पाठ 2 – बगीचे का घोंघा

📚 Class 4 📖 Hindi 🏫 NCERT

बगीचे का घोंघा (Bagiche Ka Ghongha)

बगीचे का घोंघा एक रोचक और कल्पनाशील कहानी है, जिसमें एक छोटे से घोंघे की जिज्ञासा, साहस और नई दुनिया को जानने की इच्छा का सुंदर वर्णन किया गया है।

घोंघा अपने छोटे और परिचित बगीचे में रहता है, लेकिन उसके मन में बगीचे के बाहर की दुनिया को देखने की उत्सुकता जागती है। वह यात्रा पर निकलता है और रास्ते में अनेक जीवों, पेड़ों, मैदानों तथा प्राकृतिक दृश्यों को देखकर आश्चर्यचकित हो जाता है।

यह पाठ बच्चों को Curiosity (जिज्ञासा), Exploration (खोज), Confidence (आत्मविश्वास) तथा नए अनुभवों से सीखने की प्रेरणा देता है। कहानी यह संदेश देती है कि दुनिया को समझने के लिए हमें नए अनुभव प्राप्त करने चाहिए।

इस Lesson में आपको Lesson Summary, Word Meaning, Question Answers, Workbook Solutions तथा विभिन्न Activities मिलेंगी, जो पाठ को सरल और रोचक ढंग से समझने में सहायता करेंगी।

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📖 पाठ एवं सार

बगीचे का घोंघा एक छोटे से घोंघे की कहानी है, जो अपने सुंदर बगीचे में रहता था। उसने अपना पूरा जीवन उसी बगीचे में बिताया था और उसे लगता था कि यही उसकी पूरी दुनिया है।
एक दिन उसके मन में बगीचे के बाहर की दुनिया देखने की इच्छा जागी। वह साहस करके बगीचे से बाहर निकल पड़ा और उसने पहली बार बड़े मैदान, पेड़-पौधे, चींटियाँ, गिलहरी, कुत्ता तथा अन्य जीव-जंतुओं को देखा।
बाहर की दुनिया उसके लिए बिल्कुल नई थी। हर नई चीज़ को देखकर वह आश्चर्यचकित होता रहा और उसे महसूस हुआ कि संसार उसके बगीचे से कहीं अधिक विशाल और सुंदर है।
इस यात्रा ने घोंघे की सोच बदल दी। उसे समझ में आया कि नई जगहों को देखने, नए अनुभव प्राप्त करने और संसार को जानने से ज्ञान बढ़ता है तथा जीवन अधिक रोचक बनता है।

🌟 सीख

  • हमें नई-नई चीज़ों को जानने और सीखने के लिए उत्सुक रहना चाहिए।
  • साहस के साथ नए अनुभव प्राप्त करने से हमारा ज्ञान बढ़ता है।
  • संसार बहुत विशाल और विविधताओं से भरा हुआ है।
  • केवल एक ही स्थान तक सीमित न रहकर हमें अपने आसपास की दुनिया को समझने का प्रयास करना चाहिए।
  • जिज्ञासा और खोज की भावना जीवन को रोचक बनाती है।
  • प्रकृति और जीव-जंतुओं का अवलोकन हमें बहुत कुछ सिखाता है।

📚 शब्दार्थ

शब्द अर्थ
घोंघा खोल वाला छोटा जीव
बगीचा पेड़-पौधों और फूलों वाला स्थान
कोना-कोना हर भाग, हर जगह
जिज्ञासा कुछ नया जानने की इच्छा
चकित आश्चर्य में पड़ जाना
यात्रा एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना
सामान उपयोग की वस्तुएँ
मैदान खुला समतल स्थान
सुकून शांति और आराम
विशाल बहुत बड़ा
अद्भुत बहुत आश्चर्यजनक
खोज ढूँढ़ने का कार्य
अनुभव सीखी हुई जानकारी या ज्ञान
साहस हिम्मत
परिचित जिसे पहले से जानते हों
उत्सुकता जानने की तीव्र इच्छा
दृश्य देखने योग्य वस्तु या स्थान
प्रकृति पेड़-पौधे, जीव-जंतु और वातावरण
जीव-जंतु सभी प्रकार के पशु-पक्षी
आश्चर्य हैरानी
खोल कठोर बाहरी आवरण
सफर यात्रा
आराम विश्राम
दुनिया संसार
निरीक्षण ध्यानपूर्वक देखना
रोमांचक उत्साह से भर देने वाला
विस्तार फैलाव या बढ़ाव
ज्ञान सीख और समझ
प्रेरणा कुछ अच्छा करने की उत्साहवर्धक शक्ति
विश्वास भरोसा

