पाठ 3 – नीम (Neem)

📚 Class 4 📖 Hindi 🏫 NCERT

नीम (Neem)

‘नीम’(neem) एक सुंदर, प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक कविता है, जिसमें नीम के वृक्ष के गुणों, उपयोगिता तथा उसके परोपकारी स्वभाव का सरल और रोचक वर्णन किया गया है। कवि ने नीम को एक ऐसे मित्र के रूप में प्रस्तुत किया है जो बिना किसी स्वार्थ के सभी को लाभ पहुँचाता है।

कविता में बताया गया है कि नीम दिनभर लहराता और झूमता रहता है। उसकी शाखाओं पर चिड़िया, कौआ और तोता जैसे पक्षी बैठते हैं। नीम सभी जीवों को आश्रय देता है और अपने स्नेह से सबका मन मोह लेता है। उसका हरा-भरा रूप प्रकृति की सुंदरता को और बढ़ा देता है।

यह पाठ बच्चों को Nature Love (प्रकृति प्रेम), Environmental Awareness (पर्यावरण संरक्षण), Selfless Service (निःस्वार्थ सेवा) तथा Tree Conservation (वृक्ष संरक्षण) की प्रेरणा देता है। कविता यह संदेश देती है कि हमें भी नीम की तरह दूसरों के लिए उपयोगी बनना चाहिए।

इस Lesson में आपको Lesson Summary, Word Meaning, Question Answers, Workbook Solutions तथा विभिन्न Activities मिलेंगी, जो पाठ को सरल, रोचक और प्रभावी ढंग से समझने में सहायता करेंगी।

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📖 पाठ एवं सार

‘नीम’ एक सुंदर कविता है जिसमें कवि ने नीम के वृक्ष के गुणों का वर्णन किया है। नीम का वृक्ष हवा में लहराता और झूमता रहता है। उसे देखकर ऐसा लगता है मानो वह दिनभर प्रसन्न होकर हँस और गा रहा हो।
नीम अपनी शाखाओं पर चिड़िया, कौआ और तोता जैसे अनेक पक्षियों को आश्रय देता है। वह सभी जीवों के प्रति प्रेम और अपनापन दिखाता है। इसी कारण पक्षी उससे विशेष लगाव रखते हैं।
नीम अनेक औषधीय गुणों से भरपूर है। वह अनेक रोगों को दूर करने में सहायक होता है। इसके पत्ते, फल, छाल और टहनियाँ विभिन्न प्रकार से उपयोग में लाई जाती हैं।
यह वृक्ष प्रदूषित वायु को शुद्ध बनाकर पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहायता करता है। जब हवा चलती है तो इसकी शाखाएँ झूमती हैं और सभी का मन प्रसन्न कर देती हैं।
कविता का मुख्य संदेश यह है कि हमें भी नीम की तरह निःस्वार्थ भाव से दूसरों की सहायता करनी चाहिए। वृक्ष हमारे जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, इसलिए हमें उनकी रक्षा करनी चाहिए और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए।

🌟 सीख

  • हमें वृक्षों की रक्षा करनी चाहिए।
  • नीम जैसे वृक्ष पर्यावरण को स्वच्छ रखते हैं।
  • हमें निःस्वार्थ भाव से दूसरों की सहायता करनी चाहिए।
  • प्रकृति और पर्यावरण से प्रेम करना चाहिए।
  • वृक्ष मानव तथा जीव-जंतुओं दोनों के लिए उपयोगी हैं।
  • अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर पृथ्वी को हरा-भरा बनाना चाहिए।

📚 शब्दार्थ

शब्द अर्थ
लहराता हवा में झूमता हुआ
बलखाता मटकता या इठलाता हुआ
नेह प्रेम, स्नेह
जताता प्रकट करता
रोग बीमारी
भगाता दूर करता
प्रदूषित दूषित, गंदा
वायु हवा
शुद्ध स्वच्छ, साफ
तन शरीर
मीठा मधुर, अच्छा
झूमना हवा में डोलना
बहलाना प्रसन्न करना
डॉक्टर चिकित्सक
औषधीय दवा के रूप में उपयोगी
पर्यावरण आस-पास का प्राकृतिक वातावरण
परोपकार दूसरों की भलाई करना
स्वार्थ अपना लाभ
आश्रय रहने का स्थान
विशेषता खास गुण
प्रेरणा उत्साह देने वाली बात
संरक्षण रक्षा करना
प्रकृति नैसर्गिक संसार
लाभ फायदा
सहायक मददगार
निःस्वार्थ बिना किसी स्वार्थ के
शाखाएँ पेड़ की डालियाँ
पक्षी उड़ने वाले जीव
मन बहलाना मन को प्रसन्न करना
वृक्ष पेड़

