पाठ 1 – चिड़िया का गीत (Chidiya Ka Geet)कविता

📚 Class 4 📝 Hindi 📖 NCERT

📖 पाठ परिचय

यह चिड़िया का गीत (Chidiya Ka Geet) कविता बच्चों को अनुभवों के माध्यम से सीखने की प्रेरणा देती है। इसमें एक नन्ही चिड़िया के दृष्टिकोण से संसार को देखने और समझने की प्रक्रिया को सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

कविता यह संदेश देती है कि जैसे-जैसे हमारे अनुभव बढ़ते हैं, वैसे-वैसे हमारी समझ और ज्ञान का विस्तार भी होता जाता है। छोटे से संसार से आरम्भ होकर व्यापक दुनिया को जानने की यात्रा इस पाठ का मुख्य विषय है।

इस Lesson में भावार्थ, शब्दार्थ (Word Meaning), प्रश्नोत्तर (Question Answers), Workbook Solutions तथा विभिन्न Activities शामिल हैं, जो विद्यार्थियों को पाठ को सरल, रोचक और प्रभावी ढंग से समझने में सहायता करते हैं।

Chidiya ka geet

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📖 भाव एवं सार

📖 भावार्थ
कविता का सरल भावार्थ एवं सार
कविता के प्रारम्भ में एक नन्ही चिड़िया अपने छोटे से संसार का वर्णन करती है। जब वह अंडे के भीतर थी, तब उसे लगता था कि अंडे जितना ही संसार है। उसके लिए वही पूरी दुनिया थी और वह उससे बाहर की किसी बात को नहीं जानती थी।
जब चिड़िया अंडे से निकलकर घोंसले में आई, तब उसे घोंसला ही पूरा संसार दिखाई दिया। बाद में जब वह घोंसले से निकलकर हरी-भरी शाखाओं पर पहुँची, तब उसे लगा कि यही संसार है। प्रत्येक नए अनुभव के साथ उसका ज्ञान और समझ बढ़ती गई।
धीरे-धीरे चिड़िया बड़ी हुई और उसने अपने पंख फैलाकर खुले आकाश में उड़ना शुरू किया। दूर-दूर तक उड़ते समय उसने पेड़, पहाड़, नदियाँ, खेत और अनेक प्राकृतिक दृश्य देखे। तब उसे अनुभव हुआ कि संसार उसकी कल्पना से कहीं अधिक विशाल है।
यह कविता बताती है कि जैसे-जैसे हमें नए अनुभव प्राप्त होते हैं, हमारी समझ भी बढ़ती जाती है। सीमित ज्ञान के कारण संसार छोटा दिखाई देता है, परन्तु सीखने और आगे बढ़ने से हम जीवन की व्यापकता को पहचान पाते हैं।
📝 हिन्दी व्याख्या
कविता का विस्तृत वर्णन
कवि ने एक नन्ही चिड़िया के माध्यम से मनुष्य के जीवन की सीख प्रस्तुत की है। बचपन में हमारा ज्ञान सीमित होता है, इसलिए हम अपने छोटे से वातावरण को ही पूरा संसार समझते हैं। जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, नए लोगों से मिलते हैं और नई जगहों को देखते हैं, हमारा अनुभव बढ़ता जाता है।
चिड़िया का अंडे से निकलना, घोंसले तक पहुँचना और फिर खुले आकाश में उड़ना, जीवन में आगे बढ़ने और नई बातें सीखने का प्रतीक है। यह हमें जिज्ञासु बनने, सीखते रहने और अपने अनुभवों का विस्तार करने की प्रेरणा देती है।
📚 सारांश
पाठ का संक्षिप्त सार
‘चिड़िया का गीत’ कविता में एक नन्ही चिड़िया अपने अनुभवों के माध्यम से संसार की विशालता को समझती है। पहले उसे अंडा, फिर घोंसला और बाद में शाखाएँ ही संसार लगती हैं। जब वह खुले आकाश में उड़ती है, तब उसे ज्ञात होता है कि संसार बहुत बड़ा है। कविता का संदेश है कि अनुभव और ज्ञान बढ़ने के साथ हमारी सोच भी व्यापक होती जाती है।

