पाठ 13 – हमारा आदित्य (Hmara Aditya)

📚 Class 4 📝 Hindi 📖 NCERT

☀️ पाठ परिचय

यह हमारा आदित्य पाठ संवाद शैली में लिखा गया एक अत्यंत रोचक पाठ है। इसमें कक्षा के शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच हुई चर्चा के माध्यम से सूर्य (आदित्य) तथा भारत के महत्त्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशन आदित्य-L1 के बारे में सरल और रोचक जानकारी दी गई है।

इस पाठ में विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं के माध्यम से यह समझाया गया है कि सूर्य एक तारा है, वह मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसों से बना है तथा पृथ्वी से बहुत दूर स्थित है। साथ ही यह भी बताया गया है कि वैज्ञानिक सूर्य के रहस्यों को जानने के लिए आधुनिक अंतरिक्ष यानों का उपयोग करते हैं।

पाठ में आदित्य-L1 मिशन, लैग्रांज (L1) बिंदु, सूर्य के विभिन्न चित्र, सौर ऊर्जा तथा वैज्ञानिक अनुसंधान की महत्ता को सरल भाषा में समझाया गया है। यह पाठ बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा, अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि तथा देश के वैज्ञानिकों पर गर्व की भावना विकसित करता है।

इस Lesson में सारांश, शब्दार्थ (Word Meaning), प्रश्नोत्तर (Question Answers), Workbook Solutions, शामिल हैं, जिनकी सहायता से विद्यार्थी पूरे पाठ को सरल, रोचक और प्रभावी ढंग से समझ सकते हैं।

📚 पाठ को विस्तार से पढ़ें

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📖 भाव एवं सार

हमारा आदित्य एक ज्ञानवर्धक और रोचक संवादात्मक पाठ है। इसमें शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच हुई बातचीत के माध्यम से सूर्य (आदित्य) के बारे में अनेक महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई हैं। बच्चे पहले सूर्य के बारे में अपनी-अपनी धारणाएँ बताते हैं, फिर शिक्षक उन्हें समझाते हैं कि सूर्य एक तारा है, जो मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसों से बना एक अत्यंत गर्म विशाल गोला है।
इसके बाद शिक्षक विद्यार्थियों को बताते हैं कि सूर्य के रहस्यों को जानने के लिए भारत ने आदित्य-L1 नामक अंतरिक्ष मिशन भेजा है। यह अंतरिक्ष यान सूर्य के ताप, प्रकाश, ऊर्जा, सौर ज्वालाओं तथा उनके पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करता है। इस प्रकार वैज्ञानिक सूर्य के बारे में नई-नई जानकारियाँ प्राप्त करते हैं।
पाठ में लैग्रांज (L1) बिंदु की भी सरल भाषा में जानकारी दी गई है। शिक्षक बताते हैं कि यह अंतरिक्ष का एक विशेष स्थान है, जहाँ से आदित्य-L1 सुरक्षित रहकर लगातार सूर्य का अध्ययन करता है और उसके विभिन्न चित्र तथा आवश्यक वैज्ञानिक जानकारी पृथ्वी तक भेजता है।
अंत में विद्यार्थी आदित्य-L1 द्वारा भेजे गए सूर्य के सुंदर चित्र देखकर अत्यंत उत्साहित हो जाते हैं और बड़े होकर अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनने का संकल्प लेते हैं। यह पाठ बच्चों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा, देश के वैज्ञानिकों के प्रति सम्मान तथा अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करता है।

🌟 सीख

  • हमें विज्ञान के प्रति जिज्ञासु और सीखने के लिए सदैव उत्सुक रहना चाहिए।
  • सूर्य एक तारा है और हमें उसके बारे में सही वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
  • भारत के वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष अभियानों पर हमें गर्व होना चाहिए।
  • प्रश्न पूछने और नई बातें जानने से हमारा ज्ञान बढ़ता है।
  • सूर्य को कभी भी सीधे आँखों से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इससे आँखों को नुकसान हो सकता है।
  • मेहनत, शोध और वैज्ञानिक सोच से नई खोजें संभव होती हैं और देश का विकास होता है।