📋 प्रश्नोत्तर

💬 बातचीत के लिए
अपने अनुभव साझा कीजिए।
1. नीम के बारे में आप क्या-क्या जानते हैं?

नीम एक औषधीय वृक्ष है। इसकी पत्तियाँ, फल, छाल और टहनियाँ अनेक रोगों में उपयोगी होती हैं। यह वायु को शुद्ध करता है और छाया भी देता है।
2. आपने अपने परिवार में बहुत से पेड़-पौधे देखे होंगे। कुछ के नाम बताइए।

मैंने अपने परिवार और आसपास आम, नीम, पीपल, बरगद, तुलसी, अमरूद और गुलाब जैसे पेड़-पौधे देखे हैं।
3. आप विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों की पहचान किस आधार पर कर पाते हैं?

मैं पेड़-पौधों की पहचान उनकी पत्तियों, फूलों, फलों, आकार, रंग और विशेष गुणों के आधार पर कर पाता हूँ।
4. पेड़-पौधों से जुड़ा अपना कोई अनुभव सुनाइए, जैसे आपने कोई पौधा लगाया हो, किसी वृक्ष की छाया के नीचे आप खेले हों।

मैंने अपने घर में एक पौधा लगाया था और नियमित रूप से उसे पानी दिया था। जब वह बड़ा हुआ तो मुझे बहुत खुशी हुई। मैं कई बार नीम के पेड़ की छाया में अपने मित्रों के साथ खेला भी हूँ।
5. आपको सबसे अच्छा पेड़ कौन-सा लगता है? आपको यही पेड़ सबसे अच्छा क्यों लगता है?

मुझे नीम का पेड़ सबसे अच्छा लगता है क्योंकि यह औषधीय गुणों से भरपूर होता है, शुद्ध वायु देता है, घनी छाया प्रदान करता है और अनेक रोगों से बचाने में सहायक होता है।
📖 पाठ के भीतर
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1. इस कविता में किन पक्षियों के नाम आए हैं? उनके नाम लिखिए।

इस कविता में चिड़िया, कौआ और तोता पक्षियों के नाम आए हैं।
2. नीम से किन-किन रोगों में लाभ हो सकता है? किन्हीं तीन के नाम पता करके लिखिए।

नीम से अनेक रोगों में लाभ हो सकता है। जैसे—
• त्वचा रोग
• दाँतों के रोग
• फोड़े-फुंसियाँ
3. नीम का वृक्ष सबका मन कैसे बहलाता है?

जब हवा चलती है तो नीम का वृक्ष झूमता-इठलाता है। उसकी ठंडी छाया और हरियाली सबका मन प्रसन्न कर देती है। इस प्रकार नीम का वृक्ष सबका मन बहलाता है।
4. कविता की निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़िए —

“चिड़िया, कौआ, तोता सबसे
अपना नेह जताता नीम”

(क) नीम का वृक्ष पक्षियों से अपना नेह किस प्रकार जताता है?
(ख) आपके परिवार के सदस्य और अध्यापक आपसे अपना नेह किस प्रकार जताते हैं?

(क) नीम का वृक्ष पक्षियों को बैठने का स्थान, छाया और आश्रय देकर अपना नेह जताता है।

(ख) मेरे परिवार के सदस्य और अध्यापक मेरी देखभाल करके, मुझे अच्छी बातें सिखाकर तथा मेरी सहायता करके अपना नेह जताते हैं।
5. नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए —

“चले प्रदूषित वायु कभी तो
उसको शुद्ध बनाता नीम”

(क) ‘प्रदूषित वायु’ से आप क्या समझते हैं?
(ख) वृक्ष प्रदूषित वायु को कैसे शुद्ध बनाते हैं?