🌟 सीख

  • जीवन में नए अनुभव प्राप्त करने से हमारी समझ और ज्ञान बढ़ता है।
  • सीमित अनुभव के कारण संसार छोटा दिखाई देता है, लेकिन सीखने और आगे बढ़ने से उसकी विशालता का ज्ञान होता है।
  • हमें जिज्ञासु बनकर नई-नई बातें सीखते रहना चाहिए।
  • घर और परिचित वातावरण से बाहर निकलकर दुनिया को समझने का अवसर मिलता है।
  • लगातार प्रयास और अनुभव हमें अधिक समझदार तथा आत्मविश्वासी बनाते हैं।

📚 शब्दार्थ

शब्द अर्थ
आकार रूप, आकृति
संसार दुनिया, विश्व
घोंसला पक्षियों का घर
तिनका सूखी घास का छोटा भाग
तैयार बना हुआ
शाखा पेड़ की डाली
हरी-भरी हरियाली से युक्त
सुकुमार कोमल अंगों वाला
समझती ज्ञान प्राप्त करती
निकल गई बाहर आई
आखिर अंत में
आसमान आकाश
उड़ी पंखों से ऊपर गई
दूर तक बहुत आगे तक
पंख उड़ने के अंग
पसार फैलाना
बहुत बड़ा विशाल
शिशु छोटा बच्चा
अनुभव व्यावहारिक ज्ञान
परिवर्तन बदलाव
खोज ढूँढ़ना
चहचहाहट पक्षियों की मधुर आवाज़
कल्पना मन में बनाई गई सोच
खुला आकाश विस्तृत आसमान
विशाल बहुत बड़ा
ज्ञान सीख, समझ
जिज्ञासा जानने की इच्छा
प्रकृति नैसर्गिक वातावरण
विस्तार फैलाव
दृष्टिकोण सोचने का तरीका
प्रेरणा उत्साह देने वाली बात
आत्मविश्वास स्वयं पर विश्वास

📋 प्रश्नोत्तर

💬 बातचीत के लिए
अपने अनुभव साझा कीजिए।
1. पशु-पक्षियों के लिए घर आवश्यक है या नहीं? कारण भी बताइए।

हाँ, पशु-पक्षियों के लिए घर आवश्यक है। घर उन्हें सुरक्षा प्रदान करता है, मौसम की मार से बचाता है तथा उनके बच्चों के पालन-पोषण के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराता है।
2. आपके परिवार के सदस्य घर से बाहर क्यों जाते हैं?

मेरे परिवार के सदस्य नौकरी, व्यवसाय, पढ़ाई, खरीदारी तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए घर से बाहर जाते हैं।
3. जब परिवार के सदस्य बाहर जाते हैं या बाहर से आते हैं तो आपको कैसा लगता है और क्यों?

जब परिवार के सदस्य बाहर जाते हैं तो उनकी चिंता होती है और उनके लौटने पर खुशी होती है, क्योंकि हम उनसे प्रेम करते हैं और उनका साथ हमें अच्छा लगता है।
4. जब कोई अतिथि आपके घर आता है या आप किसी संबंधी के यहाँ जाते हैं तो आपको कैसा लगता है?

मुझे बहुत अच्छा लगता है। अतिथियों से मिलने और संबंधियों के यहाँ जाने पर नए अनुभव प्राप्त होते हैं तथा आपसी प्रेम और अपनापन बढ़ता है।
5. क्या आपको लगता है कि पक्षियों की तरह हम भी धीरे-धीरे बड़े होते हैं और फिर उनकी तरह ही संसार देखते हैं? अपने अनुभव साझा कीजिए।

हाँ, जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हमारा अनुभव और ज्ञान बढ़ता जाता है। हम नई-नई जगहें देखते हैं, नए लोगों से मिलते हैं और संसार को पहले की अपेक्षा अधिक अच्छी तरह समझने लगते हैं।
📋 कविता की बात
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
1 (क). घोंसले से संबंधित उपयुक्त वाक्यों को चिह्नित कीजिए।

✔ घोंसला पक्षियों का घर होता है।
✔ घोंसला सूखे तिनकों से बनाया जाता है।
✘ पक्षियों का घोंसला केवल पेड़ों पर होता है।
✔ कुछ पक्षियों का घोंसला हमारे घरों में भी होता है।
1 (ख). कविता में ‘अंडे जैसा था आकार’ का प्रयोग निम्नलिखित में से किसके लिए किया गया है?