📋 प्रश्नोत्तर

💬 बातचीत के लिए
अपने अनुभव साझा कीजिए।
1. घोंघे को बगीचे (उद्यान) के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुँचने में दो दिन क्यों लगते थे?

घोंघा बहुत धीरे-धीरे चलता है। इसलिए उसे बगीचे के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुँचने में दो दिन लगते थे।
2. आप अपने विद्यालय कैसे जाते हैं और आपको कितना समय लगता है?

मैं अपने विद्यालय पैदल/साइकिल/वाहन से जाता हूँ। मुझे विद्यालय पहुँचने में लगभग 15 से 20 मिनट का समय लगता है।
3. घोंघा उद्यान से बाहर क्यों जाना चाहता था?

घोंघा उद्यान के बाहर की दुनिया देखना चाहता था। वह जानना चाहता था कि बगीचे के बाहर क्या है और दुनिया कैसी दिखती है।
4. आपका कहाँ-कहाँ जाने का मन करता है?

मेरा मन पार्क, चिड़ियाघर, पुस्तकालय, ऐतिहासिक स्थानों और प्राकृतिक स्थलों पर जाने का करता है।
5. आप घूमने के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं और किसके साथ जाते हैं?

मैं घूमने के लिए पार्क, मेले, मंदिर और अन्य दर्शनीय स्थानों पर जाता हूँ। मैं अपने माता-पिता तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जाता हूँ।
📖 पाठ के भीतर
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1. घोंघा उद्यान से बाहर क्यों जाना चाहता था?

✔ (ख) वह बाहर का जीवन देखना चाहता था।
2. घोंघे को बड़ा-सा पत्थर पहाड़ जैसा क्यों लगा होगा?

✔ (ख) घोंघे ने उद्यान में पत्थर जैसी बड़ी वस्तु कभी नहीं देखी थी।
3. घोंघे ने अपने जीवन में पहली बार क्या देखा?

✔ (क) अपने लंबे-पतले पैरों से आ-जा रहीं लाल चींटियाँ।
4. घोंघे की आँखें आश्चर्य से क्यों खुल गई?

✔ (घ) उसने बरगद का एक पेड़ देखा।
5. छेद से बाहर निकलते ही घोंघा का जिन वस्तुओं से सामना हुआ, उनसे छूट गई वस्तुओं को पूरा कीजिए।

मैदान, सूखा पत्ता, पत्थर

चींटियाँ, गिलहरी, गेंद

कुत्ता, खजूर का पेड़, बरगद का पेड़
✍️ सोचिए और लिखिए
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
1. उद्यान की दीवार में छेद देखकर घोंघे को कौन-सी याद आ जाती थी?

उद्यान की दीवार में छेद देखकर घोंघे को अपनी माँ की बात याद आ जाती थी। उसकी माँ ने उससे कहा था कि उस छेद से कभी बाहर मत जाना, क्योंकि बाहर की दुनिया उनकी दुनिया से बहुत अलग है।
2. छेद के दूसरी ओर जाते ही घोंघा चकित क्यों रह गया?

छेद के दूसरी ओर पहुँचते ही घोंघे ने एक बहुत बड़ा, लंबा और चौड़ा मैदान देखा। उसने इतनी बड़ी दुनिया पहले कभी नहीं देखी थी, इसलिए वह चकित रह गया।
3. घोंघे ने ऐसा क्यों कहा होगा कि उद्यान में सब कुछ धीरे-धीरे चलता है?

