पाठ 7 – नकली हीरे (Nakli Heere) 

📚 Class 4 📝 Hindi 📖 NCERT

📖 पाठ परिचय

यह नकली हीरे (Nakli Heere) एक रोचक चित्रकथा है। इसमें कानमपुर के एक बुद्धिमान और वृद्ध राजा की कहानी प्रस्तुत की गई है, जो अपने पुत्र के लिए योग्य, ईमानदार और विवेकशील सलाहकार की खोज करता है। इसके लिए वह अपने दरबारियों की बुद्धिमत्ता और सत्यनिष्ठा की अनोखी परीक्षा लेता है।

अधिकांश दरबारी राजा को प्रसन्न करने के लिए झूठी प्रशंसा करते हैं, जबकि एक नवयुवक दरबारी बिना किसी भय के सत्य बोलता है। उसकी ईमानदारी, स्पष्टवादिता और विवेक से प्रभावित होकर राजा उसे असली हीरा तथा अपने पुत्र का सलाहकार बनने का सम्मान प्रदान करता है।

यह पाठ विद्यार्थियों को सत्य बोलने, ईमानदार रहने, चापलूसी से बचने तथा योग्यता के आधार पर निर्णय लेने की प्रेरणा देता है। चित्रों और सरल संवादों के माध्यम से कहानी अत्यंत रोचक बन गई है।

इस Lesson में भाव एवं सार, शब्दार्थ (Word Meaning), प्रश्नोत्तर (Question Answers), Workbook Solutions, भाषा अभ्यास तथा गतिविधियों के समाधान सरल एवं नवीन शैली में दिए गए हैं, जिससे विद्यार्थी पाठ को आसानी से समझ सकें।

कक्षा 4 वीणा पाठ नकली हीरे का चित्र जिसमें राजा के दरबार में नवयुवक सत्य उत्तर देता हुआ दिखाया गया है

📚 पाठ को विस्तार से पढ़ें

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📖 भाव एवं सार

कानमपुर का वृद्ध राजा अपने जीवन के अंतिम समय में अपने पुत्र के लिए योग्य सलाहकार चुनना चाहता था। उसने एक दिन सभी दरबारियों को दरबार में बुलाया और उनसे एक प्रश्न पूछा— “क्या मैं बुद्धिमान और ईमानदार राजा हूँ?”
अधिकांश दरबारियों ने राजा को प्रसन्न करने के उद्देश्य से कहा कि संसार में उनसे अधिक बुद्धिमान और ईमानदार कोई नहीं है। राजा ने प्रत्येक उत्तर देने वाले दरबारी को एक-एक चमकता हुआ हीरा पुरस्कार में दे दिया।
सभी दरबारियों के जाने के बाद एक नवयुवक दरबारी चुपचाप खड़ा रहा। राजा ने उससे उत्तर पूछा। उसने विनम्रता से कहा कि राजा बुद्धिमान और ईमानदार अवश्य हैं, लेकिन संसार में उनसे भी अधिक बुद्धिमान और ईमानदार लोग हो सकते हैं।
राजा नवयुवक के उत्तर से बहुत प्रसन्न हुआ। उसने बताया कि अन्य सभी दरबारियों को नकली हीरे दिए गए थे, जबकि सत्य बोलने वाले इस युवक को असली हीरा दिया गया। साथ ही उसे अपने पुत्र का भावी सलाहकार भी नियुक्त कर दिया गया।

🌟 सीख

  • हमें हर परिस्थिति में सत्य बोलना चाहिए।
  • चापलूसी करने के बजाय ईमानदारी से अपनी बात कहनी चाहिए।
  • योग्यता का मूल्य सदैव सत्य और विवेक से बढ़ता है।
  • सच्चा व्यक्ति पुरस्कार का नहीं, बल्कि सत्य का सम्मान करता है।
  • निर्णय लेते समय बुद्धिमानी और निष्पक्षता आवश्यक होती है।
  • ईमानदार व्यक्ति अंततः सम्मान और सफलता प्राप्त करता है।