✔ घर
1 (ग). ‘तब मैं यही समझती थी, बस इतना-सा ही है संसार’ इन पंक्तियों में ‘इतना-सा’ का अर्थ है—

✔ बहुत छोटा
2. नीचे दी गई कविता की पंक्तियों का मिलान उनके नीचे दी गई उपयुक्त पंक्तियों से कीजिए।

सबसे पहले मेरे घर का अंडे जैसा था आकार → तब मैं यही समझती थी, बस इतना-सा ही है संसार।

फिर मेरा घर बना घोंसला सूखे तिनकों से तैयार → तब मैं यही समझती थी, बस इतना-सा ही है संसार।

फिर मैं निकल गई शाखों पर हरी-भरी थीं जो सुकुमार → तब मैं यही समझती थी, बस इतना-सा ही है संसार।

आखिर जब मैं आसमान में उड़ी दूर तक पंख पसार → तभी समझ में मेरी आया, बहुत बड़ा है यह संसार।
✍️ सोचिए और लिखिए
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
1. चिड़िया को यह संसार कब-कब छोटा लगा?

चिड़िया को संसार तब छोटा लगा जब वह अंडे में थी, जब वह घोंसले में रहती थी और जब वह केवल पेड़ की शाखाओं तक ही पहुँच पाई थी। उस समय उसे लगता था कि वही पूरा संसार है।
2. खुले आकाश में उड़ते समय चिड़िया ने क्या-क्या देखा होगा जिससे उसे लगा कि संसार बहुत बड़ा है?

खुले आकाश में उड़ते समय चिड़िया ने पेड़, जंगल, खेत, नदियाँ, पहाड़, गाँव, नगर तथा अनेक प्रकार के जीव-जंतुओं को देखा होगा। इन्हें देखकर उसे लगा कि संसार बहुत बड़ा है।
3. प्रायः सुबह-शाम पक्षियों की चहचहाहट सुनाई देती है। ऐसा क्यों होता है?

सुबह पक्षी भोजन की खोज में निकलते हैं और शाम को अपने घोंसलों में लौटते हैं। इसी समय वे एक-दूसरे से संपर्क करते हैं और चहचहाते हैं, इसलिए उनकी आवाज़ अधिक सुनाई देती है।
📘 समझ और अनुभव
प्रश्न 1
जब कोई शिशु चिड़िया घोंसले से बाहर आती है तो उसे लगता है कि संसार बहुत बड़ा है। क्या आपको भी घर से बाहर निकलते समय ऐसा ही अनुभव होता है और क्यों?
उत्तर :
हाँ, मुझे भी ऐसा अनुभव होता है। जब मैं किसी नए स्थान पर जाता हूँ तो वहाँ नई-नई चीज़ें, बहुत से लोग और अलग-अलग दृश्य दिखाई देते हैं। तब लगता है कि संसार बहुत बड़ा और रोचक है।
प्रश्न 2
एक शिशु पक्षी की तरह आप भी धीरे-धीरे बड़े हो रहे हैं। अब तक आपमें भी कई परिवर्तन आए होंगे। नीचे दिए गए शीर्षकों के अनुसार अपने अंदर आए परिवर्तनों को लिखिए।
उत्तर :
शारीरिक परिवर्तन : मेरी ऊँचाई और ताकत बढ़ी है।