📚 शब्दार्थ

शब्द अर्थ
आदित्य सूर्य
आकाश आसमान
तारा स्वयं प्रकाश देने वाला आकाशीय पिंड
ग्रह तारे के चारों ओर घूमने वाला खगोलीय पिंड
हाइड्रोजन एक हल्की गैस
हीलियम एक निष्क्रिय गैस
विशाल बहुत बड़ा
अत्यधिक बहुत अधिक
रहस्य गुप्त बात
वैज्ञानिक विज्ञान का अध्ययन और शोध करने वाला व्यक्ति
अंतरिक्ष पृथ्वी के बाहर का विशाल आकाशीय क्षेत्र
अंतरिक्ष यान अंतरिक्ष में भेजा जाने वाला विशेष यान
आदित्य-L1 सूर्य के अध्ययन के लिए भारत का अंतरिक्ष मिशन
लैग्रांज बिंदु (L1) अंतरिक्ष का विशेष संतुलन बिंदु
प्रक्षेपण रॉकेट या यान को अंतरिक्ष में भेजना
ऊर्जा कार्य करने की शक्ति
ताप गर्मी
सौर ज्वाला सूर्य से निकलने वाली अत्यधिक ऊर्जा
अनुसंधान नई जानकारी प्राप्त करने के लिए किया गया अध्ययन
कोतूहल जिज्ञासा
अद्भुत बहुत आश्चर्यजनक
प्रत्यक्ष सीधे
सुरक्षित हानि से बचा हुआ
प्रभाव असर
प्रेरणा उत्साह देने वाली बात

📋 प्रश्नोत्तर

💬 बातचीत के लिए
निम्नलिखित प्रश्नों पर अपने साथियों और अध्यापक के साथ चर्चा कीजिए।
1. आपने आकाश में अनेक तारे देखे होंगे। ऐसा कौन-सा तारा है जो हमें सुबह-सुबह जगाने का काम करता है? हमें इस तारे से कौन-कौन से लाभ होते हैं?

हमें सुबह-सुबह जगाने वाला तारा सूर्य है। सूर्य से हमें प्रकाश, ऊष्मा और ऊर्जा मिलती है। इसके कारण पृथ्वी पर जीवन संभव है। पौधे अपना भोजन बनाते हैं, हमें विटामिन-D प्राप्त होता है तथा दिन-रात और ऋतुओं का क्रम भी सूर्य के कारण ही चलता है।
2. भारत में मनाए जाने वाले ऐसे त्योहारों या मेलों के बारे में चर्चा कीजिए जिनका संबंध सूर्य अथवा चंद्रमा से है।

भारत में छठ पूजा, मकर संक्रांति, रथ सप्तमी और सूर्य षष्ठी जैसे पर्व सूर्य से जुड़े हैं। वहीं करवा चौथ, शरद पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा तथा होली-दीवाली जैसे पर्व चंद्रमा की तिथियों के आधार पर मनाए जाते हैं।
3. आपने कक्षा तीन की पाठ्यपुस्तक ‘वीणा, भाग-1’ में चंद्रयान पर पाठ पढ़ा है। अपने सहपाठियों को चंद्रयान के बारे में कुछ याद करके बताइए।

चंद्रयान भारत का चंद्रमा अध्ययन मिशन है। इसे इसरो (ISRO) ने भेजा है। चंद्रयान-3 की सफलता से भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक उतरने वाला पहला देश बना। इससे वैज्ञानिकों को चंद्रमा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं।
4. चंद्रयान-3 की सफलता के बाद सूर्य का अध्ययन करने वाले यान आदित्य-L1 के विषय में आपने जो भी सुना, पढ़ा या देखा है, बताइए।

आदित्य-L1 भारत का पहला सूर्य अध्ययन मिशन है। इसका प्रक्षेपण 2 सितंबर 2023 को किया गया। यह लैग्रांज बिंदु (L1) से सूर्य के ताप, प्रकाश, सौर ज्वालाओं तथा उनके पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करता है और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारियाँ पृथ्वी पर भेजता है।
☀️ पाठ के भीतर
पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
1. सूर्य मुख्य रूप से किन गैसों का एक विशाल गोला है?