उद्यान में रहने के कारण घोंघे को लगता था कि सभी चीजें उसकी तरह धीरे-धीरे चलती हैं। बाहर आकर उसने तेज़ी से दौड़ते जीवों को देखा, तब उसे अंतर समझ में आया।
4. घोंघे की तरह आपको अपने घर, विद्यालय तथा आस-पास क्या-क्या अद्भुत लगता है और क्यों?

मुझे अपने विद्यालय की बड़ी इमारत, पुस्तकालय, खेल का मैदान तथा आस-पास के पेड़-पौधे अद्भुत लगते हैं क्योंकि वे ज्ञान, मनोरंजन और प्राकृतिक सौंदर्य प्रदान करते हैं।
5. घोंघे ने उद्यान के भीतर और बाहर क्या-क्या देखा? नीचे लिखिए।

उद्यान के भीतर :
• पेड़-पौधे
• घास
• फूल
• तितलियाँ

उद्यान के बाहर :
• बड़ा मैदान
• सूखा पत्ता
• लाल चींटियाँ
• गिलहरी, कुत्ता तथा बड़े पेड़
🗣️ भाषा की बात
भाषा से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1. कहानी में आए निम्न शब्दों के आधार पर वाक्य बनाकर लिखिए।

आश्चर्य — ताजमहल देखकर मुझे बहुत आश्चर्य हुआ।

अद्भुत — प्रकृति का सौंदर्य अद्भुत होता है।

अचानक — अचानक वर्षा शुरू हो गई।

छोर — नदी के दूसरे छोर पर एक गाँव है।
2. जब घोंघे के ऊपर सूखा पत्ता गिरा, तब उसने ‘वाह!’ न कहकर ‘उई!’ कहा। आपके मुँह से कब ‘वाह’ और ‘उई’ जैसे शब्द निकलते हैं?

वाह! — जब मैं कोई सुंदर दृश्य, फूल या चित्र देखता हूँ तब मेरे मुँह से ‘वाह!’ निकलता है।

उई! — जब अचानक चोट लग जाती है या कोई दर्द होता है तब मेरे मुँह से ‘उई!’ निकलता है।
3. घोंघे ने अपने शंख में कौन-कौन सा सामान बाँधा होगा?

घोंघे ने अपने शंख में फल, पत्ता, भोजन, आवश्यक वस्तुएँ तथा यात्रा के लिए उपयोगी सामान बाँधा होगा।
🔗 मिलान कीजिए
नीचे लिखी बातें घोंघे ने कब-कब कही? मिलान कीजिए।
1. नीचे दिए गए कथनों का सही मिलान कीजिए।

“वाह! दुनिया में सब कुछ कितनी तेजी से चलता है।” → जब उसने लुढ़कती गेंद के पीछे कुत्ते को भागते हुए देखा।

“वाह! दुनिया सचमुच कितनी बड़ी है।” → जब उसने बच्चों के खेलने का स्थान देखा।

“वाह! दुनिया तो कितनी मजेदार है।” → जब उस पर सूखा पत्ता गिरा।

“वाह! सचमुच दुनिया कितनी अद्भुत है।” → जब उसने बरगद का पेड़ देखा।
🔊 विभिन्न ध्वनियाँ
निम्न वस्तुओं एवं जीवों द्वारा उत्पन्न ध्वनियाँ लिखिए।
1. बादलों का गरजना

गड़गड़-गड़गड़
2. पानी का बरसना

रिमझिम-रिमझिम
3. नल से बूँदों का गिरना

टप-टप
4. मेंढक का बोलना

टर्र-टर्र
5. घंटी का बजना

टन-टन
6. हवा का बहना

सरर-सरर
🌟 अपनी-अपनी विशेषताएँ
विभिन्न जीवों और वस्तुओं की विशेषताएँ लिखिए।
1. घोंघे की दो विशेषताएँ लिखिए।