खान-पान में परिवर्तन : अब मैं पहले से अधिक पौष्टिक भोजन खाता हूँ।

गीत-संगीत : अब मैं कई गीत याद करके गा सकता हूँ।

रुचियों में परिवर्तन : मुझे पुस्तकें पढ़ना और नई बातें सीखना अच्छा लगता है।

चित्रकारी : अब मैं पहले से अधिक सुंदर चित्र बना लेता हूँ।

पढ़ना-लिखना : मेरी पढ़ने और लिखने की गति तथा समझ में सुधार हुआ है।

समझ में परिवर्तन : अब मैं सही और गलत में अंतर बेहतर ढंग से समझ पाता हूँ।

खेल : मैं नए खेल सीख गया हूँ और टीम के साथ खेलना पसंद करता हूँ।

नृत्य और अभिनय : विद्यालय के कार्यक्रमों में भाग लेने का आत्मविश्वास बढ़ा है।
प्रश्न 3
पहले चिड़िया को लगता था कि यह संसार बहुत छोटा है परंतु सच्चाई कुछ और ही थी। उस समय आपको कैसा लगा जब आपने इनमें से किसी एक को पहली बार देखा?
उत्तर :
जब मैंने पहली बार एक बड़ी नदी देखी तो मैं बहुत आश्चर्यचकित हुआ। उसका विशाल आकार और बहता हुआ जल देखकर मुझे लगा कि प्रकृति कितनी अद्भुत और विशाल है।
🖼️ चित्रों की भाषा
नीचे दिए गए चित्रों को ध्यान से देखिए। चित्र से मेल खाती कविता की कुछ पंक्तियाँ उदाहरण के रूप में दी गई हैं। अब कविता की उपयुक्त पंक्तियों से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
उत्तर :
सबसे पहले मेरे
घर का अंडे जैसा
था आकार।
💭 अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1
कविता की पंक्ति है— “आखिर जब मैं आसमान में, उड़ी दूर तक पंख पसार।” चिड़िया ने अंततः इतनी दूर तक उड़ान क्यों भरी होगी?
उत्तर :
चिड़िया ने अपने आसपास की दुनिया को देखने, नए स्थानों को जानने तथा भोजन की खोज करने के लिए दूर तक उड़ान भरी होगी। वह संसार के बारे में अधिक जानना चाहती होगी।
प्रश्न 2
पक्षी खुले आकाश में बहुत दूर तक उड़ते हैं। लंबी दूरी, हजारों पेड़ों और सैकड़ों घोंसलों के बीच पक्षी अपने घोंसले तक कैसे पहुँचते होंगे?
उत्तर :
पक्षी अपनी दिशा पहचानने की क्षमता, याददाश्त और प्राकृतिक संकेतों की सहायता से अपने घोंसले तक पहुँचते होंगे। वे सूर्य, पेड़ों और आसपास के वातावरण को पहचान लेते हैं।
प्रश्न 3
पक्षियों ने आकाश में उड़कर जाना कि संसार बहुत बड़ा है। हमारे पूर्वजों को यह बात कैसे पता चली होगी?
उत्तर :
हमारे पूर्वज दूर-दूर की यात्राएँ करते थे। वे जंगलों, नदियों, पहाड़ों और नए क्षेत्रों में जाते थे। अपने अनुभवों और खोजों से उन्होंने जाना होगा कि संसार बहुत विशाल है।
प्रश्न 4
जब आप कहीं बाहर जाते हैं तो घर के बड़े-बूढ़े आपको कुछ निर्देश देकर भेजते हैं। क्या पक्षियों के माता-पिता भी उन्हें उड़ने से पूर्व कुछ निर्देश देते होंगे? यदि हाँ, तो वे निर्देश क्या-क्या हो सकते हैं?
उत्तर :
हाँ, पक्षियों के माता-पिता भी उन्हें सावधानी से उड़ने, शिकारियों से बचने, भोजन ढूँढ़ने, बहुत दूर न जाने तथा समय पर घोंसले में लौट आने जैसे निर्देश देते होंगे।
🎨 गतिविधियाँ और अभ्यास
💭 कल्पना की उड़ान
हर कोई पक्षी बनकर आकाश में उड़ना चाहता है। कल्पना कीजिए कि आप भी खुले आकाश में उड़ रहे हैं। ऊपर से दिखाई देने वाले दृश्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
यदि मैं पक्षी बनकर आकाश में उड़ता, तो मुझे नीचे हरे-भरे खेत, ऊँचे-ऊँचे पहाड़, बहती नदियाँ, छोटे-छोटे घर और सड़कें दिखाई देतीं। ठंडी हवा बहुत अच्छी लगती। ऊपर से पूरा गाँव और शहर बहुत सुंदर दिखाई देता। मुझे ऐसा लगता जैसे मैं बादलों के साथ खेल रहा हूँ।
🔺 आकार-प्रकार
कविता में ‘अंडे जैसा था आकार’ का उल्लेख है। नीचे दिए गए चित्रों के नाम लिखिए।
उत्तर :
  1. वृत्त
  2. वर्ग
  3. आयत
  4. त्रिभुज
📖 भाषा की बात
1. ‘सुकुमार’ शब्द की तरह नए शब्द बनाइए और उनके अर्थ लिखिए।
उत्तर :
  • सु + योग्य = सुयोग्य — योग्य व्यक्ति
  • सु + यश = सुयश — अच्छा यश
  • सु + कर्म = सुकर्म — अच्छा कर्म
  • सु + वास = सुवास — अच्छी सुगंध
  • सु + दर्शन = सुदर्शन — सुंदर रूप वाला
2. रेखांकित शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्दों से रिक्त स्थान भरिए।
(क) सूखा और गीला कचरा अलग-अलग डिब्बों में डालो।