📚 शब्दार्थ

शब्द अर्थ
बुद्धिमान समझदार, विवेकशील
ईमानदार सच्चा और निष्कपट व्यक्ति
दरबारी राजा के दरबार में रहने वाला व्यक्ति
सलाहकार उचित सलाह देने वाला व्यक्ति
प्रश्न पूछी गई बात
उत्तर प्रश्न का जवाब
निस्संदेह बिना किसी संदेह के
श्रेष्ठ सबसे अच्छा
प्रसन्न खुश
घोषणा सार्वजनिक रूप से बताना
परीक्षा जाँच करना
योग्यता काबिलियत
विवेक सही-गलत पहचानने की क्षमता
सत्य सच
चापलूसी झूठी प्रशंसा करना
पुरस्कार सम्मान स्वरूप दिया गया उपहार
नियुक्त पद पर रखा गया
उत्तराधिकारी आगे जिम्मेदारी संभालने वाला
वृद्ध अधिक आयु वाला
विनम्रता नम्र स्वभाव
सम्मान आदर
निर्णय अंतिम निष्कर्ष
नकली असली जैसा लेकिन वास्तविक नहीं
वास्तविक असली, सच्चा
सलाह उचित मार्गदर्शन

📋 प्रश्नोत्तर

💬 बातचीत के लिए
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
1. राजा ने अपने पुत्र का सलाहकार किसे और क्यों चुना?

राजा ने उस नवयुवक दरबारी को अपने पुत्र का सलाहकार चुना जिसने बिना किसी लालच के सत्य और समझदारी से उत्तर दिया। उसने राजा की झूठी प्रशंसा नहीं की, बल्कि ईमानदारी से अपनी बात रखी। राजा उसकी बुद्धिमानी, सत्यनिष्ठा और विवेक से बहुत प्रभावित हुआ।
2. दरबारियों ने राजा के उपहार की जौहरी से तुरंत जाँच करवाई। इससे उनके बारे में कौन-कौन सी बातें पता चलती हैं?

इससे पता चलता है कि अधिकांश दरबारी उपहार के मूल्य के प्रति अधिक उत्सुक थे। वे धैर्य रखने के बजाय तुरंत सच्चाई जानना चाहते थे। इससे उनकी अधीरता, लालच और संदेह करने की प्रवृत्ति भी दिखाई देती है।
3. नवयुवक दरबारी राजा का प्रश्न सुनकर भी चुपचाप क्यों खड़ा था?

नवयुवक दरबारी सोच-समझकर उत्तर देना चाहता था। वह बिना विचार किए दूसरों की तरह राजा की प्रशंसा नहीं करना चाहता था। इसलिए वह शांत रहकर उचित उत्तर के बारे में सोचता रहा।
4. चित्रकथा के अनुसार काननपुर का राजा बहुत बुद्धिमान था। क्या आप इस बात से सहमत हैं? आपको ऐसा क्यों लगता है?

हाँ, मैं इस बात से सहमत हूँ। राजा ने केवल शब्दों पर विश्वास नहीं किया, बल्कि दरबारियों की बुद्धिमानी और ईमानदारी की परीक्षा ली। उसने योग्य व्यक्ति को पहचानकर उसे अपने पुत्र का सलाहकार बनाया, जिससे उसकी दूरदर्शिता और न्यायप्रियता स्पष्ट होती है।
5. जब राजा ने अपने पुत्र के सलाहकार की घोषणा की, तब सभी दरबारियों को कैसा लगा होगा? उन्होंने क्या-क्या सोचा होगा?

घोषणा सुनकर अधिकांश दरबारी आश्चर्यचकित और निराश हुए होंगे। उन्हें अपनी गलती का एहसास भी हुआ होगा कि उन्होंने बिना सोचे-समझे राजा की झूठी प्रशंसा की थी। संभव है कि उन्होंने आगे से सत्य बोलने और सोच-समझकर उत्तर देने का निश्चय किया हो।
📝 सोचिए और लिखिए
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
1. चित्रकथा दिए गए अंश को ध्यान से देखिए। इस अंश के बारे में अपने समूह में चर्चा कीजिए। अब नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए—

• चित्रकथा के इस अंश में कुल कितने चित्र-खंड हैं?
• यहाँ मुख्य पात्र कौन-कौन हैं?
• बीच वाले चित्र-खंड में क्या हो रहा है?
• यहाँ केवल चित्रों को देखकर कौन-कौन सी बातें पता चल रही हैं?