सूर्य मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसों का एक विशाल गोला है।
2. राहुल के अनुसार सूर्य किसका गोला है?

राहुल के अनुसार सूर्य आग का गोला है।
3. आदित्य-L1 ने सूर्य के कितने रंगों के चित्र भेजे हैं?

आदित्य-L1 ने सूर्य के ग्यारह (11) रंगों के चित्र भेजे हैं।
4. आदित्य-L1 मिशन का मुख्य कार्य क्या है?

आदित्य-L1 मिशन का मुख्य कार्य सूर्य के ताप, ऊर्जा, सौर ज्वालाओं तथा उनके पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करना और उनसे संबंधित वैज्ञानिक जानकारी जुटाना है।
✍️ सोचिए और लिखिए
पाठ में बनी समझ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
(क) हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य-एल 1 का निर्माण क्यों किया?

हमारे वैज्ञानिकों ने सूर्य के रहस्यों को जानने, उसके ताप, ऊर्जा, सौर ज्वालाओं तथा उनके पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करने के लिए आदित्य-एल 1 का निर्माण किया।
(ख) “आदित्य-एल 1 चंद्रयान के प्रकार का ही एक यान है।” अध्यापक ने ऐसा अपने विद्यार्थियों से क्यों कहा?

अध्यापक ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि चंद्रयान की तरह आदित्य-एल 1 भी इसरो द्वारा भेजा गया एक अंतरिक्ष मिशन है। अंतर केवल इतना है कि चंद्रयान चंद्रमा का अध्ययन करता है, जबकि आदित्य-एल 1 सूर्य का अध्ययन करता है।
(ग) आदित्य-एल 1 में ‘एल 1’ क्या है और उसका क्या कार्य है?

‘एल 1’ लैग्रांज बिंदु 1 है। यह अंतरिक्ष का एक विशेष स्थान है जहाँ से आदित्य-एल 1 सुरक्षित रहकर लगातार सूर्य का अध्ययन करता है तथा उसके चित्र और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारियाँ पृथ्वी पर भेजता है।
(घ) “अध्यापक जी! मैंने सुना है कि सूर्य सात घोड़ों के रथ पर आकाश में यात्रा करने वाला एक राजा है।” वाणी ने अध्यापक से ऐसा क्यों कहा होगा?

वाणी ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उसने सूर्य के बारे में पौराणिक कथाएँ और लोकमान्यताएँ सुनी थीं। वह वही बात अध्यापक को बता रही थी ताकि उसे सही वैज्ञानिक जानकारी मिल सके।
(ङ) नीचे दिए गए शब्दों का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए— और, भी, ही, और, बहुत

  1. हम भी बड़े होकर वैज्ञानिक बनेंगे।
  2. रवि अध्यापक की ओर अचरज से देखता है।
  3. आदित्य-एल 1 ने सूर्य के कुछ अद्भुत चित्र भेजे हैं, उन्हें यदि आप लोग देखेंगे तो देखते ही रह जाएँगे।
  4. भारत के ओडिशा के पुरी जिले में सूर्य देवता का एक बहुत सुंदर मंदिर बना हुआ है।
  5. अध्यापक ने भास्कर से कहा कि इस कक्षा में दो और आदित्य हैं।
2. ‘आदित्य’ का अर्थ सूर्य होता है। सूर्य के कुछ अन्य नाम लिखिए।

सूर्य के अन्य नाम हैं— रवि, भास्कर, दिनकर, दिवाकर, सूर्यदेव, मार्तण्ड, प्रभाकर, आदिदेव
☀️ अनुमान और कल्पना

1. कल्पना कीजिए कि आप वैज्ञानिक बन गए हैं और आपको सूर्य के रहस्य जानने के लिए भेजा जा रहा है। आप—

(क) सूर्य की गर्मी से बचने के लिए किस तरह की व्यवस्था करेंगे?