(ख) दिल्ली मेरे घर से दूर है लेकिन गुवाहाटी पास में है।

(ग) अनवर कब आया और कब गया, पता ही नहीं चला।

(घ) कोई भी काम न तो बड़ा होता है और न ही छोटा
3. नीचे दिए गए शब्दों से वाक्य बनाइए।
इतना-सा : मेरे हाथ में इतना-सा खिलौना है।

उतना-सा : उतना-सा काम मैं स्वयं कर सकता हूँ।

जितना-सा : जितना-सा भोजन चाहिए उतना ही लेना चाहिए।

कितना-सा : कितना-सा समय बचा है?
📚 पाठ से आगे
नीचे दिए पक्षियों के भोजन लिखिए।
पक्षी भोजन
बाज चूहे, छोटे पक्षी
हंस जलीय पौधे, दाने
तोता फल, बीज
बगुला मछली, मेंढक
कबूतर अनाज, दाने
उल्लू चूहे, कीट
🎨 कलाकारी
नीले आकाश में उड़ते हुए पक्षियों का चित्र बनाइए तथा समूह में गीत गाइए।
उत्तर :
यह गतिविधि विद्यार्थियों द्वारा स्वयं की जाएगी।
🎉 आनंदमयी गतिविधि
1. अक्षर जाल में पक्षियों के नाम खोजिए।
उत्तर :
  • नीलकंठ
  • कबूतर
  • बुलबुल
  • बाज
  • गौरैया
  • मैना
  • तोता
  • सारस
3. पहेलियों का उचित चित्रों से मिलान कीजिए।
  • पंखों में नाखून हूँ रखता… → चमगादड़
  • पत्तों जैसा उसका रंग… → तोता
  • नीड़ नहीं वह कभी बनाती… → कोयल
  • दिनभर सुत्ता नहीं दिखता… → उल्लू
⚡ बोलिए फटाफट
नीचे दी गई पहेलियों के उत्तर लिखिए।
1. परिवार हरा, हम भी हरे, एक थैली में तीन-चार भरे।
उत्तर : मटर

2. एक लाठी की अजब कहानी, उसके भीतर मीठा पानी।
उत्तर : गन्ना

3. एक पक्षी ऐसा, जिसकी दुम पर पैसा।
उत्तर : मोर

4. लाल डिबिया, पीले खाने, भीतर रखे मोती के दाने।
उत्तर : अनार

5. जाती हूँ मैं हर जगह, पर हिलती नहीं किसी भी तरह।
उत्तर : सड़क

📖 कार्यपुस्तिका

✍️ कविता की बात
प्रश्न 1
चिड़िया को कब समझ में आया कि यह संसार बहुत बड़ा है? सही विकल्प चुनें और नीचे दिए गए रिक्त स्थान में लिखें।