(क) इस चित्रकथा के दिए गए अंश में कुल चार चित्र-खंड हैं।

(ख) यहाँ मुख्य पात्र राजा, नवयुवक दरबारी तथा अन्य दरबारी हैं।

(ग) बीच वाले चित्र-खंड में राजा नवयुवक दरबारी से उसके उत्तर के बारे में पूछ रहे हैं और वह विनम्रता से अपनी बात कह रहा है।

(घ) केवल चित्रों को देखकर पता चलता है कि राजा सभी दरबारियों की परीक्षा ले रहा है, सभी को हीरे दिए गए हैं तथा एक दरबारी सोच-समझकर उत्तर दे रहा है।
2. इस चित्रकथा का नाम ‘नकली हीरे’ क्यों रखा गया है? आप भी इस चित्रकथा का कोई उपयुक्त शीर्षक दीजिए।

इस चित्रकथा का नाम ‘नकली हीरे’ इसलिए रखा गया है क्योंकि राजा ने अधिकांश दरबारियों को असली के स्थान पर नकली हीरे दिए थे। इससे उनकी सोच और व्यवहार की परीक्षा ली गई।

मेरा सुझाया हुआ शीर्षक — “सच्ची बुद्धिमानी की परीक्षा”
3. राजा ने नकली हीरों का पुरस्कार किन्हें और क्यों दिया?

राजा ने अधिकांश दरबारियों को नकली हीरे दिए क्योंकि वे बिना सोचे-समझे केवल राजा की प्रशंसा कर रहे थे। राजा उनकी समझदारी, ईमानदारी और सत्य बोलने की प्रवृत्ति की परीक्षा लेना चाहता था।
4. राजा ने एक को छोड़कर अन्य सभी दरबारियों को नकली हीरे क्यों दिए? अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।

राजा ने केवल उस नवयुवक दरबारी को असली हीरा दिया जिसने सत्य और निर्भीक होकर उत्तर दिया। बाकी सभी दरबारियों ने राजा को प्रसन्न करने के लिए झूठी प्रशंसा की थी। राजा यह दिखाना चाहता था कि सच्चाई, बुद्धिमानी और ईमानदारी सबसे बड़ा गुण है।
📚 शब्दों से मित्रता
नीचे दिए गए शब्दों को उनके उपयुक्त अर्थों के साथ रेखाएँ खींचकर मिलाइए—
शब्द उपयुक्त अर्थ
वृद्ध बूढ़ा
निस्संदेह संदेह न होना
बुद्धिमान विवेकवान
श्रेष्ठ सर्वोत्तम
ठहरना रुकना
💡 हमारी समझ
इन प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर पर सूरज का चित्र (☀️) बनाइए—
(क) नवयुवक दरबारी का उत्तर सुनकर राजा—

i. ☀️ प्रसन्न हो गया।

ii. अप्रसन्न हो गया।

iii. भयभीत हो गया।

iv. चिंतित हो गया।
(ख) सबसे अलग उत्तर देने वाले दरबारी के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य सही है?

i. वह सदैव झूठ बोलता था।

ii. वह राजा के पुत्र का सलाहकार बनना चाहता था।

iii. वह अन्य दरबारियों से अलग दिखना चाहता था।

iv. ☀️ वह एक विनम्र नवयुवक था।
✍️ भाषा की बात
प्रश्न 1
“काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक बेटा था।”
“काननपुर के बुद्धिमान और वृद्ध राजा का एक ही बेटा था।”

(क) इन दोनों पंक्तियों को ध्यान से देखिए। दोनों में क्या अंतर है?