मैं विशेष तापरोधी (Heat Shield) यान और सुरक्षा पोशाक का उपयोग करूँगा। साथ ही यान में अत्याधुनिक शीतलन प्रणाली (Cooling System) लगाऊँगा, जिससे सूर्य की अत्यधिक गर्मी से सुरक्षित रह सकूँ।

(ख) सूर्य से जुड़े कौन-कौन से रहस्यों को खोजने का प्रयास करेंगे?

मैं सूर्य की ऊर्जा, सौर ज्वालाओं, सूर्य की बाहरी परतों, सूर्य के तापमान तथा पृथ्वी पर पड़ने वाले उसके प्रभावों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करूँगा।

2. यदि आपको विद्यालय में आदित्य-L1 के वैज्ञानिकों से मिलने का एक अवसर मिलता है तो आप उनसे कौन-से प्रश्न पूछना चाहेंगे? कोई चार प्रश्न लिखिए।

  • आदित्य-L1 मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
  • आदित्य-L1 सूर्य से कितनी दूरी पर कार्य कर रहा है?
  • इस मिशन से अब तक कौन-कौन सी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुई हैं?
  • भविष्य में सूर्य के अध्ययन के लिए भारत की क्या योजनाएँ हैं?
☀️ भाषा की बात

1. निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम चिह्न लगाइए।

(क) यदि ऐसा है तो वहाँ आग किसने जलाई होगी?

(ख) अध्यापक जी, लगरांज 1 क्या होता है?

(ग) अच्छा, तभी इसका नाम आदित्य-एल1 रखा गया है।

(घ) जी अध्यापक जी! यह बहुत गरम है।

2. शब्द-पिटारा में दिए गए शब्दों को नीचे दिए गए उनके संबंधित परिवार में लिखिए।

संज्ञा : आदित्य, सूर्य, सुमन, रवि, दिनेश, विद्यार्थी

सर्वनाम : मैं, हम, आप, मुझे, यह, दो

विशेषण : अच्छा, बहुत, ग्यारह, गरम, एक, कुछ

3. दिए गए उपसर्गों की सहायता से दो-दो नए शब्द बनाइए।

  • प्र : प्रकाश, प्रगति
  • अभि : अभियान, अभिमान
  • वि : विशाल, विशेष
  • सु : सुप्रभात, सुचित्र

4. पाठ में आए अन्य दो-दो पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्द लिखिए।

पुल्लिंग शब्द : सूर्य, विद्यार्थी

स्त्रीलिंग शब्द : पृथ्वी, कक्षा

5. नीचे दिए गए शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द लिखकर उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।

(क) बहुत — कम

वाक्य : आज कक्षा में कम विद्यार्थी आए हैं।

(ख) पुराना — नया

वाक्य : मुझे नया विद्यालय बैग मिला है।

(ग) प्रकाश — अंधकार

वाक्य : अंधकार में कुछ दिखाई नहीं देता।

(घ) दूर — पास

वाक्य : मेरा विद्यालय घर के पास है।

(ङ) बड़ा — छोटा

वाक्य : मेरा छोटा भाई पहली कक्षा में पढ़ता है।

6. ‘जल’ तथा ‘कर’ शब्दों से जुड़े अलग-अलग अर्थों वाले वाक्य लिखिए।

‘जल’ शब्द के दो अर्थों वाले वाक्य

  • जल (पानी): हमें प्रतिदिन स्वच्छ जल पीना चाहिए।
  • जल (जलना): दीपक पूरी रात जल रहा था।

‘कर’ शब्द के दो अर्थों वाले वाक्य

  • कर (हाथ): बच्चे ने अपने कर जोड़कर गुरुजी को प्रणाम किया।
  • कर (Tax): प्रत्येक नागरिक को समय पर कर देना चाहिए।

7. “आदित्य-एल1 और सूर्य की भेंट” शीर्षक के अनुसार संवाद पूरा कीजिए।

सूर्य : स्वागत है आदित्य-एल1! तुम यहाँ किस उद्देश्य से आए हो?

