नीम (Neem)
‘नीम’(neem) एक सुंदर, प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक कविता है, जिसमें नीम के वृक्ष के गुणों, उपयोगिता तथा उसके परोपकारी स्वभाव का सरल और रोचक वर्णन किया गया है। कवि ने नीम को एक ऐसे मित्र के रूप में प्रस्तुत किया है जो बिना किसी स्वार्थ के सभी को लाभ पहुँचाता है।
कविता में बताया गया है कि नीम दिनभर लहराता और झूमता रहता है। उसकी शाखाओं पर चिड़िया, कौआ और तोता जैसे पक्षी बैठते हैं। नीम सभी जीवों को आश्रय देता है और अपने स्नेह से सबका मन मोह लेता है। उसका हरा-भरा रूप प्रकृति की सुंदरता को और बढ़ा देता है।
यह पाठ बच्चों को Nature Love (प्रकृति प्रेम), Environmental Awareness (पर्यावरण संरक्षण), Selfless Service (निःस्वार्थ सेवा) तथा Tree Conservation (वृक्ष संरक्षण) की प्रेरणा देता है। कविता यह संदेश देती है कि हमें भी नीम की तरह दूसरों के लिए उपयोगी बनना चाहिए।
इस Lesson में आपको Lesson Summary, Word Meaning, Question Answers, Workbook Solutions तथा विभिन्न Activities मिलेंगी, जो पाठ को सरल, रोचक और प्रभावी ढंग से समझने में सहायता करेंगी।

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📖 पाठ एवं सार
🌟 सीख
- हमें वृक्षों की रक्षा करनी चाहिए।
- नीम जैसे वृक्ष पर्यावरण को स्वच्छ रखते हैं।
- हमें निःस्वार्थ भाव से दूसरों की सहायता करनी चाहिए।
- प्रकृति और पर्यावरण से प्रेम करना चाहिए।
- वृक्ष मानव तथा जीव-जंतुओं दोनों के लिए उपयोगी हैं।
- अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर पृथ्वी को हरा-भरा बनाना चाहिए।
📚 शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| लहराता | हवा में झूमता हुआ |
| बलखाता | मटकता या इठलाता हुआ |
| नेह | प्रेम, स्नेह |
| जताता | प्रकट करता |
| रोग | बीमारी |
| भगाता | दूर करता |
| प्रदूषित | दूषित, गंदा |
| वायु | हवा |
| शुद्ध | स्वच्छ, साफ |
| तन | शरीर |
| मीठा | मधुर, अच्छा |
| झूमना | हवा में डोलना |
| बहलाना | प्रसन्न करना |
| डॉक्टर | चिकित्सक |
| औषधीय | दवा के रूप में उपयोगी |
| पर्यावरण | आस-पास का प्राकृतिक वातावरण |
| परोपकार | दूसरों की भलाई करना |
| स्वार्थ | अपना लाभ |
| आश्रय | रहने का स्थान |
| विशेषता | खास गुण |
| प्रेरणा | उत्साह देने वाली बात |
| संरक्षण | रक्षा करना |
| प्रकृति | नैसर्गिक संसार |
| लाभ | फायदा |
| सहायक | मददगार |
| निःस्वार्थ | बिना किसी स्वार्थ के |
| शाखाएँ | पेड़ की डालियाँ |
| पक्षी | उड़ने वाले जीव |
| मन बहलाना | मन को प्रसन्न करना |
| वृक्ष | पेड़ |
📋 प्रश्नोत्तर
• त्वचा रोग
• दाँतों के रोग
• फोड़े-फुंसियाँ
“चिड़िया, कौआ, तोता सबसे
अपना नेह जताता नीम”
(क) नीम का वृक्ष पक्षियों से अपना नेह किस प्रकार जताता है?
(ख) आपके परिवार के सदस्य और अध्यापक आपसे अपना नेह किस प्रकार जताते हैं?
(ख) मेरे परिवार के सदस्य और अध्यापक मेरी देखभाल करके, मुझे अच्छी बातें सिखाकर तथा मेरी सहायता करके अपना नेह जताते हैं।
“चले प्रदूषित वायु कभी तो
उसको शुद्ध बनाता नीम”
(क) ‘प्रदूषित वायु’ से आप क्या समझते हैं?
(ख) वृक्ष प्रदूषित वायु को कैसे शुद्ध बनाते हैं?