सही उत्तर : (घ) जब वह आसमान में दूर-दूर तक पंख पसार कर उड़ी।

चिड़िया को तब समझ में आया कि यह संसार बहुत बड़ा है, जब वह आसमान में दूर-दूर तक पंख पसार कर उड़ी।

प्रश्न 2
कविता की अधूरी पंक्तियों को पूरा कीजिए।

सबसे पहले मेरे घर का
अंडे जैसा था आकार।

तब मैं यही समझती थी
बस इतना-सा ही है संसार।

प्रश्न 3
कविता की पंक्तियों को सही क्रम में लिखिए।

सबसे पहले मेरे घर का अंडे जैसा था आकार।

तब मैं यही समझती थी बस इतना-सा ही है संसार।

आखिर जब मैं आसमान में उड़ी दूर तक पंख पसार।

तभी समझ में मेरी आया बहुत बड़ा है यह संसार।

प्रश्न 4
चिड़िया के अंडे से आसमान में उड़ने तक के विकास को दाहिनी तरफ क्रम में लिखिए।
  1. अंडे के रूप में होना।
  2. घोंसले में चूजे के रूप में जन्म लेना।
  3. घोंसले के आस-पास की डालियों पर फुदकना।
  4. खुले आसमान में दूर-दूर तक उड़ना।
✍️ सोचिए और लिखिए
प्रश्न 1
पक्षी अपना घोंसला किन-किन चीजों से बनाते हैं? सही विकल्प के सामने √ का निशान लगाइए।

✔ पेड़ की टहनियों से

✘ लोहे की छड़ों से

✔ सूखे तिनकों से

✔ रखी हुई रूई से

प्रश्न 2
जब पहली बार आप घर/गाँव/नगर से बाहर किसी नए स्थान पर गए, तब आपने क्या नया देखा? अपने शब्दों में लिखिए।

जब मैं पहली बार अपने गाँव से बाहर गया, तब मैंने बड़े-बड़े भवन, चौड़ी सड़कें, बहुत सारे वाहन और नई-नई जगहें देखीं। वहाँ की चहल-पहल देखकर मुझे बहुत आश्चर्य और खुशी हुई।

प्रश्न 3
पक्षी अपने निवास स्थान पर प्रायः सुबह-शाम चहचहाते रहते हैं। ऐसा क्यों होता है? सोचकर लिखिए।

पक्षी सुबह और शाम के समय अधिक सक्रिय रहते हैं। वे एक-दूसरे को अपनी उपस्थिति बताते हैं, भोजन खोजने के लिए निकलते हैं तथा अपने साथियों से संपर्क करते हैं। इसी कारण वे सुबह-शाम अधिक चहचहाते हैं।

✍️ समझ और अनुभव
प्रश्न 1
अपना अनुभव लिखिए। जब आपने पहली कक्षा में प्रवेश लिया था तो उस समय आपको —
(क) क्या-क्या अच्छा लगा था?

मुझे नया विद्यालय, रंग-बिरंगी पुस्तकें, नए मित्र और खेल का मैदान बहुत अच्छा लगा था।

(ख) क्या-क्या अच्छा नहीं लगा था?

मुझे घर से दूर रहना, लंबे समय तक कक्षा में बैठना और माता-पिता से अलग रहना अच्छा नहीं लगा था।

(ग) बच्चों और अध्यापकों के किन-किन क्रियाकलापों को देखकर अचंभा हुआ था?