आदित्य-एल1 : मैं आपके रहस्यों को जानने और वैज्ञानिकों तक सही जानकारी पहुँचाने आया हूँ।

सूर्य : तुम्हें मेरे बारे में बहुत-सी नई जानकारियाँ मिलेंगी।

आदित्य-एल1 : धन्यवाद! मैं आपके प्रकाश और ऊर्जा का अध्ययन करके पृथ्वी के लोगों की सहायता करूँगा।

☀️ पाठ से आगे

1. इस चित्र में क्या दिखाया गया है? अपने घर या आस-पड़ोस में आपने कभी किसी को ऐसा करते देखा है? कक्षा में अपने-अपने अनुभव साझा कीजिए।

चित्र में एक महिला सूर्य देव को अर्घ्य देती हुई दिखाई गई है। यह दृश्य छठ पूजा या सूर्य उपासना का प्रतीक है। मैंने अपने घर और आसपास के लोगों को छठ पूजा तथा अन्य धार्मिक अवसरों पर सूर्य देव को जल अर्पित करते हुए देखा है। यह हमारी भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण भाग है।

2. सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने से शरीर को कौन-कौन से लाभ होते हैं? सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए।

  • सूर्य के प्रकाश से शरीर को विटामिन-D प्राप्त होता है।
  • हड्डियाँ और दाँत मजबूत बनते हैं।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
  • शरीर में ऊर्जा और स्फूर्ति बनी रहती है।
  • मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है।

3. दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए। यह चित्र सौर ऊर्जा का है। सौर ऊर्जा के बारे में जानकारी प्राप्त कर कक्षा में चार्ट पेपर पर प्रस्तुत कीजिए।

सौर ऊर्जा सूर्य से प्राप्त होने वाली स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा है। इसका उपयोग सोलर पैनल द्वारा बिजली बनाने, पानी गर्म करने तथा विभिन्न उपकरणों को चलाने में किया जाता है। इससे प्रदूषण कम होता है, बिजली की बचत होती है तथा पर्यावरण सुरक्षित रहता है।

4. दिए गए चित्र को ध्यान से देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(क) इस चित्र में पाँच लगरांज बिंदु दिखाए गए हैं। आपके विचार से हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य यान के स्थापना के लिए एल1 बिंदु क्यों चुना होगा?

उत्तर : क्योंकि एल1 बिंदु से सूर्य को बिना किसी रुकावट के लगातार देखा जा सकता है। यहाँ से सूर्य का अध्ययन करना अधिक सुविधाजनक होता है।


(ख) चित्र देखकर बताइए कि कौन-कौन से लगरांज बिंदु पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) पर हैं?

उत्तर : पृथ्वी की कक्षा पर एल2, एल4 और एल5 लगरांज बिंदु स्थित हैं।

📚 पुस्तकालय या अन्य स्रोत से

1. विद्यालय के पुस्तकालय से सूर्य के विषय में और अधिक जानकारी प्राप्त कीजिए।

पुस्तकालय से जानकारी प्राप्त करने पर पता चलता है कि सूर्य एक तारा है। यह मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसों से बना है। सूर्य पृथ्वी को प्रकाश और ऊष्मा प्रदान करता है तथा इसके कारण ही पृथ्वी पर जीवन संभव है।

2. सूर्यग्रहण क्यों लगता है? इस अवसर पर कहाँ-कहाँ मेले लगते हैं? इस विषय में अपने विद्यालय के पुस्तकालय, अभिभावकों और अन्य स्रोतों से जानकारी प्राप्त कर सहपाठियों से साझा कीजिए।

सूर्यग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है तथा कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुँच पाता। भारत में सूर्यग्रहण के अवसर पर कुरुक्षेत्र, प्रयागराज, हरिद्वार, वाराणसी आदि स्थानों पर धार्मिक स्नान और मेलों का आयोजन होता है। (यह उत्तर स्थानीय जानकारी के अनुसार भी लिखा जा सकता है।)

