने पर

✔ अच्छा कार्य करने पर

✘ कुछ नहीं करने पर

✘ झूठ बोलने पर

प्रश्न 4 (क)
आकाश में घने बादल छाए हुए हैं। अनुमान कीजिए और लिखिए कि क्या हो सकता है।

आकाश में घने बादल छाए हुए हैं। इससे अनुमान होता है कि शीघ्र ही वर्षा हो सकती है। तेज़ हवा चल सकती है तथा मौसम ठंडा और सुहावना हो सकता है।

प्रश्न 4 (ख)
अपनी कल्पना एवं अनुमान से बताइए कि गाँव एवं शहर में रहने वाले लोगों के घरों में क्या अंतर होता है?

गाँवों के घर प्रायः खुले स्थानों में बने होते हैं तथा उनके आसपास खेत, पेड़-पौधे और आँगन होते हैं। शहरों के घर अपेक्षाकृत छोटे होते हैं तथा अधिकतर बहुमंज़िला इमारतों या कॉलोनियों में बने होते हैं। गाँव का वातावरण शांत और प्राकृतिक होता है, जबकि शहर में अधिक भीड़ और यातायात होता है।

प्रश्न 4 (ग)
कल्पना कीजिए, मेला देखने के लिए माँ ने आपको कुछ पैसे दिए। उन पैसों से आप क्या-क्या खाने की वस्तुएँ खरीदेंगे और किसको-किसको देंगे?

यदि माँ मुझे मेले के लिए पैसे देंगी, तो मैं समोसा, जलेबी, आइसक्रीम और खिलौने वाली मिठाई खरीदूँगा। मैं अपने भाई-बहनों और मित्रों के साथ मिलकर उन्हें बाँटकर खाऊँगा तथा घर के लिए भी कुछ मिठाई ले जाऊँगा।

प्रश्न 5 (क)
दिए गए शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए।

1. माँ — माता, जननी


2. कुत्ता — श्वान, कुक्कुर


3. तालाब — सरोवर, पोखर


4. साँप — सर्प, नाग

प्रश्न 5 (ख)
कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से संज्ञा, सर्वनाम तथा क्रिया शब्दों को छाँटकर लिखिए।

संज्ञा शब्द
मदन, माँ, कुत्ता, भैंस, साँप


सर्वनाम शब्द
वह, अपना, तुम, उसने


क्रिया शब्द
खेलना, करना, दौड़ना, आना, जाना

प्रश्न 5 (ग)
आस-पास के पालतू जानवरों के नाम लिखिए।
  1. गाय
  2. भैंस
  3. बकरी
  4. कुत्ता
  5. बिल्ली
  6. घोड़ा
प्रश्न 5 (घ)
दिए गए शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।

गरीब — अमीर


सही — गलत


पूरा — अधूरा


आगे — पीछे


छोटा — बड़ा

प्रश्न 6 (क)
गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

1. सरक कर चलने वाले जीवों के नाम लिखिए।

उत्तर — साँप, अजगर।


2. जल में तथा रेगिस्तान में रहने वाले जीवों के नाम लिखिए।

उत्तर — जल में — मछलियाँ, मगरमच्छ।

रेगिस्तान में — ऊँट।


3. कवि सम्मेलन की अध्यक्षता किसने की?

उत्तर — कवि सम्मेलन की अध्यक्षता जंगल के राजा शेर ने की।


4. कवि सम्मेलन किस विषय पर हुआ?

उत्तर — कवि सम्मेलन पर्यावरण संरक्षण विषय पर हुआ।

प्रश्न 7 (क)
उचित विराम चिह्नों का प्रयोग करते हुए गद्यांश को नीचे लिखें।

“अरे रोहित! तुम आज विद्यालय क्यों नहीं चल रहे हो?” रोहित ने कहा, “आज मेरा मन नहीं है।” मैंने कहा, “आज तो कक्षा में गीत, कहानी, चुटकुले व अन्त्याक्षरी का आयोजन होगा तथा मिठाइयाँ भी बाँटी जाएँगी।”

प्रश्न 7 (ख)
दी गई पहेली को हल कीजिए।

उत्तर — घोंघा

दो मीटर दिन में चढ़े, रात फिसलकर नीचे आ जाए, इसलिए उसे दस मीटर चढ़ने में कई दिन लगते हैं। इस पहेली का उत्तर घोंघा है।

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