(क) धूल, धुएँ तथा हानिकारक गैसों से युक्त गंदी हवा को प्रदूषित वायु कहते हैं।

(ख) वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। वे धूल और प्रदूषण को भी कम करते हैं, इसलिए वायु शुद्ध होती है।
6. नीचे लिखे भाव कविता की किन पंक्तियों में आए हैं?

(क) “नीम का वृक्ष डॉक्टर नहीं है, फिर भी बहुत सारे रोगों को भगाता है।”

(ख) “नीम का वृक्ष दिनभर प्रसन्न रहता है।”

(क)
“नहीं डॉक्टर फिर भी देखो,
कितने रोग भगाता नीम।”

(ख)
“लहराता-बलखाता नीम,
दिनभर हँसता-गाता नीम।”
🗣️ भाषा की बात
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1. (क) अब इस कविता में आए उन शब्दों को लिखिए जिनसे पता चलता है कि नीम पुल्लिंग है।

लहराता, बलखाता, हँसता, गाता, जताता, भगाता, बनाता, सिखाता, बहलाता, देता।
1. (ख) नीचे रखी टोकरी में बहुत से फल और साग-भाजी दिखाए गए हैं। इन्हें स्त्रीलिंग और पुल्लिंग की श्रेणी में लिखिए।

स्त्रीलिंग :
लौकी, बैंगन, फूलगोभी, प्याज, नाशपाती, अंगूर

पुल्लिंग :
आम, केला, कद्दू, अमरूद, आलू, टमाटर
2. ‘प्रदूषित’ शब्द में ‘प्र’ लगा है। ऐसे ही कुछ और शब्द ढूँढ़कर नीचे लिखिए।

प्रगति, प्रकाश, प्रयास, प्रसन्न।
🎭 अभिनय
‘नीम’ कविता में बहुत से क्रिया शब्द आए हैं। कविता एक बार पुनः पढ़िए और नीचे लिखे क्रिया शब्दों के भाव के अनुसार अभिनय कीजिए।
• लहराना
• हँसना
• नेह जताना
• बलखाना
• गाना
• भगाना
🌳 वृक्ष एक, गुण अनेक
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1. वृक्षों की बहुत-सी विशेषताएँ होती हैं, उन विशेषताओं को लिखिए।

हरा-भरा, छायादार, फलदार, औषधीय, विशाल, उपयोगी, पर्यावरण हितैषी।
2. नीचे कुछ वृक्षों/पौधों की पत्तियों के चित्र हैं। उनके नाम उलट-पुलट गए हैं। उन्हें पहचानकर मिलान कीजिए। अपनी भाषा में भी उनके नाम पता करके लिखिए।

सही मिलान :

आम → आम
बरगद → बरगद
पीपल → पीपल
धनिया → धनिया
तुलसी → तुलसी
केला → केला
3. नीचे दी गई पत्तियों को पहचानिए और इनके नाम तथा विशेषताएँ अपने अध्यापकों तथा अभिभावकों की सहायता से लिखिए।

आम : इसकी पत्तियों से बंदनवार बनाई जाती है।

बरगद : यह विशाल वृक्ष होता है तथा घनी छाया देता है।

पीपल : इसकी पत्तियाँ हृदय के आकार की होती हैं और यह अधिक ऑक्सीजन देता है।

कमल : इसकी पत्तियाँ गोल और चौड़ी होती हैं तथा पानी पर तैरती हैं।

पालक : इसकी पत्तियाँ भोजन के रूप में खाई जाती हैं और पौष्टिक होती हैं।
4. आपके परिवेश में जो भी पत्ते दिखते हैं, उनका संग्रहण कीजिए। पत्तों को किसी मोटे कागज पर चिपकाइए। उनकी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए उनके बारे में दो-दो वाक्य लिखिए।