• घोंघा बहुत धीरे-धीरे चलता है।
• वह अपने शंख (खोल) में रहता है।
2. चींटी की दो विशेषताएँ लिखिए।

• चींटी परिश्रमी होती है।
• वह भोजन इकट्ठा करके रखती है।
3. गिलहरी की दो विशेषताएँ लिखिए।

• गिलहरी बहुत फुर्तीली होती है।
• वह पेड़ों पर तेजी से चढ़ती-उतरती है।
4. बरगद के पेड़ की दो विशेषताएँ लिखिए।

• बरगद का पेड़ बहुत बड़ा और विशाल होता है।
• इसकी शाखाओं से जड़ें नीचे लटकती हैं।
💭 अनुमान और कल्पना
कल्पना करके उत्तर दीजिए।
1. यदि आप घोंघे की जगह होते, तो उद्यान के बाहर जाकर सबसे पहले क्या देखते?

यदि मैं घोंघे की जगह होता, तो सबसे पहले चारों ओर फैले हुए मैदान, पेड़-पौधे और लोगों को देखता।
2. यदि आपको किसी नई जगह घूमने का अवसर मिले, तो आप कहाँ जाना चाहेंगे और क्यों?

मैं किसी पहाड़ी स्थान पर जाना चाहूँगा, क्योंकि वहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य, स्वच्छ वातावरण और ऊँचे-ऊँचे पर्वत देखने का अवसर मिलेगा।
3. घोंघे ने दुनिया को अद्भुत क्यों कहा होगा?

घोंघे ने दुनिया को अद्भुत इसलिए कहा होगा क्योंकि उसने पहली बार अपने उद्यान के बाहर विशाल मैदान, पेड़, जीव-जंतु और अनेक नई चीज़ें देखीं।
4. यदि घोंघा अपनी यात्रा के बाद अपने मित्रों को कहानी सुनाता, तो वह क्या कहता?

घोंघा कहता कि दुनिया उसके अनुमान से कहीं अधिक बड़ी, सुंदर और रोचक है। वहाँ अनेक जीव-जंतु, विशाल पेड़ और देखने योग्य स्थान हैं।
🐌 घोंघे से आपकी भेंट
कल्पना कीजिए कि बच्चों ने घोंघे को देखा और उससे बातें कीं।
1. घोंघे को सबसे पहले बच्चों के खेलने का स्थान दिखाई दिया। कल्पना कीजिए कि बच्चों ने घोंघे को देखा और उससे बातें कीं।

बच्चे : अरे! आप कौन हैं?

घोंघा : मुझे नहीं पहचानते! मैं घोंघा हूँ, नहीं तो और कौन?

बच्चे : आप यहाँ कहाँ से आए हैं?

घोंघा : मैं पास के उद्यान से आया हूँ। आज पहली बार बाहर की दुनिया देखने निकला हूँ।

बच्चे : आपको बाहर की दुनिया कैसी लगी?

घोंघा : मुझे यह दुनिया बहुत बड़ी, सुंदर और अद्भुत लगी। यहाँ बहुत सारी नई-नई चीजें देखने को मिलीं।

बच्चे : आपको सबसे अच्छा क्या लगा?

घोंघा : मुझे बड़ा मैदान, ऊँचे-ऊँचे पेड़ और खेलते हुए बच्चे बहुत अच्छे लगे।

बच्चे : क्या आप फिर से यहाँ आएँगे?

घोंघा : हाँ, अब मैं इस सुंदर दुनिया को और भी देखना चाहता हूँ।

📖 कार्यपुस्तिका

📖 पाठ के भीतर
सही उत्तर चुनिए और प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
(क) घोंघे ने अपना सारा जीवन कहाँ बिताया था?

✔ (iv) बगीचे में बिताया था।
(ख) घोंघे को बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में कितना समय लगता था?

✔ (ii) पूरे दो दिन का समय लगता था।
(ग) घोंघे की माँ उससे क्या कहती थी?