मुझे बच्चों को मिल-जुलकर पढ़ते, कविता सुनाते और खेलते देखकर अचंभा हुआ था। अध्यापकों को पढ़ाते, चित्र बनाकर समझाते और अनुशासन बनाए रखते देखकर भी मुझे आश्चर्य हुआ था।

✍️ चित्रों की भाषा
प्रश्न 1
नीचे कुछ चित्र दिए गए हैं। पाठ्यक्रम के चित्र देखकर चिड़िया की विकास अवस्था लिखिए।
  1. अंडे के रूप में।
  2. घोंसले में चूजे के रूप में।
  3. डाली पर बैठी छोटी चिड़िया।
  4. आकाश में उड़ती हुई चिड़िया।
📝 शब्दों का चमत्कार
प्रश्न 1
नीचे दिए गए सर्वनाम शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य लिखिए।
  • मैं → मैं प्रतिदिन विद्यालय जाता हूँ।
  • मेरा → मेरा घर विद्यालय के पास है।
  • मेरे → मेरे मित्र बहुत अच्छे हैं।
  • मुझे → मुझे कहानी पढ़ना अच्छा लगता है।
  • तुम → तुम समय पर विद्यालय आओ।
  • यह → यह मेरा बस्ता है।
  • उसका → उसका खिलौना बहुत सुंदर है।
💭 अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1 (क)
मनुष्य की बोली की नकल करता है, हरे रंग का होता है, लाल चोंच होती है तथा फल, बीज आदि खाता है। बताइए यह कौन-सा पक्षी है?

यह पक्षी तोता है।

प्रश्न 1 (ख)
कई आकारों और रंगों में दिखाई देता है, पंखों और पेड़ों की पतली टहनियों से घोंसला बनाता है तथा बीज, फल और कीड़े खाता है। बताइए यह कौन-सा पक्षी है?

यह पक्षी गौरैया है।

प्रश्न 1 (ग)
काले रंग का होता है, काँव-काँव की आवाज़ करता है तथा अनाज, फल और कीड़े खाता है। बताइए यह कौन-सा पक्षी है?

यह पक्षी कौआ है।

प्रश्न 1 (घ)
रंग-बिरंगे पंखों वाला सुंदर पक्षी है, नृत्य करता है, भारत का राष्ट्रीय पक्षी है तथा छोटे जीव-जंतु खाता है। बताइए यह कौन-सा पक्षी है?

यह पक्षी मोर है।

🌈 कल्पना कीजिए और लिखिए
प्रश्न 2
खुले आकाश में पहली बार उड़ते समय चिड़िया ने क्या-क्या देखा होगा?

चिड़िया ने खुले आकाश में पहली बार उड़ते समय पेड़, खेत, नदी, तालाब, घर, सड़कें, बादल और दूर-दूर तक फैला संसार देखा होगा।

प्रश्न 3 (क)
पक्षी खुले आकाश में उड़ते-उड़ते बहुत दूर चले जाते हैं। शाम को लौटते समय वे अपने घोंसले कैसे ढूँढ़ते/पहचानते होंगे?

पक्षी अपने आसपास की जगहों, पेड़ों, दिशा और अनुभव की सहायता से अपना घोंसला पहचान लेते होंगे।

प्रश्न 3 (ख)
जब शिशु पक्षी घोंसले से बाहर जाने लगेंगे तो उनके माता-पिता उनसे क्या कहते होंगे?

उनके माता-पिता उन्हें सावधानी से उड़ने, खतरे से बचने और समय पर वापस लौटने की सीख देते होंगे।

प्रश्न 3 (ग)
आपने कुछ पक्षियों को चारा चुगते हुए देखा होगा। अनुमान लगाइए कि वे क्या-क्या खाते होंगे?

पक्षी दाना, अनाज, फल, बीज, कीड़े-मकोड़े तथा अन्य छोटे खाद्य पदार्थ खाते होंगे।

🎉 आनंदमयी गतिविधियाँ
प्रश्न 1 (क)
अपनी पसंद की चिड़िया की बोली बोलने का अभ्यास कीजिए।

उत्तर :

  • कौआ — काँव-काँव
  • कबूतर — गुटर-गूँ
  • गौरैया — चूँ-चूँ
  • तोता — टें-टें
  • कोयल — कू-कू
  • मोर — केहूँ-केहूँ
प्रश्न 1 (ख)
रंगों के आधार पर पक्षियों के नाम लिखिए।
  • हरा — तोता
  • काला — कौआ
  • मटमैला — गौरैया
  • सफेद — कबूतर
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