विद्यार्थी स्वयं करें।

संकेत:
• नीम की पत्तियाँ छोटी तथा औषधीय होती हैं।
• आम की पत्तियाँ लंबी और हरी होती हैं।
• पीपल की पत्तियाँ हृदय के आकार की होती हैं।
🌿 मैं नीम हूँ
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1. नीचे नीम के बारे में कुछ आधे-अधूरे वाक्य लिखे हैं। सहपाठियों से चर्चा करके इन वाक्यों को पूरा कीजिए।

• मेरा एक-एक भाग उपयोगी है।
• मेरी पत्तियों का आकार लंबा और रंग हरा होता है।
• मेरी पत्तियों के किनारे दाँतेदार होते हैं।
• मेरी पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाने से त्वचा रोग दूर होते हैं।
• मेरी कोमल टहनियाँ दाँत साफ करने के काम आती हैं। इसे दातून कहते हैं।
• मेरे फल को निंबौली कहा जाता है।
• मेरी पत्तियों का स्वाद कड़वा होता है।
• मेरी पत्तियों को सुखाकर अनाज में रखा जाता है।
फाल्गुन मास में मेरी छटा देखने योग्य होती है।
• आओ, कभी मेरी डाल पर झूला झूलने का आनंद लो।
2. आपने नीम के बहुत से गुणों के बारे में जाना। इसकी टहनियों, पत्तियों, निबौरियों में औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसलिए इसे औषधीय वृक्ष भी कहते हैं। अपने सहपाठियों से चर्चा करके कुछ और औषधीय पेड़-पौधों एवं लताओं के नाम नीचे लिखिए।

तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, आँवला, अश्वगंधा, हल्दी।
3. आप नीम की डालियों पर रस्सी डालकर झूला झूलने का आनंद लेना चाहते हैं। आप वहाँ झूला डालने गए। कल्पना कीजिए कि नीम की डालियाँ आपसे बातें करने लगीं। उस संवाद को लिखिए।

नीम : अरे! बहुत दिन बाद आए हो।

आप : हाँ नीम जी, मैं आपके पास झूला झूलने आया हूँ।

नीम : मुझे बहुत खुशी हुई। मेरी छाया में खेलो और आनंद लो।

आप : धन्यवाद! आप हमें शुद्ध वायु और ठंडी छाया देते हैं।

नीम : तुम भी पेड़-पौधों की रक्षा करना और नए पौधे लगाना।

आप : जी अवश्य, मैं पेड़-पौधों की देखभाल करूँगा।
❓ बूझो तो जानें
पहेली पढ़िए और उत्तर लिखिए।
स्वाद में कड़वा लगता हूँ,
रोगों को मैं दूर भगाता।
दातून, पत्ती, फल सब उपयोगी,
शुद्ध हवा भी मैं पहुँचाता।

बताओ मैं कौन हूँ?

उत्तर — नीम
🪴 मेरा पौधा
गतिविधि आधारित प्रश्न।
1. कोई एक पौधा लगाइए। उसकी देखभाल कीजिए और उसके बारे में लिखिए।

मैंने एक नीम का पौधा लगाया है। मैं उसे प्रतिदिन पानी देता हूँ। उसके आसपास की घास साफ करता हूँ। धीरे-धीरे वह पौधा बड़ा हो रहा है। भविष्य में वह मुझे छाया और शुद्ध वायु देगा।
2. अपने पौधे का चित्र बनाइए तथा उसकी विशेषताएँ लिखिए।

विशेषताएँ :

• मेरा पौधा हरे रंग का है।
• इसकी पत्तियाँ सुंदर और ताजी हैं।
• यह पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहायता करता है।
• यह जीव-जंतुओं को आश्रय प्रदान करता है।
• यह भविष्य में बड़ा वृक्ष बनेगा।

📖 कार्यपुस्तिका

📖 कविता की बात
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1. निम्नलिखित वृक्षों के चित्रों को पहचानिए और उनके नाम लिखिए।

1. आम का पेड़
2. नींबू का पेड़
3. नीम का पेड़
4. जामुन का पेड़
2. (क) अपने परिवेश के किन्हीं पाँच वृक्षों के नाम लिखिए।

1. नीम
2. आम
3. पीपल
4. बरगद
5. जामुन
2. (ख) नीचे दिए गए सही वाक्यों के सामने (✔) का चिन्ह लगाइए तथा गलत वाक्यों के सामने (✘) का चिन्ह लगाइए।