🎨 मेरी चित्रकारी

भविष्य में जब आप वैज्ञानिक बनकर किसी ग्रह की यात्रा करेंगे तो आपका यान कैसा होगा? उसका एक चित्र अपनी कल्पना से तैयार कीजिए और उसमें रंग भरिए।

यह गतिविधि विद्यार्थियों द्वारा स्वयं करने के लिए है। विद्यार्थी अपनी कल्पना के अनुसार भविष्य का अंतरिक्ष यान बनाकर उसमें आकर्षक रंग भरें तथा उसके प्रमुख भागों के नाम भी लिखें।

📖 कार्यपुस्तिका

📖 पाठ के भीतर
प्रश्न 1
निम्नलिखित प्रश्नों के एक से अधिक सही विकल्प हो सकते हैं। सही विकल्प/विकल्पों पर सही (✓) का चिह्न लगाइए।

(क) वाणी के अनुसार सूर्य के रथ में कितने घोड़े हैं?

✔ (iii) सात


(ख) सूर्य है—

✔ (ii) एक तारा


(ग) आदित्य-एल 1 का निर्माण किस संस्थान ने किया है?

✔ (iv) अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो)


(घ) आदित्य-एल 1 ने किसके चित्र भेजे हैं?

✔ (i) सूर्य के

💡 सोचिए और लिखिए
प्रश्न 1
पाठ से बनी समझ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

(क) अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा प्रक्षेपित प्रमुख अंतरिक्ष यानों के विषय में पता करके लिखिए।

इसरो द्वारा प्रक्षेपित प्रमुख अंतरिक्ष यानों में चंद्रयान-1, चंद्रयान-2, चंद्रयान-3, मंगलयान (मंगल ऑर्बिटर मिशन), आदित्य-एल1 तथा गगनयान प्रमुख हैं।


(ख) लगरांज कौन थे?

जोसेफ-लुई लगरांज एक प्रसिद्ध फ्रांसीसी गणितज्ञ और खगोल वैज्ञानिक थे। उनके नाम पर अंतरिक्ष के विशेष संतुलन बिंदुओं को लगरांज बिंदु (Lagrange Points) कहा जाता है।


(ग) सूर्य एक तारा है। एक तारे की क्या विशेषताएँ होती हैं? पता लगाइए और लिखिए।

तारा स्वयं प्रकाश और ऊष्मा देने वाला विशाल गैसीय पिंड होता है। इसमें मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैस होती है तथा यह अपने प्रकाश से चमकता है।

प्रश्न 2
बॉक्स में दिए गए शब्दों का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।

(i) सूर्य तो आग का एक गोला है।


(ii) सर्दियों में तो धूप से उठने का मन ही नहीं करता है।


(iii) सूर्य मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम नाम की गैसों का एक विशाल गोला है।


(iv) एल-1 में एल का अर्थ लगरांज है।

🌈 अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1
कल्पना कीजिए कि आप सूर्य के सात घोड़े वाले रथ में बैठे हैं। आप सूर्य से कौन-से प्रश्न पूछना चाहेंगे? कोई चार प्रश्न लिखिए।

(क) सूर्य देव! आप प्रतिदिन बिना रुके कैसे चमकते रहते हैं?


(ख) आपके भीतर इतनी अधिक ऊष्मा और प्रकाश कैसे उत्पन्न होता है?


(ग) आदित्य-एल1 ने आपके बारे में कौन-कौन सी नई जानकारियाँ प्राप्त की हैं?


(घ) पृथ्वी और सभी जीवों के लिए आपका क्या महत्व है?