(ख) वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। वे धूल और प्रदूषण को भी कम करते हैं, इसलिए वायु शुद्ध होती है।
(क) “नीम का वृक्ष डॉक्टर नहीं है, फिर भी बहुत सारे रोगों को भगाता है।”
(ख) “नीम का वृक्ष दिनभर प्रसन्न रहता है।”
“नहीं डॉक्टर फिर भी देखो,
कितने रोग भगाता नीम।”
(ख)
“लहराता-बलखाता नीम,
दिनभर हँसता-गाता नीम।”
लौकी, बैंगन, फूलगोभी, प्याज, नाशपाती, अंगूर
पुल्लिंग :
आम, केला, कद्दू, अमरूद, आलू, टमाटर
• हँसना
• नेह जताना
• बलखाना
• गाना
• भगाना
आम → आम
बरगद → बरगद
पीपल → पीपल
धनिया → धनिया
तुलसी → तुलसी
केला → केला
बरगद : यह विशाल वृक्ष होता है तथा घनी छाया देता है।
पीपल : इसकी पत्तियाँ हृदय के आकार की होती हैं और यह अधिक ऑक्सीजन देता है।
कमल : इसकी पत्तियाँ गोल और चौड़ी होती हैं तथा पानी पर तैरती हैं।
पालक : इसकी पत्तियाँ भोजन के रूप में खाई जाती हैं और पौष्टिक होती हैं।
संकेत:
• नीम की पत्तियाँ छोटी तथा औषधीय होती हैं।
• आम की पत्तियाँ लंबी और हरी होती हैं।
• पीपल की पत्तियाँ हृदय के आकार की होती हैं।
• मेरी पत्तियों का आकार लंबा और रंग हरा होता है।
• मेरी पत्तियों के किनारे दाँतेदार होते हैं।
• मेरी पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाने से त्वचा रोग दूर होते हैं।
• मेरी कोमल टहनियाँ दाँत साफ करने के काम आती हैं। इसे दातून कहते हैं।
• मेरे फल को निंबौली कहा जाता है।
• मेरी पत्तियों का स्वाद कड़वा होता है।
• मेरी पत्तियों को सुखाकर अनाज में रखा जाता है।
• फाल्गुन मास में मेरी छटा देखने योग्य होती है।
• आओ, कभी मेरी डाल पर झूला झूलने का आनंद लो।
आप : हाँ नीम जी, मैं आपके पास झूला झूलने आया हूँ।
नीम : मुझे बहुत खुशी हुई। मेरी छाया में खेलो और आनंद लो।
आप : धन्यवाद! आप हमें शुद्ध वायु और ठंडी छाया देते हैं।
नीम : तुम भी पेड़-पौधों की रक्षा करना और नए पौधे लगाना।
आप : जी अवश्य, मैं पेड़-पौधों की देखभाल करूँगा।
रोगों को मैं दूर भगाता।
दातून, पत्ती, फल सब उपयोगी,
शुद्ध हवा भी मैं पहुँचाता।
बताओ मैं कौन हूँ?
• मेरा पौधा हरे रंग का है।
• इसकी पत्तियाँ सुंदर और ताजी हैं।
• यह पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहायता करता है।
• यह जीव-जंतुओं को आश्रय प्रदान करता है।
• यह भविष्य में बड़ा वृक्ष बनेगा।
📖 कार्यपुस्तिका
2. नींबू का पेड़
3. नीम का पेड़
4. जामुन का पेड़
2. आम
3. पीपल
4. बरगद
5. जामुन
(2) नीम के पेड़ पर झूला नहीं पड़ सकता है। ✘
(3) नीम के पेड़ पर भी पक्षी घोंसला बनाते हैं। ✔
(4) नीम का स्वाद कड़वा होता है। ✔
(2) अपना नेह जताता नीम
(3) चले प्रदूषित वायु कभी तो
(4) उसको शुद्ध बनाता नीम
2. दाँतों को स्वस्थ रखने में सहायक होता है।
3. घाव भरने में उपयोगी होता है।
4. कीटाणुओं को नष्ट करने में सहायक होता है।
जताता → बताता
तन → शरीर
डॉक्टर → चिकित्सक
मीठा → मधुर
वायु → पवन
लेना — देना
हँसना — रोना
अपना — पराया
सरल → सरलता
सुंदर → सुंदरता
सफल → सफलता
किसान — अन्न उगाता है।
डाकिया — चिट्ठियाँ पहुँचाता है।
पुलिसकर्मी — सुरक्षा प्रदान करता है।
2. नीम
3. गिलोय
4. एलोवेरा
2. फल
3. छाया
4. औषधियाँ
(2) इसकी पत्तियाँ, छाल और फल औषधि के रूप में उपयोग किए जाते हैं।
(3) यह पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहायता करता है।
2. दातून बनाने में उपयोग।
3. वायु को शुद्ध करने में सहायक।
4. छाया प्रदान करता है।