(1) नीम का पेड़ छाया देता है।

(2) नीम के पेड़ पर झूला नहीं पड़ सकता है।

(3) नीम के पेड़ पर भी पक्षी घोंसला बनाते हैं।

(4) नीम का स्वाद कड़वा होता है।
2. (ग) अशोधित पंक्तियों में रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए।

(1) चिड़िया, कौआ सबसे

(2) अपना नेह जताता नीम

(3) चले प्रदूषित वायु कभी तो

(4) उसको शुद्ध बनाता नीम
2. (घ) नीम के चार औषधीय गुण लिखिए।

1. त्वचा रोगों में लाभदायक होता है।
2. दाँतों को स्वस्थ रखने में सहायक होता है।
3. घाव भरने में उपयोगी होता है।
4. कीटाणुओं को नष्ट करने में सहायक होता है।
✍️ सोचिए और लिखिए
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
3. (क) स्तम्भ ‘क’ का स्तम्भ ‘ख’ से सही मिलान कीजिए।

नेह → प्रेम
जताता → बताता
तन → शरीर
डॉक्टर → चिकित्सक
मीठा → मधुर
वायु → पवन
3. (ख) दिए गये शब्दों के विलोम शब्द लिखिए।

शुद्ध — अशुद्ध
लेना — देना
हँसना — रोना
अपना — पराया
3. (ग) दिए गए शब्दों के अन्त में ‘ता’ लगाकर नये शब्द बनाइए।

मधुर → मधुरता
सरल → सरलता
सुंदर → सुंदरता
सफल → सफलता
3. (घ) दिए गए शब्दों में से संज्ञा शब्द छाँटकर लिखिए।

नीम, चिड़िया, कौआ, तोता, डॉक्टर, वायु
4. (क) दिए गए शब्दों से स्त्रीलिंग शब्द छाँटकर लिखिए।

चिड़िया, गाय, बकरी, माता
4. (ख) दिए गए शब्दों में से क्रिया शब्द पहचान कर लिखिए।

लहराता, गाता, जताता, भगाता, बनाता, सिखाता, बहलाता
4. (ग) ‘अ’ से बनने वाले चार शब्द लिखिए।

अनार, अमरूद, अचार, अध्यापक
5. (क) उचित विराम चिन्ह लगाकर वाक्य को रिक्त स्थान में लिखिए।

अरे! कितना सुंदर नीम का पेड़ है।
5. (ख) डॉक्टर रोगियों की चिकित्सा करके सहायता करता है। इसी प्रकार चार लोगों के कार्य लिखिए।

शिक्षक — बच्चों को पढ़ाता है।
किसान — अन्न उगाता है।
डाकिया — चिट्ठियाँ पहुँचाता है।
पुलिसकर्मी — सुरक्षा प्रदान करता है।
5. (ग) अपने परिवेश के चार औषधीय पौधों के नाम लिखिए।

1. तुलसी
2. नीम
3. गिलोय
4. एलोवेरा
6. (क) दिए गए पेड़ों की पत्तियों के आकार का मिलान कीजिए।

विद्यार्थी चित्र देखकर स्वयं मिलान करें।
6. (ख) बूझो तो जानें।

उत्तर — नीम
6. (ग) गमले में लगाए जाने वाले किन्हीं चार पौधों के नाम लिखिए।

गुलाब, तुलसी, गेंदा, मनी प्लांट
6. (घ) वृक्षों से हमें क्या-क्या मिलता है? कोई चार लाभ लिखिए।

1. शुद्ध वायु
2. फल
3. छाया
4. औषधियाँ
7. (क) नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए।

(1) नीम का वृक्ष बहुत उपयोगी है।
(2) इसकी पत्तियाँ, छाल और फल औषधि के रूप में उपयोग किए जाते हैं।
(3) यह पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहायता करता है।
7. (ख) नीम के वृक्ष के चार उपयोग बताइए।

1. औषधि बनाने में उपयोग।
2. दातून बनाने में उपयोग।
3. वायु को शुद्ध करने में सहायक।
4. छाया प्रदान करता है।
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