✔ (iii) वहाँ कभी मत जाना, वह दुनिया हमारी दुनिया से बहुत अलग है।
(घ) घोंघे के ऊपर पत्ता गिरने से उसे कैसा लगा?

✔ (iv) वह डर के मारे जोर से चिल्लाया “उई!” फिर अपने ऊपर हँसने लगा।
(ङ) घोंघे ने ऐसा क्या देखा कि उसका सिर चकरा गया?

✔ (ii) एक बड़ा-सा खजूर का पेड़।
(च) चित्र में ताड़ के पेड़ के नीचे दिख रही वस्तुओं में से किसी चार के नाम लिखिए।

1. कुत्ता
2. गिलहरी
3. गेंद
4. घोंघा
✍️ सोचिए और लिखिए
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
1. घोंघा देखने में कैसा लगता है? सोचकर लिखिए।

घोंघा एक छोटा और मुलायम जीव होता है। उसकी पीठ पर गोल आकार का कठोर खोल होता है तथा वह बहुत धीरे-धीरे चलता है।
2. घोंघा जिस बगीचे में रहता था वह कैसा था?

घोंघे का बगीचा सुंदर, हरा-भरा तथा रंग-बिरंगे फूलों और पौधों से भरा हुआ था।
3. बगीचे के बाहर निकलकर घोंघे ने क्या-क्या देखा?

घोंघे ने बड़ा मैदान, सूखा पत्ता, पत्थर, लाल चींटियाँ, गिलहरी, कुत्ता, गेंद तथा खजूर का बड़ा पेड़ देखा।
4. घोंघे ने बगीचे के बाहर ऐसा क्या देखा जिससे उसे लगा कि “इतनी बड़ी जगह भी हो सकती है”?

उसने अपने सामने बहुत बड़ा और खुला मैदान देखा। उसे देखकर वह आश्चर्यचकित रह गया।
5. घोंघे ने जिन लाल चींटियों को देखा वे कैसी थीं और क्या कर रही थीं?

लाल चींटियाँ छोटी और फुर्तीली थीं। वे तेजी से इधर-उधर आ-जा रही थीं और अपने काम में लगी हुई थीं।
6. घोंघे ने बगीचे में तथा बगीचे के बाहर जिन सजीव व निर्जीव वस्तुओं को देखा उनके नाम लिखिए।

सजीव वस्तुएँ :
घोंघा, चींटी, गिलहरी, कुत्ता, तितली, पेड़-पौधे।

निर्जीव वस्तुएँ :
पत्थर, गेंद, दीवार, पत्ता, मैदान।
🗣️ भाषा की बात
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
1. निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग कर वाक्य बनाइए।

(क) बगीचा — हमारे विद्यालय के पास एक सुंदर बगीचा है।

(ख) प्रतिदिन — मैं प्रतिदिन समय पर विद्यालय जाता हूँ।

(ग) वाह! — वाह! कितना सुंदर फूल खिला है।

(घ) फुदक-फुदक कर — चिड़िया फुदक-फुदक कर दाना चुग रही थी।

(ङ) सचमुच — सचमुच यह कहानी बहुत रोचक है।
2. निम्नलिखित घटनाओं के सामने उपयुक्त शब्द भरिए।

(क) अचानक पैर में काँटा चुभने पर — आह!

(ख) अत्यधिक खुश होने पर — वाह!

(ग) बहुत अधिक दुःखी होने पर — हाय!

(घ) आश्चर्यचकित होने पर — अरे!