(ख) आप भी कक्षा में पाँच-पाँच के समूह बनाकर ‘ही’ शब्द वाले चार वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
(क) उत्तर —
पहली पंक्ति में केवल यह बताया गया है कि राजा का एक बेटा था, जबकि दूसरी पंक्ति में ‘ही’ शब्द यह स्पष्ट करता है कि राजा का केवल एक ही बेटा था। ‘ही’ शब्द विशेष बल देने का कार्य करता है।

(ख) उत्तर —
1. आज ही मेरा जन्मदिन है।

2. वही ही प्रतियोगिता में प्रथम आया।

3. हमें सत्य ही बोलना चाहिए।

4. यह काम तुम ही कर सकते हो।
प्रश्न 2
नीचे दिए गए वाक्यों में से जो आपको अपने लिए सबसे उपयुक्त लगते हैं, उनके सामने सही (✓) का चिह्न लगाइए—
मुझे कहानियाँ और कविताएँ पढ़ना पसंद है।

✓ मुझे रोचक कहानियाँ सुनना या लिखना पसंद है।

✓ मुझे पहेलियाँ हल करना पसंद है।

✓ मुझे गणित के खेल और प्रश्न हल करना रुचिकर लगता है।

✓ मुझे चित्रकारी करना पसंद है।

मुझे घूमने-फिरने और खेलने में आनंद आता है।

मुझे अभिनय या नृत्य करना पसंद है।

मुझे गीत गाना या वाद्ययंत्र बजाना अच्छा लगता है।

✓ मुझे संगीत सुनना पसंद है।

✓ मुझे दूसरों के साथ काम करना और मित्र बनाना पसंद है।

✓ मुझे अपने सहपाठियों की सहायता करना अच्छा लगता है।

✓ मुझे प्रकृति और जानवरों के बारे में जानना पसंद है।

मुझे बागवानी पसंद है।
प्रश्न 3
अब ऊपर दी गई सूची में से अपनी मनपसंद गतिविधि को चुनकर उस पर एक अनुच्छेद लिखिए। आप एक से अधिक गतिविधियाँ भी चुन सकते हैं।
मेरी मनपसंद गतिविधि – पुस्तकें पढ़ना

मुझे पुस्तकें पढ़ना बहुत पसंद है। मैं प्रतिदिन कुछ समय कहानी और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ता हूँ। पुस्तकों से मुझे नई-नई बातें सीखने को मिलती हैं और मेरी भाषा तथा कल्पनाशक्ति का विकास होता है। खाली समय में पुस्तक पढ़ना मुझे बहुत अच्छा लगता है।
4. “सब दरबारियों ने बारी-बारी से यही उत्तर दिया।” उपयुक्त पंक्ति में ‘बारी’ शब्द का दो बार प्रयोग हुआ है। आप भी नीचे दिए गए ऐसे शब्दों से वाक्य बनाइए—

धीरे-धीरे — बच्चा धीरे-धीरे चलना सीख गया।

भिन्न-भिन्न — बगीचे में भिन्न-भिन्न प्रकार के फूल खिले हैं।

साथ-साथ — हम सभी मित्र साथ-साथ विद्यालय जाते हैं।

बार-बार — शिक्षक ने बार-बार अभ्यास करने के लिए कहा।
5. “कृपा करके स्पष्ट उत्तर दीजिए।” कृपा जैसे शब्दों का प्रयोग विनम्रता दर्शाने के लिए किया जाता है। नीचे दिए गए ऐसे ही शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए और अपने समूह में एक-दूसरे से बातचीत करते हुए उनका प्रयोग कीजिए—

कृपया — कृपया दरवाज़ा बंद कर दीजिए।

धन्यवाद — मेरी सहायता करने के लिए आपका धन्यवाद।

क्षमा कीजिए — क्षमा कीजिए, मुझसे यह गलती हो गई।

आपका आभार — समय पर सहायता करने के लिए आपका आभार।
⭐ पाठ की विशेषताएँ
प्रश्न 1
यह चित्रकथा है। इसमें पात्रों के संवाद तथा घटनाएँ चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत की गई हैं। अपने शिक्षक की सहायता से इस चित्रकथा की विशेषताएँ लिखिए।
  • यह एक रोचक चित्रकथा है।
  • कहानी को चित्रों और संवादों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
  • चित्रों के कारण कहानी को समझना सरल और आकर्षक हो जाता है।
  • संवाद छोटे, स्पष्ट और प्रभावशाली हैं।
  • चित्रकथा सत्य, ईमानदारी और बुद्धिमानी की प्रेरणा देती है।
  • यह विद्यार्थियों में कल्पनाशक्ति तथा पठन कौशल का विकास करती है।
🎨 आपकी चित्रकथा
प्रश्न 1
दिए गए चित्रों को ध्यान से देखिए। अपनी कल्पना के आधार पर प्रत्येक चित्र के लिए उपयुक्त संवाद लिखिए।
चित्र 1 :
“देखो! आज मौसम कितना सुहावना है।”