✍️ भाषा की बात
प्रश्न 1
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए।

आदित्य — सूर्य


पृथ्वी — धरती


अंतरिक्ष — आकाश / अंतराल


प्रक्षिप्त — छोड़ा गया / प्रक्षेपित किया गया


प्रत्यक्ष — सामने दिखाई देने वाला


ऊर्जा — शक्ति

प्रश्न 2
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए।

(i) चन्द्रमा — शशि, इन्दु


(ii) धरती — पृथ्वी, वसुंधरा


(iii) आकाश — नभ, गगन


(iv) आग — अग्नि, अनल


(v) सूर्य — आदित्य, रवि

प्रश्न 3
निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।

राजा — रंक


दिन — रात


सर्दी — गर्मी


मौसी — मामा


हँसना — रोना

प्रश्न 4
सूर्य और चन्द्रमा से संबंधित निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ बॉक्स से छाँटकर लिखिए एवं उनका अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए।

(i) सूरज को दीपक दिखाना

अर्थ : प्रसिद्ध व्यक्ति/वस्तु का परिचय देना।

वाक्य प्रयोग : महान वैज्ञानिक को विज्ञान समझाना सूरज को दीपक दिखाने के समान है।


(ii) सूर्य का पश्चिम में उदय होना

अर्थ : असंभव या दुर्लभ कार्य/घटना।

वाक्य प्रयोग : बिना पढ़े परीक्षा में प्रथम आना सूर्य का पश्चिम में उदय होने जैसा है।


(iii) उगते सूरज को नमस्कार करना

अर्थ : सफल व्यक्ति का सभी सम्मान करते हैं।

वाक्य प्रयोग : लोग सफल व्यक्तियों का ही सम्मान करते हैं, इसलिए कहा जाता है— उगते सूरज को नमस्कार करना।


(iv) ईद का चाँद होना

अर्थ : किसी व्यक्ति या वस्तु का बहुत दिनों बाद दिखाई देना।

वाक्य प्रयोग : तुम तो आजकल ईद के चाँद हो गए हो।


(v) चार दिन की चाँदनी फिर अँधेरी रात

अर्थ : थोड़े दिन का सुख।

वाक्य प्रयोग : बिना मेहनत की सफलता चार दिन की चाँदनी फिर अँधेरी रात जैसी होती है।

प्रश्न 5
निम्नलिखित शब्दों में से सही शब्द को रेखांकित कर बॉक्स में लिखिए।

(i) आश्चर्य


(ii) हाइड्रोजन


(iii) हीलियम


(iv) अंतरिक्ष


(v) प्रक्षिप्त

🚦 पाठ से आगे
प्रश्न 1
‘छठ पर्व’ में किस देवता की पूजा की जाती है? पता लगाइए और ‘छठ पर्व’ के विषय में चार पंक्तियाँ लिखिए।

छठ पर्व में सूर्य देव तथा छठी मैया की पूजा की जाती है। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल के कुछ भागों में मनाया जाता है। इसमें श्रद्धालु उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। यह पर्व प्रकृति, सूर्य और जल के प्रति श्रद्धा एवं आस्था का प्रतीक है।

प्रश्न 2
प्राचीन भारतीय खगोलविद् और गणितज्ञ ‘आर्यभट्ट’ के विषय में जानकारी एकत्रित कीजिए और लिखिए।

आर्यभट्ट प्राचीन भारत के महान गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री थे। उन्होंने ‘आर्यभटीय’ नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की। उन्होंने पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूमने का सिद्धांत प्रस्तुत किया। गणित और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

🎨 मेरी चित्रकारी
गतिविधि
अपने अध्यापक की मदद से सौरमण्डल का चित्र बनाइए और सूर्य तथा विभिन्न ग्रहों में रंग भरिए। साथ ही उनके नाम भी लिखिए।

गतिविधि आधारित प्रश्न
विद्यार्थी अपने अध्यापक की सहायता से सौरमण्डल का चित्र बनाएँ। चित्र में सूर्य तथा सभी ग्रहों में उपयुक्त रंग भरें और उनके नाम क्रमवार लिखें।

ग्रहों के नाम (क्रमवार):

  1. बुध
  2. शुक्र
  3. पृथ्वी
  4. मंगल
  5. बृहस्पति
  6. शनि
  7. अरुण
  8. वरुण
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