(ङ) बहुत स्वादिष्ट लगने पर — वाह!
🔗 मिलान कीजिए
1. नीचे दिए गए शब्दों का वाक्यों के साथ सही मिलान कीजिए।

(क) घोंघा → (ग) बगीचे में रहता था।

(ख) घास का मैदान → (ङ) बहुत लंबा, चौड़ा सा था।

(ग) चींटों → (घ) का रंग लाल था।

(घ) छेद → (क) दीवार में था।

(ङ) खजूर → (ख) का पेड़ काफी लंबा था।
2. निम्नलिखित जीव-जन्तुओं के नाम के आगे रहने का स्थान लिखिए।

मछली — जल / तालाब

शेर — जंगल

गाय — गौशाला

सर्प — बिल

चिड़िया — घोंसला
💭 अनुमान एवं कल्पना
1. पाठ में प्रयुक्त घोंघा व चींटी दो जन्तुओं को जोड़कर कोई एक कहानी लिखिए।

एक दिन घोंघा और चींटी की मुलाकात हुई। चींटी तेजी से चल रही थी जबकि घोंघा धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। चींटी ने घोंघे का मज़ाक उड़ाया, पर घोंघे ने धैर्य नहीं छोड़ा। रास्ते में वर्षा होने लगी। चींटी घबरा गई, लेकिन घोंघे ने अपने खोल में उसे आश्रय दिया। चींटी को अपनी गलती का एहसास हुआ और दोनों अच्छे मित्र बन गए।
2 (क). घोंघा जब बगीचे से बिना अपनी माँ को बताए बाहर चला गया तो उसकी माँ ने क्या-क्या किया होगा?

घोंघे की माँ उसे ढूँढ़ने के लिए पूरे बगीचे में गई होगी। उसने अपने मित्रों और अन्य जीवों से उसके बारे में पूछा होगा। वह चिंतित होकर घोंघे की सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा करती रही होगी।
2 (ख). पेड़ का सूखा पत्ता जब घोंघे के ऊपर अचानक गिरा तो उसके मन में क्या-क्या विचार आए होंगे?

घोंघे को लगा होगा कि कोई बहुत बड़ी वस्तु उसके ऊपर गिर गई है। वह घबरा गया होगा और सोचने लगा होगा कि कहीं कोई खतरा तो नहीं आ गया। बाद में जब उसे सच्चाई पता चली होगी तो वह अपनी घबराहट पर हँस पड़ा होगा।
(ग) घर से विद्यालय आते समय दिखाई देने वाली दस वस्तुओं के नाम व उनके कार्य लिखिए।

1. सड़क — आने-जाने के लिए
2. बस — यात्रियों को ले जाने के लिए
3. साइकिल — यात्रा करने के लिए
4. पेड़ — छाया व ऑक्सीजन देने के लिए
5. दुकान — सामान बेचने के लिए
6. विद्यालय — शिक्षा देने के लिए
7. पुल — रास्ता पार करने के लिए
8. अस्पताल — उपचार के लिए
9. पानी की टंकी — जल संग्रह के लिए
10. ट्रैफिक सिग्नल — यातायात नियंत्रित करने के लिए
(घ) घोंघे ने क्यों कहा कि “बगीचे में तो सब कुछ धीरे-धीरे चलता था”?

घोंघा बगीचे में रहता था जहाँ पेड़-पौधे, घास और अन्य चीजें बहुत धीमी गति से बढ़ती थीं। बाहर की दुनिया में उसे तेज़ी से दौड़ते जीव और गतिशील वातावरण दिखाई दिया। इसलिए उसने ऐसा कहा।
(ङ) यदि आप घोंघा होते तो बगीचे से बाहर निकल कर कौन-कौन सा स्थान देखना पसंद करते?

यदि मैं घोंघा होता तो जंगल, नदी, पहाड़, विद्यालय, पुस्तकालय और खेल का मैदान देखना पसंद करता। इससे मुझे नई-नई चीजें सीखने और दुनिया को समझने का अवसर मिलता।
🎨 कलाकारी
नीचे दिए गए चित्रों में रंग भरिए।
चित्रों में उपयुक्त रंग भरिए।

🍎 फल — लाल, पीला, हरा

🐦 चिड़िया — भूरा, पीला, काला

🐿️ गिलहरी — हल्का भूरा, सफेद

🦋 तितली — नीला, पीला, नारंगी, गुलाबी

🧱 ईंट की दीवार — लाल-भूरा रंग

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