चित्र 2 :
“चलो, हम सब मिलकर बगीचे की सैर करते हैं।”

चित्र 3 :
“वाह! यहाँ कितने सुंदर फूल खिले हैं।”

चित्र 4 :
“हमें प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए।”
🔍 खोजिए और आनंद लीजिए
प्रश्न 1
नीचे दिए गए एक जैसे चित्रों में पाँच अंतर खोजिए।
विद्यार्थी दोनों चित्रों को ध्यानपूर्वक देखकर पाँचों अंतर स्वयं खोजें और उन्हें चिह्नित करें।
प्रश्न 2
नीचे दिए गए चित्र में पाठ से आए पाँच शब्द छिपे हैं। खोजकर लिखिए।
1. राजा

2. हीरा

3. दरबारी

4. सलाहकार

5. बुद्धिमान
📚 पुस्तकालय से
प्रश्न 1
क्या आपने कोई चित्रकथा पढ़ी है? यदि हाँ तो अपने सहपाठियों को उसके विषय में बताइए।
हाँ, मैंने पंचतंत्र की चित्रकथा पढ़ी है। इसमें रोचक चित्रों के माध्यम से अच्छी सीख देने वाली कहानियाँ हैं। यह चित्रकथा मनोरंजक होने के साथ-साथ हमें बुद्धिमानी, ईमानदारी और सही निर्णय लेने की प्रेरणा देती है।
प्रश्न 2
अपने विद्यालय के पुस्तकालय में से कोई अन्य चित्रकथा ढूँढ़िए और अपने सहपाठियों के साथ पढ़िए।
विद्यार्थी अपने विद्यालय के पुस्तकालय से कोई भी रोचक चित्रकथा, जैसे अकबर-बीरबल, तेनालीराम या पंचतंत्र की चित्रकथा चुनकर अपने सहपाठियों के साथ पढ़ें तथा उससे मिली सीख पर चर्चा करें।

📖 कार्यपुस्तिका

📖 पाठ के भीतर
प्रश्न 1
नीचे दिए गए प्रश्नों के सही विकल्प पर (✔) का निशान लगाइए।

(क) नवयुवक दरबारी ने राजा को उत्तर दिया—

❌ (i) आप बुद्धिमान और ईमानदार हैं।

❌ (ii) आप बुद्धिमान और ईमानदार नहीं हैं।

✅ (iii) आप ईमानदार हैं लेकिन बुद्धिमान नहीं।

❌ (iv) आप बुद्धिमान हैं लेकिन ईमानदार नहीं।


(ख) हर दरबारी को राजा ने दिया—

❌ (i) एक-एक सोना

❌ (ii) एक-एक मोती

✅ (iii) एक-एक हीरा

❌ (iv) एक-एक चाँदी

प्रश्न 2
नीचे दिए गए वाक्यों में से जो आपको अपने लिए सबसे उपयुक्त लगते हैं, उनके सामने सही का चिह्न (✔) लगाइए।

☐ मुझे झगड़ा करना पसंद है।

✅ मुझे सच बोलना पसंद है।

✅ मुझे गरीबों की सेवा करना पसंद है।

☐ मुझे गजल सुनना पसंद है।

✅ मुझे भाषण देना पसंद है।

📝 सोचिए और लिखिए
प्रश्न 1
रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए।

मैं अधिक दिन जीवित नहीं रहूँगा।


हर दरबारी को राजा ने एक-एक हीरा दिया।


हमें आपका उत्तर सुनकर बहुत प्रसन्नता हुई।


आप सबने मेरे प्रश्न का गलत उत्तर दिया।

प्रश्न 2
स्वयं के द्वारा पढ़ी गई किन्हीं चार कहानियों के नाम लिखिए।
  1. सिंह और चूहा
  2. ईमानदार लकड़हारा
  3. प्यासा कौआ
  4. लोमड़ी और अंगूर
✍️ भाषा की बात
प्रश्न 1
नीचे दिए गए शब्दों के अर्थ लिखिए।

(1) सलाहकार — उचित सलाह देने वाला व्यक्ति।


(2) ईमानदार — सत्य बोलने और सही कार्य करने वाला।


(3) श्रेष्ठ — सबसे अच्छा, उत्तम।


(4) क्षमा — माफ करना।


(5) प्रसन्नता — खुशी, आनंद।


(6) जाँच — परख, परीक्षा।

प्रश्न 2
दिए गए शब्दों की वर्तनी शुद्ध करके लिखिए।

(1) सालाहिकार ➜ सलाहकार


(2) करपया ➜ कृपया


(3) भियभीत ➜ भयभीत


(4) नयायुवक ➜ नवयुवक

प्रश्न 3
विलोम शब्द लिखिए।

अच्छा — बुरा


असली — नकली


झूठा — सच्चा


सीधा — टेढ़ा


प्रसन्न — उदास


राजा — प्रजा

प्रश्न 4
दिए गए शब्दों के बहुवचन शब्द लिखिए।

(1) बेटा ➜ बेटे


(2) पुस्तक ➜ पुस्तकें


(3) महिला ➜ महिलाएँ


(4) मेरा ➜ मेरे


(5) कविता ➜ कविताएँ

✍️ भाषा की बात
प्रश्न 1
नीचे दिए गए शब्दों के अर्थ लिखिए।

(1) सलाहकार — उचित सलाह देने वाला व्यक्ति।


(2) ईमानदार — सत्य बोलने और सही कार्य करने वाला।


(3) श्रेष्ठ — सबसे अच्छा, उत्तम।


(4) क्षमा — माफ करना।


(5) प्रसन्नता — खुशी, आनंद।


(6) जाँच — परख, परीक्षा।

प्रश्न 2
दिए गए शब्दों की वर्तनी शुद्ध करके लिखिए।

(1) सालाहिकार ➜ सलाहकार


(2) करपया ➜ कृपया


(3) भियभीत ➜ भयभीत


(4) नयायुवक ➜ नवयुवक

प्रश्न 3
विलोम शब्द लिखिए।

अच्छा — बुरा


असली — नकली


झूठा — सच्चा


सीधा — टेढ़ा


प्रसन्न — उदास


राजा — प्रजा

प्रश्न 4
दिए गए शब्दों के बहुवचन शब्द लिखिए।

(1) बेटा ➜ बेटे


(2) पुस्तक ➜ पुस्तकें


(3) महिला ➜ महिलाएँ


(4) मेरा ➜ मेरे


(5) कविता ➜ कविताएँ

🚦 पाठ से आगे
प्रश्न 1
इस चित्रकथा के सर्वाधिक अच्छे लगने वाले तीन संवाद लिखिए।
  1. “आप ईमानदार हैं लेकिन बुद्धिमान नहीं।”
  2. “मुझे आपका उत्तर सबसे अच्छा लगा।”
  3. “आज से तुम मेरे पुत्र के सलाहकार हो।”
प्रश्न 2
राजा ने उस नौजवान को ही अपने बेटे का सलाहकार क्यों बनाया? इसके विषय में चार वाक्य लिखिए।
  1. नौजवान ने बिना डरे सत्य उत्तर दिया।
  2. वह ईमानदार और स्पष्टवादी था।
  3. उसने राजा को खुश करने के लिए झूठ नहीं बोला।
  4. राजा ने उसकी बुद्धिमत्ता और ईमानदारी से प्रभावित होकर उसे अपने पुत्र का सलाहकार बनाया।
🎨 आनंदमयी गतिविधि / मेरी चित्रकारी
प्रश्न 1
हीरे का चित्र बनाकर उसमें रंग भरिए।

विद्यार्थी स्वयं करें।

💎

यहाँ विद्यार्थी हीरे का चित्र बनाकर रंग भरें।
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